Thursday, February 3, 2022

तेजी ग्रोवर की कविताएँ

 आज अपने प्रिय कवि में बात करेंगे कवियत्री तेजी ग्रोवर  की। तेजी , भाषा की नयी मुहावरे गढ़ने ‌वाली एक अच्छी कवियत्री होने के साथ एक कथा लेखिका,अनुवादक और चित्रकार हैं। उन्हें 1950 के बाद पैदा हुए पीढ़ियों में हिंदी कविता में एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में माना जाता है।  उन्होंने ने हिन्दी में कई स्कैंडिनेवियाई एवं अन्य विदेशी और भारतीय लेखकों की रचनाओं का अनुवाद किया है।


 कवियत्री तेजी ग्रोवर  पारम्परिक ‌बिम्बों के साथ फैंटसी और वास्तविकता के मिश्रण से सर्वथा एक नई मुहावरा गढ़ती हुइ कविता में अतित से शुरू कर ‌वर्तमान के गलियों से होते हुए भविष्य की तरफ बढ़ती है। वह प्रेम के अतीन्द्रिय अनुभवों , समसामयिक विषयों और त्रासदियों को केवल वर्तमान नहीं वरण  अतित और भविष्य  के वरक्स ‌भी देखने की कोशिश करती   है और ऐसा करते हुए जन्म, मृत्यु और इससे इतर मानवीय चेतना के सुक्ष्म तरंगों को भी आत्मसात करतीं है।


जन्म 1955

 जन्म स्थान पठानकोट, पंजाब, भारत

 कुछ प्रमुख कृतियाँ

यहाँ कुछ अंधेरी और तीखी है नदी (1983), जैसे परम्परा सजाते हुए (1982), लो कहा साँबरी (1994)

 जीवन परिचय

तेजी ग्रोवर 

कविता संग्रह

यहाँ कुछ अंधेरी और तीखी है नदी / तेजी ग्रोवर

लो कहा साँबरी / तेजी ग्रोवर (1994)

अन्त की कुछ और कविताएँ / तेजी ग्रोवर (2000)

मैत्री / तेजी ग्रोवर


प्रतिनिधि कविताएँ


क्या मालूम है तुम्हें / तेजी ग्रोवर


नीलमणि मुख पोखर में खड़ा सूर्य / तेजी ग्रोवर

जिस भी सेमल की छीम्बी से उडती है वह / तेजी ग्रोवर

भाषा के साथ खेल सकते हो / तेजी ग्रोवर

तुमने एक फूल को देख लिया है / तेजी ग्रोवर

पूरा हो चुका चाँद / तेजी ग्रोवर

अभी टिमटिमाते थे / तेजी ग्रोवर

क्या यही मिला है / तेजी ग्रोवर

कभी वह उतरती है बिम्ब में / तेजी ग्रोवर

बेतरह आँख पोंछता है / तेजी ग्रोवर

मीलों-मील बँधी हुई धूप में / तेजी ग्रोवर

सरक आती है कान की प्याली में / तेजी ग्रोवर

ऊँघतीं हैं दोपहर की कच्ची डगार से / तेजी ग्रोवर

बहुरंगी छींट की खाल में / तेजी ग्रोवर

पर्वतों के नील से किसक रही है / तेजी ग्रोवर

मालूम नहीं इच्छा होती है जब / तेजी ग्रोवर

रात आई और अदृश्य में डूब गए / तेजी ग्रोवर

अपने फूलों की दहक से / तेजी ग्रोवर

क्षण के उस नामालूम अंश में / तेजी ग्रोवर

प्रतीक्षा करो या न करो / तेजी ग्रोवर


पगली


तेरे सपने में थोड़े हूँ पगली 


मैं तो बैठा हूँ 


टाट पर 


सजूगर 


अचार भरी उँगलियाँ चाटता हुआ 


मैं टाट पर थोड़े हूँ पगली 


झूलती खाट में 


सो रहा हूँ तेरे पास 


इतना पास 


कि तेरा पेट गुड़गुड़ाया 


तो मैंने सोचा मेरा है 


भोर तक यहीं हूँ पगली 


तू साँस छोड़ेगी 


तो भींज उठेंगी मेरी कोंपलें 


मेरी खुरदरी उँगलियाँ 


नींद की रोई तेरी आँखों पर 


काँप-काँप जाएँगी 


और तू 


झपकी भर नहीं जगेगी रात में 


मैं जा रहा हूँ पगली 


तेरे खुलने से पहले 


उजास में घुल रही है मेरी आँख 


छूना मटका तो मान लेना 


मैं आया था 


घोर अँधेरे तपते तीर की तरह आया था 


रात भर प्यासा रहा। दो।


तेरे सपने में थोड़े हूँ पगली 


मैं तो बैठा हूँ 


टाट पर 


सजूगर 


अचार भरी उँगलियाँ चाटता हुआ 


मैं टाट पर थोड़े हूँ पगली 


झूलती खाट में 


सो रहा हूँ तेरे पास 


इतना पास 


कि तेरा पेट गुड़गुड़ाया 


तो मैंने सोचा मेरा है 


भोर तक यहीं हूँ पगली 


तू साँस छोड़ेगी 


तो भींज उठेंगी मेरी कोंपलें 


मेरी खुरदरी उँगलियाँ 


नींद की रोई तेरी आँखों पर 


काँप-काँप जाएँगी 


और तू 


झपकी भर नहीं जगेगी रात में 


मैं जा रहा हूँ पगली 


तेरे खुलने से पहले 


उजास में घुल रही है मेरी आँख 


छूना मटका तो मान लेना 


मैं आया था 


घोर अँधेरे तपते तीर की तरह आया था 


रात भर प्यासा रहा। 


बेतरह‌आंख पोछता है

________________

बेतरह आंख पोछता है

इस क्षण का ईश्वर

(आँसू 


प्याज़ के?) 


ऐश्वर्य में 


उसे भी नहीं मालूम 


वह भी नहीं जानता 


प्रतीक्षा है वह 


जिसकी प्रतीक्षा 


होना अभी शेष है 


शेष है 


अभी इस नक्षत्र पर।

Wednesday, February 2, 2022

बन्द मुठ्ठी लाख की !!*/+कृष्ण मेहता

 *


एक समय एक होलकर राज्य में  राजा ने घोषणा की कि वह राज्य के शिव मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए अमुक दिन जाएगा।

 *इतना सुनते ही  मंदिर के पुजारी ने मंदिर की रंग रोगन और सजावट करना शुरू कर दिया, क्योंकि राजा आने वाले थे। इस खर्चे के लिए उसने सर सेठ हुकम चंद जी से  ₹6000/- का कर्ज लिया ।*

 नियत तिथि पर राजा मंदिर में दर्शन, पूजा, अर्चना के लिए पहुंचे और पूजा अर्चना करने के बाद आरती की थाली में *चार आने दक्षिणा* स्वरूप रखें और अपने महल में प्रस्थान कर गए !

 पूजा की थाली में चार आने देखकर पुजारी बड़ा नाराज मन ही मन हुआ, उसे लगा कि राजा जब मंदिर में आएंगे तो काफी दक्षिणा मिलेगी पर चार आने !!

*बहुत ही दुखी हुआ कि कर्ज कैसे चुका पाएगा, वह सर सेठ हुकम चंद जी के पास गया और उनसे उपाय पूछा हुकम चंद सेठ एक उपाय सोचा ! ओर पुजारी जी को कान में बता दिया!!*पुजारी जी ने अगले दीन पुरे इंदौर में ढिढोरा पिटवाया की राजा की दी हुई वस्तु को वह नीलाम कर रहा है।

 नीलामी पर उसने अपनी मुट्ठी में चार आने रखे पर मुट्ठी बंद रखी और किसी को दिखाई नहीं।

 *लोग समझे की राजा की दी हुई वस्तु बहुत अमूल्य होगी इसलिए बोली हुकमचंद सेठ ने  रु10,000/- से शुरू की*

*रु 10,000/- की बोली बढ़ते बढ़ते रु50,000/- तक पहुंची और पुजारी ने वो वस्तु फिर भी देने से इनकार कर दिया।* यह बात राजा के कानों तक पहुंची ।

राजा ने अपने सैनिकों से पुजारी को बुलवाया और पुजारी से निवेदन किया कि वह मेरी वस्तु को नीलाम ना करें मैं तुम्हें रु50,000/-की बजाय *सवा लाख रुपए* देता हूं और इस प्रकार राजा ने *सवा लाख रुपए देकर अपनी प्रजा के सामने अपनी इज्जत को बचाया  !*

तब से यह कहावत बनी *बंद मुट्ठी सवा लाख की खुल गई तो खाक की !!*

*यह मुहावरा आज भी प्रचलन में है।*

2022 के प्रदोष व्रत और पूजा मुहूर्त।*

 *प्रस्तुति - कृष्ण मेहता


15 जनवरी, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत। 

पूजा मुहूर्त- शाम 05:46 बजे से रात 08:28 बजे तक।



30 जनवरी, रविवार- रवि प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 05:59 बजे से रात 08:37 बजे तक।

14 फरवरी, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:10 बजे से रात 08:28 बजे तक।



28 फरवरी, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:20 बजे से रात 08:49 बजे तक।

15 मार्च, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:29 बजे से रात 08:53 बजे तक।


29 मार्च, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत.

पूजा मुहूर्त- शाम 06:37 बजे से रात 08:57 बजे तक.


14 अप्रैल, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:46 बजे से रात 09:00 बजे तक।

28 अप्रैल, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:54 बजे से रात 09:04 बजे तक।


13 मई, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 07:04 बजे से रात 09:09 बजे तक।

27 मई, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 07:12 बजे से रात 09:14 बजे तक।


12 जून, रविवार- रवि प्रदोष व्रत.

पूजा मुहूर्त- शाम 07:19 बजे से रात 09:20 बजे तक।


26 जून, रविवार- रवि प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 07:23 बजे से रात 09:23 बजे तक।


11 जुलाई, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

 पूजा मुहूर्त- शाम 07:22 बजे से रात 09:24 बजे तक।


25 जुलाई, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 07:17 बजे से रात 09:21 बजे तक।


09 अगस्त, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत.

पूजा मुहूर्त- शाम 07:06 बजे से रात 09:14 बजे तक।


24 अगस्त, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:52 बजे से रात 09:04 बजे तक।


08 सितंबर, गुरुवार- गुरु प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:35 बजे से रात 08:52 बजे तक।


23 सितंबर, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:17 बजे से रात 08:39 बजे तक।


07 अक्टूबर, शुक्रवार- शुक्र प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:00 बजे से रात 08:28 बजे तक।


22 अक्टूबर, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 06:02 बजे से रात 08:17 बजे तक।


05 नवंबर, शनिवार- शनि प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 05:33 बजे से रात 08:10 बजे तक।


21 नवंबर, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 05:25 बजे से रात 08:06 बजे तक।


05 दिसंबर, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 05:24 बजे से रात 08:07 बजे तक।


21 दिसंबर, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत।

पूजा मुहूर्त- शाम 05:29 बजे से रात 08:13 बजे तक।

प्रगति गुप्ता की कहानियों पर चित्रा मुदगल की टिप्पणी

 हमारी वरिष्ठ प्रख्यात लेखिका चित्रा मुद्गल  दीदी का कुछ दिन पूर्व मेरे पास फ़ोन आया।  वह दिन मेरे लिए एक सुंदर स्मृति बन गया।   कहानियों पर उनके विचारों ने न सिर्फ़ मेरा उत्साहवर्धन किया बल्कि उन्होंने अपना आशीर्वाद और असीम स्नेह लिख कर भी भेज दिया जो मेरे लिए अमूल निधि है।

😇🙏


प्रिय  प्रगति

आशीष

'स्टेपल्ड् पर्चियां', मधुर व्यक्तित्व की धनी प्रगति गुप्ता का भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित नया कथा संकलन है । प्रगति की कई कहानियां मैंने पहले भी पढ़ी  हैं और यदा-कदा उसकी कविताएं भी।  प्रगति की रचना शीलता से गुजरते हुए मैंने सदैव यह महसूस किया है कि वह अपने परिवर्तित समय काल की जागरूक अभिव्यक्ति कार ही नहीं है बल्कि वर्तमान समाज में बदलती जीवन शैली से उपजे अनेक नए संक्रमणों के दबावों और उनसे उपजी सामाजिक विसंगतियों की निरुत्तर कर देने वाली घुटन और परिणीतिओं की मारक प्रहारात्मकता को बड़ी संजीदगी और कुशलता के साथ रेखांकित करने वाली गंभीर लेखिका है कि उस रचना से गुजरते हुए आप अचंभित हुए बिना नहीं रहते । आपको लगता है, आप अनायास उन पात्रों की जगह जा बैठे हैं। उन स्थितियों में उस पीड़ा से गुजर रहे हैं,  उन्हें झेल रहे हैं । जाहिर है यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आखिर नए उपजे इन संक्रमणओं के लिए जिम्मेदार कौन है?

 प्रगति की रचना शीलता में मैं और और प्रगति देखना चाहती हूं। बड़ी संभावना उसके भीतर पैंठी हुई है । कामना है कि प्रगति उस उत्कर्ष को छुए और हिंदी साहित्य में अपने विशेष रचना शीलता को रेखांकित करते हुए विशेष प्रतिष्ठा अर्जित करें जिसकी वह अधिकारिणी  है।

भविष्य में तुम्हारी जैसी बड़ी संभावनाओं को लेकर में कुछ लिख सकूंगी तो मुझे परम खुशी होगी।


चित्रा मुद्गल

29/1/2022

दिल्ली

: आत्मीय मित्र हंसादीप की कहानी संग्रह "स्टेपल्ड पर्चियाँ" की समीक्षा। सभी मित्रों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी। लिंक पर जाकर आप समीक्षा पढ़ पाएंगे।

😇🙏

https://www.setumag.com/2022/01/Stapled-Parchiyan-Pragati-Gupta.html

Tuesday, February 1, 2022

राधास्वामी

🌹🙏 राधास्वामी🙏🌹

आज घड़ी अति पावन भावन।

राधास्वामी आये जक्त चितावन।।।

जाके गिरह प्रेम पद धारन।

तिस जीवन का करे उद्धारन।।


🌹🙏राधास्वामी🙏🌹


: *🌹🌹राधास्वामी जीव उद्धार करेंरी ।

राधास्वामी संत औतार धरें  री ।।

राधास्वामी अतिकर दयाल हुए री ।

राधास्वामी दया जम काल मुए री ।।

 राधास्वामी गुन गाऊँ नित नित री ।

राधास्वामी मात हुए और पित री ।।


(परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज पावन जन्मदिन व पावन भंडारा समस्त सतसंग जगत व प्राणीमात्र को बहुत बहुत बधाई ।।🌹🌹**)




🙏🌹👏Radhasoami 👏🌹


🙏गुरू चरनन में बासा चाहत,

जग जीवन से नाता तोड.;

गुरूसेवा लगे अति प्यारी,

प्रेम रगं भीजत सरबोर;

राधास्वामी दया काज हुआ पूरा,

काल करम सिर दीना फोड़।


🙏🌹👏Radhasoami 👏🌹🙏🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿🙏🏿


eye to eye contact

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आज शाम खेतों की छुट्टी के बाद जब Gracious Huzur गाड़ी में बैठ गए और सुपरमैन Phase I का मार्च पास्ट शुरू हो गया, तो फरमाया - "eye to eye contact करें, उससे pure spiritual gain होता है।"


फिर फरमाया - "जो लोग यहां physically

 मौजूद नहीं हैं, उनके सामने जो फोटो है, उसमें आंखों में देखें। गुरू महाराज की फोटो में भी उनकी आंखों में देखें। ऊपर जाने का रास्ता आपकी आंखों के बीच से है। वो आपके बस की बात नहीं है। गुरू महाराज ही आपको ले जाएंगे, अपनी गोद में बैठा कर। धुर धाम तक।"


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हुज़ूर साहब जी महाराज की जीवनी पर क्विज

 https://forms.gle/pCpvbPhiLndRq4jp8


[ *राधास्वामी*


 यह quiz  परम गुरू  हुज़ूर साहबजी महाराज की जीवनी पर आधारित है। आप सभी को विदित है कि यह quiz सभी के लिये है, age की कोई restrictions नहीं हैं। ब्रांच के सभी मैम्बर्स इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें घर में जितने सदस्य हैं सभी हिस्सा लें।

यह हिंदी एवं english दोनों भाषाओं में है। *आपको सही उत्तर भी मिल* *जायेगा।* जब आप submit करेंगे, उसके बाद आपको view score click करना है।.

जिससे आपको अपने marks एवम् कौन सा उत्तर गलत है, क्या सही है सब पता चल जाएगा।  किसी और को आपके नंबर नहीं पता लगेंगे। इसलिए बेझिझक कोशिश करें *

Link branch grid पर आज 1st February 2021 से 10th February को शाम 9 pm  तक उपलब्ध होगा।* आप चाहें तो *एक  से ज्यादा बार attempt* कर सकते।


आप सबसे निवेदन है कि इसमें ज़रूर हिस्सा लें। चाहें तो दूसरे ब्रांच में भी forward कर सकते हैं।

पूज्य हुज़ूर का निर्देश

  कल 8-1-22 की शाम को खेतों के बाद जब Gracious Huzur, गाड़ी में बैठ कर performance statistics देख रहे थे, तो फरमाया कि maximum attendance सा...