(GH Discussion with Children on CRC Annual Function on 31-3-2013 )
पूज्य हुजूर ने बच्चो से कहा . आप सब खाइये , मै देखूगा कि कौन ज्यादा चाव से खाता है , फिर पूछा- यह कौन खा रहा तुम कौन हो ?
एक बच्चे ने कहा सुभाष यादव , हुजूर ने फरमाया नहीं सुभाष यादव , तो किसी ने नाम रख दिया है । यह जो तुम बोल रहे हो वह कौन बोल रहा ?
मन , मस्तिष्क या कोई और ?
एक बच्चे ने कहा मन l
हुजूर ने फरमाया नहीं ! मन के अन्दर जो छिपा हुआ है , वह किसी दूसरे बच्चे ने कहा – मालिक हुजूर ने खुश हो कर कहा सभी मालिक के अंश हैं ।
राधास्वामी मत की खोज क्या है ? यही तो कि कौन है अन्दर ? मालिक का एक अंश आप को अब कभी भी डर लगे तो राधास्वामी नाम लीजिये , डर गायब हो जायेगा ।
. यदि कभी मार पिटाई हो रही है आप घबराते हैं तो राधास्वामी नाम लीजिये तो मार पिटाई कम होगी या बिल्कुल भी मार पिटाई नहीं होगी।
यह भी फरमाया- " दुख में सुमिरन सब करे सुख में करे न कोय जो सुख में सुमिरन करे तो दुख कोहे को होय " अगर सुख में भी सुमिरन करें तो दुख होगा ही नहीं । राधास्वामी
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