*अपने मन को हमेशा सुमिरन में लगाए रखो । क्या इसमें कुछ ख़र्च होता है ? हर समय नाम का सुमिरन करते रहो , जैसे छोटे बच्चे एक , दो , तीन , चार दोहराते रहते हैं । सुमिरन एक बहुत बड़ी ताक़त है । सिर्फ सुमिरन से ही हमारे अंदर संकल्प शक्ति का विकास हो सकता है । सुमिरन धीरज और दृढ़ता के साथ , बिना रुके करते रहना चाहिए । यह लगातार , बिना रुके , अटूट रूप से निरंतर चलता रहना चाहिए ।।*
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