Monday, September 7, 2020

सावधानी बरतें सावधान.

 ●●ज़रूरी सूचना◆◆        

   **देखने में आया है jackal यानी सियार का प्रोकाब बहुत बढ़ गया है।पहले यह समझा जाता था कि यह डर कर भाग जाएंगे।आप लाठी डंडा दिखाएंगे torch दिखाएंगे तो भाग जाएंगे ।ऐसा होता तो जरूर है। लेकिन जब लापरवाही होती है तो यह agresssive हो जाते हैं।दो हादसे ऐसे हुए है के एक भाई साहब गाड़ी के अंदर पैर खिड़की के बाहर निकाल कर थोड़ा आराम कर रहे थे दो चार गाड़ीया और भी खड़ी थी ट्रेक्टर भी चल रहा था।कहने का मतलब है कि बहुत लोग मौजूद थे लेकिन एक jackal निकल कर आया।उसने उनका जो बाहर निकला हुआ पैर था उसको पकड़ लिया।सिर्फ काटा ही नहीं उसकी tendency थी कि उसको खींच कर ले जाने की**

**दूसरा हादसा हुआ है डेरी बाग़ के area में जहां पर सात बजे का टाइम था।पहला हादसा सुबह 9.30 पर हुआ अब ये समझने की चीज है कि यह दिन और रात का मामला नहीं है और जो डेरी बाग़ में हादसा हुआ है।जो लड़का था वो अपना रात का खाना खाकर और बरांडे में खड़ा हुआ था और लाइट भी जल रही थी। लेकिन unnotice तरीके से एक jackal वाहा आया। उसके पैर को पकड़ लिया tendency वहीं थी उसे खींच  कर ले जाने कि इस background के साथ आपको सलाह दी जाती है कि जब आप खेतो में आते है तो मेहरबानी कर के आप सभी के पास torch होनी चाहिए काम करते समय थोड़ी थोडी देर में आप टॉर्च की मदद से  आपने area को search करते रहे और हर एक के पास लाठी जरूर होनी चाहिए।आपके सेल्फ डिफेंस measure आपको मजबूत कर देंगे क्यूकी area of operation इतना बड़ा होता है कि security volunteer हर जगह खड़े नहीं हो सकते अगर खड़े होते है तो भी वो इतने effective नहीं हो पाएंगे जब तक आपका self defence मजबूत नहीं होगा** 

**सुपरमैन स्कीम के बच्चो को खास सलाह दी जाती है और parents को भी की आप बच्चो को मेहरबानी करके अकेले ना छोड़े देखिए tendency jackal कि यह होती है कि सिर्फ काट कर ही नहीं drag करके ले जाने की कोशिश करते हैं छोेट बच्चे इसको बिल्कुल resist नहीं कर पायेंगे।बच्चो के जो incharges है बराबर पैरेंट्स को remind करवाते रहे कि ऐसी कोई हानि ना हो पायें।** 

**दूसरी चीज़ यह है कि आप जब खेतों में आते है मेहरबानी करके आपने torch का भरपूर इस्तेमाल करिए। लाईट से यह ज़रूर है कि यह जानवर आपके पास नहीं आयेंगे और थोड़ी थोडी देर में area को search करते रहिये। 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

Sunday, September 6, 2020

बुद्धि की ख्याति

 

बुद्धि  की ख्याति 

एक गाँव में *एक कायस्थ परिवार* रहता था, उसकी बुद्धि की ख्याति दूर दूर तक फैली थी। 


एक बार वहाँ के राजा ने उसे चर्चा पर बुलाया। काफी देर चर्चा के बाद राजा ने कहा – 


“महाशय, आप बहुत ज्ञानी है, इतने पढ़े लिखे है पर आपका लड़का इतना मूर्ख क्यों है ? उसे भी कुछ सिखायें। 


उसे तो *सोने चांदी* में मूल्यवान क्या है यह भी नहीं पता॥” यह कहकर राजा जोर से हंस पड़ा.. *कायस्थ* को बुरा लगा, वह घर गया व लड़के से पूछा “सोना व चांदी में अधिक मूल्यवान क्या है ?” 

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*सोना*, बिना एक पल भी गंवाए उसके लड़के ने कहा।


“तुम्हारा उत्तर तो ठीक है, फिर राजा ने ऐसा क्यूं कहा-? सभी के बीच मेरी खिल्ली भी उड़ाई।” 

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लड़के के समझ मे आ गया, वह बोला “राजा गाँव के पास एक खुला दरबार लगाते हैं, 


जिसमें सभी प्रतिष्ठित व्यक्ति  शामिल होते हैं। यह दरबार मेरे स्कूल जाने के मार्ग मे ही पड़ता है। 

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मुझे देखते ही बुलवा लेते हैं, अपने एक हाथ में सोने का व दूसरे में चांदी का सिक्का रखकर, जो अधिक मूल्यवान है वह ले लेने को कहते हैं...


और मैं चांदी का सिक्का ले लेता हूं। सभी ठहाका लगाकर हंसते हैं व मज़ा लेते हैं। ऐसा तक़रीबन हर दूसरे दिन होता है।” 

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“फिर तुम सोने का सिक्का क्यों नहीं उठाते, चार लोगों के बीच अपनी फजिहत कराते हो व साथ मे मेरी भी❓”

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लड़का हंसा व हाथ पकड़कर पिता  को अंदर ले गया 


और कपाट से एक पेटी निकालकर दिखाई जो चांदी के सिक्कों से भरी हुई थी। 

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यह देख कर *उस बालक के पिता* हतप्रभ रह गया। 

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लड़का बोला “जिस दिन मैंने सोने का सिक्का उठा लिया उस दिन से यह खेल बंद हो जाएगा। 


वो मुझे मूर्ख समझकर मज़ा लेते हैं तो लेने दें, यदि मैं बुद्धिमानी दिखाउंगा तो कुछ नहीं मिलेगा। कायस्थ का बेटा हूँ अक़्ल से काम लेता हूँ 


मूर्ख होना अलग बात है 

और मूर्ख समझा जाना अलग.. 


स्वर्णिम मॊके का फायदा उठाने से बेहतर है, हर मॊके को स्वर्ण में तब्दील करना। 

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 *चित्रांश* *को भगवान के द्वारा  बुद्धि दिया गया है।*

इस पे शक मत करना!!


     इस पोस्ट को सिर्फ *चित्रांश परिवार* को ही भेजना  ।।

*चित्रगुप्त जी महाराज की जय।

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सुमिरन

 सुमिरन  सिमरन 

जब मालिक के भजन सिमरन में बैठते है*


तो हमे अपनी पूरी सुरति उनके दिव्य दर्शन पर केंद्रित करनी चाहिए।हम भजन में बैठे कर,करबद्ध हो कर मालिक का नैन मूँद कर आवाहन करते हैऔर वह आ कर हमारें मस्तक पर विराजमान होते है।ऐसे मेंहमरि सुरति कहीं भटकती है तो उसको एकाग्र करने का प्रयत्न करना होगा क्योंकि हीरा छोड़ कर कंकर की तरफ धयान नहीं होना चाहिये।धीरे धीरेसुरती की और मालिक की दोस्ती हो जाती है और आपका सिमरन इतनागहरा हो जाता है किआप इस नश्वर संसार मेंअपना अस्तित्व भूल जाते हो।गुरुमुखो!भजन सिमरन में बहुत गहराइ है जरुरत है सिर्फ नियम मेंबंधने की,फिर दिन रात का प्रत्येक क्षण मालिककी बंदगी के लिए कम और अधूरा है तेरी इस असार दुनिया का क्या करूँ मालिक जिसमे तेरे दर्शन दीदार नाम का सार नहीं मुझे दे दे बंदगी की वह खिदमत जिसमे सिर्फ तू ही तू हो ,इस झूठी दुनिया का हिसाब नहीं।.

[9/6, 14:37] +91 94162 65214: सिमरन सिमरन सब करे,

 सिमरन करे ना कोए।

 जो तन मन से सिमरन करे,

 वो ही सतगुरु का होए।


 एक रूह जिसे पूर्ण सतगुरु द्वारा नामदान मिला होता है। जब वह शरीर को छोड़ती है तो काल के दरबार में उसे पेश किया जाता है। उस बक्त सतगुरु अपनी रूह को लेने आ जाते हैं।  सतगुरु और काल में वकालत होती है। काल सतगुरु से कहता है कि आपकी रूह ने भजन सिमरन तो किया है लेकिन मन से नहीं किया है। सतगुरु कहते हैं कि मन से मेरा कोई मतलब नहीं है । मन तो तेरा है। मुझे मेरी रूह से  मतलब है। रूह ने मेरा हुक्म माना है व भजन सिमरन पर बैठी है। सतगुरु के हुक्म के पीछे राज होता है। इसीलिए सतगुरु हमें अपने सत्संगों में बार-बार समझाते हैं कि मन लगे या ना लगे आपको हर हालत में भजन सिमरन पर घड़ी दो घड़ी बैठना ही है। हमें भी अपने सतगुरु पर पूर्ण विश्वास करना है। सांसारिक वस्तुओं की अभिलाषा को समाप्त करते हुए गुरु के हुक्म के अनुसार अधिक से अधिक समय भजन सिमरन को देना है।

दयालबाग़ सतसंग 06/09

 **राधास्वामी!! 06-09-2020- 

आज शाम के सतसंग में पढे गये पाठ

-                             

 (1) पूरन भक्ति देव गुरु दाता। सुरत रहे तुम चरनन साथा।।-(सुन्न सिखर चढ तन मन वारूँ।चन्द्र चाँदनी चौक निहारुँ।। ) (प्रेमबानी-3-शब्द-19,पृ.सं.362)   

                                    

 (2) गुरु का संग मोही मिलिया कोई बड भाग जागा है। जगत का संग मन तजिया चरन में गुरु के लागा है।।-(चरन सेवक मेरे गुरु के सभी इक दिन यह गति पावें। परम गुरू राधास्वामी दाता उन ही यह भेद भाखा है।। ) (प्रेमबिलास-शब्द48,पृ.सं.60)                                                

(3) यथार्थ प्रकाश-भाग पहला-कल से आगे।           

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**



**राधास्वामी!! 

आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-

 कल से आगे-( 101)-


 वह धर्मानुसार और परिश्रम -द्वारा उपार्जित धन के कल्याणकर गुणों से अभिज्ञ होने के कारण अपने पसीने की कमाई में निर्वाह करता है और उसका एक अंश अपनी प्रमार्थी आवश्यकताओं पर खर्च करता है। 

और जो कि उसे अधिक चिकने -चुपडे आहार करने और चमक-दमक के वस्त्र पहनने का व्यसन नहीं है इसलिए वह अपनी थोड़ी सी आमदनी ही में सुखी रहता है। 

मदिरा माँस आदि हानिकर वस्तुओं के व्यवहार और मन के विकारी अंगों में बर्ताव के परिहार से उसकी आवश्यकताएँ परिमित और चिंताएँ शांत रहती है । एवं सतगुरु और कुलमालिक के चरणो के प्रेम का स्रोत खुल जाने से वह निरंतर प्रफुल्लित रहता है।।      

                              

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻 यथार्थ प्रकाश-भाग पहला- 

परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज!**


Saturday, September 5, 2020

आज का दिन मंगलमय हो

  प्रस्तुति। - कृष्ण मेहता


. ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 06 सितम्बर 2020*

⛅ *दिन - रविवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*

⛅ *शक संवत - 1942*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - शरद*

⛅ *मास - अश्विन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - भाद्रपद*

⛅ *पक्ष - कृष्ण* 

⛅ *तिथि - चतुर्थी शाम 07:06 तक तत्पश्चात पंचमी*

⛅ *नक्षत्र - अश्विनी 07 सितम्बर प्रातः 05:24 तक तत्पश्चात भरणी*

⛅ *योग - वृद्धि शाम 03:38 तक तत्पश्चात ध्रुव*

⛅ *राहुकाल - शाम 05:03 से शाम 06:36 तक* 

⛅ *सूर्योदय - 06:24* 

⛅ *सूर्यास्त - 18:48* 

⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - चतुर्थी का श्राद्ध*

 💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

💥 *रविवार, श्राद्ध और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *पितरों का उद्धार* 🌷

🙏🏻 *भगवान शिव अपने पुत्र से कहते हैं: कार्तिकेय ! संसार में विशेषतः कलियुग में वे ही मनुष्य धन्य हैं, जो सदा पितरों के उद्धार के लिये श्रीहरि का सेवन करते हैं । बेटा ! बहुत से पिण्ड देने और गया में श्राद्ध आदि करने की क्या आवश्यकता है। वे मनुष्य तो हरिभजन के ही प्रभाव से पितरों का नरक से उद्धार कर देते हैं। यदि पितरों के उद्देश्य से दूध आदि के द्वारा भगवान विष्णु को स्नान कराया जाय तो वे पितर स्वर्ग में पहुँचकर कोटि कल्पों तक देवताओं के साथ निवास करते हैं। - पद्मपुराण*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *श्राद्धकर्म* 🌷

🙏🏻 *अगर श्राद्धकर्म करने के लिए आपके पास बिल्कुल भी धन नहीं है तो आपको उधार मांगकर धन लेना चाहिए और श्राद्ध करना चाहिए। अगर आपको कोई उधार नहीं दे रहा तो पितरों के उद्देश्य से पृथ्वी पर भक्ति विनम्र भाव से सात आठ तिलों से जलाञ्जलि ही दे दें। अगर यह भी संभव नहीं तो कहीं से चारा लाकर गौ को खिला दें। और अगर इतना भी संभव नहीं तो अपनी बगल दिखाते हुए सूर्य तथा दिक्पालों से कहें :*

🌷 *"न मेऽस्ति वित्तं न धनं न चान्यच्छ्राद्धोपयोग्यं स्वपितॄन्‌नतोऽस्मि ।*

*तृप्यन्तु भत्त्या पितरो मयैतौ कृतौ भुजौ वर्त्मनि मारुतस्य ।।"*

➡ *'मेरे पास श्राद्धकर्म के योग्य न धन-संपति है और न कोई अन्य सामग्री। अत: मै अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ। वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करे। मैंने अपनी दोनों भुजाएं आकाश में उठा रखी हैं ।*

💥 *ऐसा विवरण विष्णुपुराण तृतीयांश, अध्यायः 14 तथा वराहपुराण अध्याय 13 में मिलता है।*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *भरणी श्राद्ध* 🌷

🙏🏻 *07 सितम्बर 2020 भरणी नक्षत्र होने के कारण महाभरणी श्राद्ध है। भरणी नक्षत्र के देवता यमराज होने के कारण महाभरणी श्राद्ध का विशेष महत्व है। सामान्यतः आश्विन पितृपक्ष में चतुर्थी अथवा पंचमी को ही भरणी नक्षत्र आता है। कहा जाता है लोक - लोकान्तर की यात्रा जन्म, मृ्त्यु व पुन: जन्म उत्पत्ति का कारकत्व भरणी नक्षत्र के पास है अतः भरणी नक्षत्र के दिन श्राद्ध करने से पितरों को सद्गति मिलती है। महाभरणी श्राद्ध में कहीं भी श्राद्ध किया जाए, फल गयाश्राद्ध के बराबर मिलता है। यह श्राद्ध सभी कर सकते हैं।*

👉🏻 *भरणी नक्षत्र में श्राद्ध करने से श्राद्धकर्ता को उत्तम आयु प्राप्त होती है।*

💥 *भरणी नक्षत्र में ब्राह्मण को काले तिल एवं गाय का दान करने से सद्गति प्राप्ति होती है व कष्ट कम होता है।*


           🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏

दयालबाग़ सतसंग

 राधास्वामी!! 05-09-2020

- आज शाम के सतसंग में पढे गये पाठ-     

                         

 (1) काहे को डरपे मन नादान। रहो छिप कँवल कली में आन।।-(बसाओ घट में राधास्वामी प्रीत। चलो निज घर को भौजल जीत।।) (प्रेमबानी-3-शब्द-18,पृ.सं.361)                                              

  (2) मिले मोहि राधास्वामी प्यारे सराहूँ भाग क्या अपना। दिया मोहि चरन आधारे छुडाया दर बदर फिरना।। हुई स्रुत मस्त मगनानी धसी फिर वार से पारा। दो पद रस्ते के लख कर के पुरुष के जा पडी चरना।।-( करूँ फरियाद सतगुरु से सुनो बिनती मेरे साहब। मेहर की दात माँगू हूँ पकड कर जोर से चरना।।) (प्रेमबिलास-शब्द-47,पृ.स.60)                                                                              

  (3) यथार्थ प्रकाश-भाग पहला-कल से आगे।       

              

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻



राधास्वामी!!                                           

   आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन- 

कल से आगे-(100)  

वह प्रात:काल उठकर शौचआदि से निवृत्त होकर अंतरी साधन में प्रवृत्त होता है। दिन में जीविकोपार्जन ग्रस्थआश्रम के कर्तव्यों का पालन करता है और दिनचर्या के समाप्त होने पर अपने भगवंत के स्मरण में तत्पर हो जाता है। 

संसारी पद - परिजन और भोग -विलास की वासनाओं को अपने लिए हानिकारक जान कर उनका परिहार करता है और मन तथा इंद्रियों के उपद्रव से अभिज्ञ होने से सदा उन पर अंकुश लगाया रहता है । 

जब कभी भूल चूक से या पुराने संस्कारों के प्रभाव या संगदोष के कारण कोई असंयम बन पड़ता है तो हार्दिक भाव से झुरता पछताता है और अपने भगवंत कुलमालिक से क्षमाप्रार्थी होता है , और भविष्य में अधिक सावधानी से काम लेता है। 

 जीवन-काल में विरुद्ध दशा और परिस्थिति के उपस्थित होने पर वो कभी विचलित और खिन्नचित्त नहीं होता अपितु अपने भगवंत की दया और रक्षा का भरोसा रक्खे हुए अपने हाथ पाँव चलाता है और परिणाम को उसकी मौज पर छोड़कर निश्चिंत रहता है।                                      

 🙏🏻राधास्वामी 🙏🏻  

                               

यथार्थ प्रकाश  भाग पहला


 परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज!

खेत कार्यक्रम

 राधास्वामी 

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                   *06-09-2020*


                        सुबह  के

              *खेतों  का  कार्यक्रम :*


जनरल पार्टी के भाई साहबान,  बहनें, सुपरमैन स्कीम  के  बच्चे, सभी विद्यार्थी और उनके अध्यापक

               *निराई  के  काम के लिए*


                    *फल बाग़ जाएंगे।*


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*कृपया ध्यान दे,*

*खेतों में अमृत पेय के प्रसाद के लिए अपना गिलास/कटोरी अवश्य संग लायें।*


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🙏🙏🏻🙏🏻🙏 *राधास्वामी* 🙏🙏🏻🙏🏻🙏

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पूज्य हुज़ूर का निर्देश

  कल 8-1-22 की शाम को खेतों के बाद जब Gracious Huzur, गाड़ी में बैठ कर performance statistics देख रहे थे, तो फरमाया कि maximum attendance सा...