*🌹🌹{परम गुरु परम प्रिय हुज़ूर ड़ा०एम.बी.लाल साहब जी का पावन भंडारा समस्त सतसंग जगत व प्राणीमात्र को बहुत बहुत मुबारक हो।}🌹🌹 सेवा कौन कर सकता है?
वही शूरवीर, जिसमें अहंकार की बू तक न हो और जिसमें आत्म-सर्पण का भाव हो । प्रत्येक सतसंगी को यह सच्चाई समझ लेनी चाहिए कि मालिक की दया प्राप्त करने का सेवा से बढ़कर और कोई जरिया या साधन नहीं । तुम तन से सेवा करो, मन से करो, धन से करो परन्तु हर दशा में अहंकार छोड़ दो " मैं " छोड़ दो। सेवा के लिए तुम्हें पवित्र रहना होगा और अपने स्वामी की प्रसन्नता के सिवा और कोई ख्याल न आने देने होंगे। अगर यह अंग कायम रख सकते हो तो तभी सेवा सफल हो सकती है। 🙏🏻 रा-धा-स्व-आ-मी 🙏🏻**
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