Sunday, August 23, 2020

शाम के सतसंग का वचन

 *🌹परम पुरुष पूरन धनी हुजूर स्वामीजी महाराज जी का पावन जन्मदिन (24 अगस्त 1818) कल (सोमवार) है।।                       🙏🏻राधास्वामी🙏🏻🌹**


**राधास्वामी!! 23-08-2020- आज शाम के सतसंग में पढे गये पाठ-                              

  (1) सिंध से आई सूरत नार। पिंड में आन फँसी नौ द्वार।।-(जुडा राधास्वामी संगत से नात। बचन सुन मन बुधि पाई शांत।। ) ( प्रेमबानी-3-शब्द-9,पृ.सं.348)                                                     

  (2) मेरी सुनो गुहार हे गुरु प्यारे।।टेक।। सब जीवन से कहूँ पुकारी। आन चढो हो जाओ पारे।।-(राधास्वामी दयाल यह अर्जी सुनिये। मान लेव निज दया धारे।। ) (प्रेमबिलास- शब्द-36,पृ.सं.49)                                       

 (3) यथार्थ प्रकाश-भाग पहला-कल से आगे।              🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**


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राधास्वामी!!                                     

  23-08 -2020- आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन

- कल से आगे -(86)

 इसके अतिरिक्त यह विचारणीय है कि जो कुछ ज्ञान हमें पंच ज्ञानेंद्रियों द्वारा प्राप्त होता है उसमें प्रकृति की शक्तियों, प्रकाश, मध्याकर्षण आदि, का प्रभाव अवश्य सम्मिलित रहता है। जैसे ,सूर्य की किरणें  एक पेड़ पर चमकती है;  प्रत्येक किरण में सात रंग है ; पेड़ के पत्तों में ऐसा रसायनिक द्रव्य विद्यमान है कि वह हरे रंग वाले अंश के अतिरिक्त और सबको अपने में विलीन कर लेता है। जोकि पेड़ के पत्तों से केवल किरणों के हरे रंग वाला अंश परावर्तित होता है इसलिए वह सब हरे दिखलाई देते हैं। 

तात्पर्य यह की पत्तों का रंग स्वयं हरा नहीं है किंतु सूर्य की किरणों के हरे अंश के परावर्तित होने से ऐसा दृष्टिगत होता है। इसी प्रकार हमें संसार के पदार्थ भारी मालूम होते हैं और साधारण बोलचाल में हम किसी वस्तु को भारी और किसी को हल्की कहते हैं परंतु यह गुरुत्व या भारीपन का ज्ञान संसार की वस्तुओं पर माध्यआकर्षण के प्रभाव के कारण अनुभव होता है । 

यदि संसार में प्रकाश न हो तो दसज्ञानेन्द्रिय- द्वारा प्राप्त होने वाले रंगों का, और यदि माध्यआकर्षण का प्रभाव जाता रहे तो गुरूत्व के ज्ञान का अभाव हो जाए।  इन अनुभवों से यह परिणाम निकालतना अनुचित न होगा पंच ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि के प्रयोग से जो कुछ ज्ञान प्राप्त किया जाता है वह न केवल परिमित है किंतु कृत्रिम है। भला ऐसे ज्ञान का क्या विश्वास और ऐसे ज्ञान से क्या लाभ?  

इसलिए महापुरुषों ने इसे ' मिथ्याज्ञान'  ठहराया है। आध्यात्मिक शक्तियों के जागृत होने पर मनुष्य को जो ज्ञान प्राप्त होता है उसे 'अनुभवज्ञान' कहते हैं। उस ज्ञान में न पंच ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का हस्तक्षेप है न प्रकृति की भौतिक शक्तियों का । यह ज्ञान आत्मा अपने निजी शक्ति द्वारा स्वत:  प्राप्त करती है। यह हर प्रकार की मलिनता से विमुक्त और विशुद्ध है इसलिए इसे 'सत्यज्ञान'  कहते हैं । 

सो,जो लोग सत्यज्ञान के अभिलाषी हैं उन्हें समय निकालकर अपनी आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए उचित उद्योग और साधन का प्रयोग करना चाहिए।।                                       

 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻 यथार्थ प्रकाश -भाग पहला -परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज!**


Friday, August 21, 2020

आज का 22/08 दिन मंगलमय हो

    प्रस्तुति  - कृष्ण  मेहता 

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 22 अगस्त 2020*

⛅ *दिन - शनिवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*

⛅ *शक संवत - 1942*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - शरद*

⛅ *मास - भाद्रपद*

⛅ *पक्ष - शुक्ल* 

⛅ *तिथि - चतुर्थी रात्रि 07:57 तक तत्पश्चात पंचमी*

⛅ *नक्षत्र - हस्त रात्रि 07:11 तक तत्पश्चात चित्रा*

⛅ *योग - साध्य सुबह 10:22 तक तत्पश्चात शुभ*

⛅ *राहुकाल - सुबह 09:19 से सुबह 10:54 तक* 

⛅ *सूर्योदय - 06:20* 

⛅ *सूर्यास्त - 19:02* 

⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी, गणेश चतुर्थी, चन्द्र-दर्शन निषिद्व (चन्द्रास्त रात्रि 09:49), गणेश महोत्सव प्रारंभ, शरद ऋतु प्रारंभ*

 💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *गणेश चतुर्थी* 🌷

🙏🏻  *22 अगस्त, शनिवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की  चतुर्थी तिथि है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीगणेश का प्राकट्य माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए व्रत व पूजन किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो भगवान श्रीगणेश अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। अगर आप भी इस विशेष अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं तो ये उपाय विधि-विधान पूर्वक करें-*

➡ *जो चाहिए वो मिलेगा गणेशजी के इन उपायों में से , कोई भी 1 करें*

🙏🏻 *1. शास्त्रों में भगवान श्रीगणेश का अभिषेक करने का विधान बताया गया है। गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश का अभिषेक करने से विशेष लाभ होता है। इस दिन आप शुद्ध पानी से श्रीगणेश का अभिषेक करें। साथ में गणपति अथर्व शीर्ष का पाठ भी करें। बाद में मावे के लड्डुओं का भोग लगाकर भक्तों में बांट दें।*

🙏🏻 *2. ज्योति शास्त्र के अनुसार, गणेश यंत्र बहुत ही चमत्कारी यंत्र है। गणेश चतुर्थी पर घर में इसकी स्थापना करें। इस यंत्र की स्थापना व पूजन से बहुत लाभ होता है। इस यंत्र के घर में रहने से किसी भी प्रकार की बुरी शक्ति घर में प्रवेश नहीं करती।*

🙏🏻 *3. अगर आपके जीवन में बहुत परेशानियां हैं, तो आप गणेश चतुर्थी को हाथी को हरा चारा खिलाएं और गणेश मंदिर जाकर अपनी परेशानियों का निदान करने के लिए प्रार्थना करें। इससे आपके जीवन की परेशानियां कुछ ही दिनों में दूर हो सकती हैं।*

🙏🏻 *4. अगर आपको धन की इच्छा है, तो इसके लिए आप गणेश चतुर्थी को सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो सकता है।*

🙏🏻 *5. गणेश चतुर्थी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद समीप स्थित किसी गणेश मंदिर जाएं और भगवान श्रीगणेश को 21 गुड़ की गोलियां बनाकर दूर्वा के साथ चढ़ाएं। इस उपाय से भगवान आपकी हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं ।*

🙏🏻 *6. गणेश चतुर्थी पर पीले रंग की गणेश प्रतिमा अपने घर में स्थापित कर पूजा करें। पूजन में श्रीगणेश को हल्दी की पांच गठान श्री गणाधिपतये नम: मंत्र का उच्चारण करते हुए चढ़ाएं। इसके बाद 108 दूर्वा पर गीली हल्दी लगाकर श्री गजवकत्रम नमो नम: का जाप करके चढ़ाएं। यह उपाय लगातार 10 दिन तक करने से प्रमोशन होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।*

🙏🏻 *7. गणेश चतुर्थी पर किसी गणेश मंदिर में  जाएं और दर्शन करने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार गरीबों को दान करें। कपड़े, भोजन, फल, अनाज आदि दान कर सकते हैं। दान के बाद दक्षिणा यानी कुछ रुपए भी दें। दान से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान श्रीगणेश भी अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं।*

🙏🏻 *8. यदि बिटिया का विवाह नहीं हो पा रहा है, तो गणेश चतुर्थी पर विवाह की कामना से भगवान श्रीगणेश को मालपुए का भोग लगाएं व व्रत रखें। शीघ्र ही उसके विवाह के योग बन सकते हैं।*

🙏🏻 *9. गणेश चतुर्थी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) के गणेश बनाकर उनकी पूजा करें। मोदक, गुड़, फल, मावा-मिष्ठान आदि अर्पण करें। ऐसा करने से भगवान गणेश सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।*

🙏🏻 *10. यदि लड़के के विवाह में परेशानियां आ रही हैं, तो वह गणेश चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश को पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इससे उसके विवाह के योग बन सकते हैं।*

🙏🏻 *11. गणेश चतुर्थी पर व्रत रखें। शाम के समय घर में ही गणपति अर्थवशीर्ष का पाठ करें। इसके बाद भगवान श्रीगणेश को तिल से बने लड्डुओं का भोग लगाएं। इसी प्रसाद से अपना व्रत खोलें और भगवान श्रीगणेश से मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।*

         🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


🌷 *गणेश चतुर्थी* 🌷

🙏🏻 *गणेशजी का जन्म भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न में हुआ था। उस समय सोमवार का दिन, स्वाति नक्षत्र, सिंह लग्न और अभिजीत  मुहूर्त था। गणेशजी के जन्म के समय सभी शुभग्रह कुंडली में पंचग्रही योग बनाए हुए थे।*

👉🏻 *इस वर्ष यह त्यौहार 22 सितम्बर 2020 शनिवार को मनाया जाएगा। इस वर्ष स्वाति नक्षत्र का अभाव रहेगा।* 

👉🏻 *अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 से दोपहर 12:49 तक रहेगा।*

💥 *मध्याह्न गणेश पूजा का समय = दोपहर 11:14 से दोपहर 13:46 तक*

➡ *वैसे तो भविष्य पुराण में सुमन्तु मुनि का कथन है*

*“न तिथिर्न च नक्षत्रं नोपवासो विधीयते । यथेष्टं चेष्टतः सिद्धिः सदा भवति कामिका।।”*

🙏🏻 *“भगवान गणेशजी की आराधना में किसी तिथि, नक्षत्र या उपवासादि की अपेक्षा नहीं होती। जिस किसी भी दिन श्रद्धा-भक्तिपूर्वक भगवान गणेशजी की पूजा की जाय तो वह अभीष्ट फलों को देनेवाली होती है।” फिर भी गणेशजी के जन्मदिन पर की जानेवाली उनकी पूजा का विशेष महत्व है। तभी तो भविष्यपुराण में ही सुमन्तु मुनि फिर से कहते हैं की*

*“शुक्लपक्षे चतुर्थ्यां तु विधिनानेन पूजयेत्। तस्य सिध्यति निर्विघ्नं सर्वकर्म न संशयः ।।*

*एकदन्ते जगन्नाथे गणेशे तुष्टिमागते। पितृदेवमनुष्याद्याः सर्वे तुष्यन्ति भारत ।।”*

🙏🏻  *“शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को उपवास कर जो भगवान गणेशजी का पूजन करता है, उसके सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं और सभी अनिष्ट दूर हो जाते हैं। श्रीगणेशजी के अनुकूल होने से  सभी जगत अनुकूल हो जाता है। जिस पर एकदन्त भगवान गणपति संतुष्ट होते हैं, उसपर देवता, पितर, मनुष्य आदि सभी प्रसन्न रहते हैं।”*

➡ *अग्निपुराण के अनुसार भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को व्रत करनेवाला शिवलोक को प्राप्त करता है |*

➡ *भविष्यपुराण, ब्राह्मपर्व के अनुसार*

*मासि भाद्रपदे शुक्ला शिवा लोकेषु पूजिता । ।*

*तस्यां स्नानं तथा दानमुपवासो जपस्तथा । क्रियमाणं शतगुणं प्रसादाद्दन्तिनो नृप । ।* 

*गुडलवणघृतानां तु दानं शुभकरं स्मृतम् । गुडापूपैस्तथा वीर पुण्यं ब्राह्मणभोजनम् । ।*

*यास्तस्यां नरशार्दूल पूजयन्ति सदा स्त्रियः । गुडलवणपूपैश्च श्वश्रूं श्वसुरमेव च । ।*

*ताः सर्वाः सुभगाः स्युर्वे१ विघ्रेशस्यानुमोदनात् । कन्यका तु विशेषेण विधिनानेन पूजयेत् । ।*

🙏🏻 *भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है, इस दिन जो स्नान, दान उपवास, जप आदि सत्कर्म किया जाता है, वह गणपति के प्रसाद से सौ गुना हो जाता है | इस चतुर्थी को गुड़, लवण और घृत का दान करना चाहिये, यह शुभ माना गया है और गुड़ के अपूपों (मालपुआ) से ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिये तथा उनकी पूजा करनी चाहिये | इस दिन जो स्त्री अपने सास और ससुर को गुड़ के पुए तथा नमकीन पुए खिलाती है वह गणपति के अनुग्रह से सौभाग्यवती होती है | पति की कामना करनेवाली कन्या विशेषरूप से इस चतुर्थी का व्रत करे और गणेशजी की पूजा करें |*

➡ *गरुड़पुराण के अनुसार “सोमवारे चतुर्थ्यां च समुपोष्यार्चयेद्गणम्। जपञ्जुह्वत्स्मरन्विद्या स्वर्गं निर्वाणतां व्रजेत् ॥” सोमवार, चतुर्थी तिथिको उपवास रखकर व्रती को विधि – विधान से गणपतिदेव की पूजा कर उनका जप, हवन और स्मरण करना चाहिये | इस व्रत को करने से उसे विद्या, स्वर्ग तथा मोक्ष प्राप्त होता है |*

➡ *शिवपुराण के अनुसार “वर्षभोगप्रदा ज्ञेया कृता वै सिंहभाद्रके” जब सूर्य सिंह राशिपर स्थित हो, उस समय भाद्रपदमास की चतुर्थी को की हुई गणेशजी की पूजा एक वर्ष तक मनोवांछित भोग प्रदान करती है*

➡ *अग्निपुराण अध्याय 301 के अनुसार*

*पूजयेत्तं चतुर्थ्याञ्च विशेषेनाथ नित्यशः ।।*

*श्वेतार्कमूलेन कृतं सर्व्वाप्तिः स्यात्तिलैर्घृतैः ।*

*तण्डुलैर्दधिमध्वाज्यैः सौभाग्यं वश्यता भवेत् ।।*

🙏🏻 *गणेशजी की नित्य पूजा करें, किंतु चतुर्थी को विशेष रूप से पूजा का आयोजन करें। सफ़ेद आक की जड़ से उनकी प्रतिमा बनाकर पूजा करें। उनके लिए तिल की आहुति देने पर सम्पूर्ण मनोरथों की प्राप्ति होती है। यदि दही, मधु और घी से मिले हुए चावल से आहुति दी जाय तो सौभाग्य की सिद्धि एवंय शिवत्व की प्राप्ति होती है।*

🙏🏻 *गणेश जी को मोदक (लड्डू), दूर्वा घास तथा लाल रंग के पुष्प अति प्रिय हैं । गणेशजी अथर्वशीर्ष में कहा गया है "यो दूर्वांकुरैंर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति" अर्थात जो दूर्वांकुर के द्वारा भगवान गणपति का पूजन करता है वह कुबेर के समान हो जाता है। "यो मोदकसहस्रेण यजति स वाञ्छित फलमवाप्रोति" अर्थात जो सहस्र (हजार) लड्डुओं (मोदकों) द्वारा पूजन  करता है, वह वांछित फल को प्राप्त करता है।*

🙏🏻 *गणेश चतुर्थी पर गणेशजी को 21 लड्डू, 21 दूर्वा तथा 21 लाल पुष्प (अगर संभव हो तो गुड़हल) अर्पित करें।

         🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻

रोजाना वाक्यात

परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत

- कल का शेष:- 


वह यह था:- जब मिस्टर क्ले मुआयना के लिये मोटरकार में सवार होने लगे तो अक्समात उनकी तवज्जुह उस पेड़ की जानिब आकृष्ट हुई जिसके नीचे कार खड़ी थी। वह अमलतास का पेड़ है। उस पेड़ पर निहायत और गैरमामूली खूबसूरत चिड़िया बैठी थी। मिस्टर कले कई मिनट तक चुप चुप चिड़िया की जानिब देखते रहे फिर उन्होंने पूछा यह क्या चिड़िया है।  मैंने अनभिज्ञता जाहिर की और कहँ कहाँ से किस्म किस्म के पक्षी दयालबाग में आ गए हैं। ना हमने किसी को बुलाया या बाहर से लाने की कोशिश की। मिस्टर क्ले ने जवाब दिया जहाँ कहीं हरे भरे दरख्त होते हैं और पाने का मुनासिब इंतजाम होता है वहां आप से आप परिंदे चले आते हैं।  मामूली सी बात थी लेकिन मेरे दिल पर उसका दूसरा ही असर हुआ ।

 मेरे दिल ने कहा अगर हरे-भरे दरख्त और पानी का मुनासिब इंतजाम इस वीरान जंगल में किस्म  किस्म के खूबसूरत परिंटे खींच सकते हैं यहां का पाक व काम करने की कूव्वत से परिपूर्ण कुर्रेएहवाई गैर मामूली किबिलीयत वाली रुहों को भी खींच सकेगा।  दीवान बहादुर साहब ने बातें बड़े गौर से सुनी और फरमाया यह एक नया ख्याल है और नफाँ पहुंचाने वाला है। क्योंकि अगर बाहर से कोई रुहें न भी आवे तो यहाँ रहने वाली रूहों को तो काम करने के लिए मौका मिलेगा और यह कोई कम बात नहीं है । फिर आपने अपनी दो रचनाएं मुझे इनायत की। 

एक में उदयपुर के कदीम महाराणा कुंभ के हालात दर्ज है और दूसरी में हिंदुओं कौम की प्राचीन काल में कारगुजारियों का विवरण  लिखित है।  रात को इन दोनों कुतुब का सरसरी अध्ययन किया। निहायत दिलचस्प व प्रशंसनीय जानकारियों का भंडार साबित हुई ।। 

                                                     

 प्रेमी भाई सीताराम ने एक मशीन तैयार की है जो आपसे चपातियाँ यानी हिंदुस्तानी रोटियां सेकती हैं।  मशीन का इम्तिहान दिया गया। कामयाब पाया। रात के सत्संग में वर्णित की इस नई कारगुजारी के हवाले से सत्संगियों की तवज्जुह ईजाद की तरफ दिलाई गई। 

यह दुरुस्त है कि इस किस्म के ईजादों से रुहानी तरक्की नहीं हो सकती लेकिन प्रमार्थ का यह एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है कि प्रेमीजन हक व हलाल की कमाई से गुजर करें । आजकल गैरमामूली चीजों की भरमार से एक शरीफ हिंदुस्तानी के लिए हक व हलाल की कमाई हासिल करना नामुमकिन हो रहा है। हिंदुस्तान में हिंदुस्तानियों के लिए न  कोई पेश आ रहा है न काम जिसमें दाखिल होकर परमार्रथ का शौकीन सरलतापूर्वक समय व्यतीत कर सकें। 

यह जमाना खास किस्म के प्रशिक्षण और टेक्निकल तालीम मांगता है। यह जमाना ईजादे तलब करता है। जो कौम इस जानिब तवज्जुह देगी वही हक व हलाल की कमाई हासिल कर सकेगी। और वही परमार्थ में कदम बढ़ाने के काबिल होगी। आखिर में सत्संगी भाइयों बहनों की जानिब से प्रेम भाई सीताराम को मुबारकबाद मय  पाँच सेर मिठाई पेश पेश की गई।                    

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

रोजाना वाकिआत- 10 दिसंबर 1932- शनिवार:- 

जलसा के दिनों के लिए तीन फिल्मों का बंदोबस्त हो गया है । पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ से बेहतरीन फिल्में आवेगीँ  दीवान बहादुर हर बिलास सारदा को अपने 3 रचनाएं नजर की ।ड्रामा स्वराज, ड्रामा संसार चक्र ,और गीता का उर्दू तर्जुमा।                                                    

हजरत दिलचस्प दयालबाग देखने आया चाहते हैं।  शौक से आव़े घर घर तुम्हारा है। लेकिन बेहतर हो कि 20 दिसंमबर से पहले पहले तशरीफ़ लावें। और जलसा के कामों की वजह से मुझे भी फुरसत न मिलेगी। ऐसे ही एक और साहब ने रियासत बीकानेर से खत लिखा है। वह भी 26 दिसंबर को आया चाहते है और प्राईवेट में मुलाकात के ख्वाहिसमंद है। भला उन दिनों यह मौका कहाँ ।  

                                                       

रात के सत्संग बयान हुआ कि हमें जोश या खुशी में भरकर कोई ऐसा काम न करना चाहिए जो हमको परमार्थी लक्ष्य से गिरा दे। संत मत के अंतरी साधन में कामयाबी हासिल करने के लिए निहायत जरूरी है कि प्रेमी जन के ह्रदय में भगवंत के लिए अनन्य भक्ति हो। इंसान जोश या खुशी से अधीन होकर भगवंत को भूल जाता है और उसका मन फूल कर कुप्पा बन जाता है । उस वक्त तो यह हालत अच्छी लगती है लेकिन जब वह अभ्यास में बैठता है उस वक्त उसका करनी का फल भुगतता है और रोता है ।                 

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻

 रोजाना वाक्यात- 11, 12 दिसंबर 1932- रविवार व सोमवार :

डॉक्टर जोशी से मुलाकात हुई । बातों बातों उनसे अमेरिकन डॉक्टरों की एक खास बात मालूम हुई जो काबिल याद रखने की है। यानी यह है कि यह लोग कभी किसी बीमारी की निस्बत राय नहीं देते । जबकि उन्हें उसके मुतालिक सही व पक्का सबूत ना मिल जाये। 

एक मर्तबा का जिक्र है कि डॉक्टर जोशी के पास एक मरीज आया। उन्होंने फौरन बीमारी निदान कर लीऋ इतने में हस्पताल के बड़े डॉक्टर साहब भी आ गए। डॉक्टर जोशी ने उनसे बयान किया कि फलाँ बीमारी मालूम होती है। उन्होंने पूछा कोई डेटा है । डॉक्टर जोशी ने कहा डेटा तो कोई नहीं है । बड़े डॉक्टर साहब ने चिट पर लिख दिया कि मरीज की पीठ पर गोश्त फूला है चीर कर रिपोर्ट पेश हो। चुनाँचे ऐसा ही हुआ और बीमारी वही निकली जो डॉ जौशी ने तशखीस की थी एक बडे डॉक्टर साहब को भी गुमान था की बीमारी वही है लेकिन बिना डाटा के उन्होंने इनकार कर दिया यह मगरिब  की साइंटिफिक प्रशिक्षण का नतीजा है। 

इधर हम लोग हैं कि हर मामले की निस्बत बिधा तशखीस या इम्तहान फौरन राय कायम कर लेते है।डॉ जौशी के इस किस्से से बडा शिक्षाप्रद सबक मिलता है। उनको एक बड़े डॉक्टर ने बताया कि अगर हम बिना डाटा के राय कायम कर लें और बीमारी दूसरी निकले तो हमारी इज्जत हमेशा के लिए खाक में मिल जाए। अगर बिना डाटा हासिल किए हम राय कायम नहीं करते तो हमारी निस्बत कोई बुरी राय कायम नहीं करता।।                                     

 सत्संग में बयान हुआ कि हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि हमसे कोई काम मालिक की मर्जी के खिलाफ ना बन पड़े। इंसान के जिस्म के अंदर अजीबोगरीब ताकते मौजूद है। लेकिन आवाम उनसे कई कतई बेखबर व लापरवाह है। 

चुनांचे हमारे लिए मौका है कि हम अपनी सोई हुई रूहानी ताकत जगाकर हर काम के मुतअल्लिक़ दरयाफ्त कर ले आया हमें करना मुनासिब है या नहीं ।आखिर में इस ताकत के जगाने व इस्तेमाल करने का तरीका बयान किया गया। 

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻

 रोजाना वाकिआत- कल का शेष :-   

                    

 सुबह कॉरस्पॉडेंस के वक्त सत्संगी के सवाल करने पर बयान हुआ कि सत्संगी को कभी सिद्धि शक्ति की प्राप्ति की चाहत ने उठानी चाहिए।  जन्म साखियों और दूसरी किताबों में जो किससे दर्ज है उनमें से अक्सर मन की गढने हैं। महापुरुष हमेशा मौज पर निर्भर रहने की कोशिश करते हैं अलबत्ता अगर कभी भगवंत की मौज होती है तो उनकी मार्फत गैरमामूली घटनायें जो चमत्कारों व करामात के नाम से नामित है जहूर में लाता है ।

 वह अपनी तरफ से इस किस्म की बातों की कभी चाह नहीं उठाते।  जो शख्स अभी मंजिले मकसूद यानी गंतव्य पर नहीं पहुँचा है और रास्ता तय कर रहा है उसे तो खासकर इन बातों से परहेज करना चाहिये। अगर लापरवाही से काम लिया गया तो संभव है कि वह जल्द ही योगभ्रष्ट होकर तरक्की का रास्ता अवरुद्ध कर ले।।             

  प्रेम प्रचारक के लिए एक नज्म नीज एक मजबून जेल -उन्वान यानी शीर्षक से " एक जर्रे का वृतांत लिखित की। एडिटर साहब स्पेशल नंबर निकालने की कोशिश में है। इसलिए मुझे भी कलम संभालना पड़ा। दीवान बहादुर हर बिलास सारदा की तस्नीफ खत्म की। पढ कर रोंगटे खड़े हो गरे। हिंदू कौम गिर कर कहाँ से कहाँ आ गई ! एक जगह इतिहासकारों की यह राय पढकर सख्त रंज हुआ कि हिंदुओं की मौजूदा गिरावट का कारण एक यह भी है कि उनके बहादुरों ने वीरता के गलत मानी समझे। यह लोग दुश्मन के पराजित होने पर उसे फौरन छोड़ देते थे।?  

और उनके दुश्मन मुक्ति पाकर उन पर बार-बार हमलावर होते थे। अगर वह दुश्मनों को दुश्मन समझ कर उनका खात्मा कर देते तो उनकी रियाआ भी सुखी रहती और उनका राज भी बना रहता।  इससे जाहिर है कि राजाओं के लिए महज बहादुर व लडाका होना काफी नहीं है । देश रक्षा व हुकूमत का माद्दा भी होना चाहिए। इसी माद्दे की वजह से अंग्रेज को वर्षों से दुनिया के बड़े हिस्से पर शासन करते हैं । और इसी की कमी से हिंदुस्तानी भाई आपस में लड़ मरते हैं।।                                              

जिन लोगों की सेवा में गीता का उर्दू का तर्जुमा प्रेषित किया गया था उनमें से तीन चार की तहरीरे प्राप्त हुई है। उन्होंने तर्जुमें के एक मर्तबा तक पढ़ने की तकलीफ गवारा नहीं की!  मुझे एक मर्तबा एक मेमसाहिबा ने इंजील मुकद्दस की एक कॉपी नजर की थी। और ख्वाजा हसन निजामी साहब ने कुरान मजीद के तर्जुमा की दो बडी जिल्दे और दस बारह दूसरी पुस्तके इनायत की थीं।  लेकिन मैने फर्ज समझ कर सबका अध्ययन किया हालांकि इंजील मुकद्दस पहले कई बार पढ़ चुका था। गरज जो कोई भी किताब मेरे पास आती है मैं भेजने वाले की मोहब्बत का शील संकोच करके जरूर वक्त निकालकर उसका मुतालआ करता हूँ।.          

🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻

रोजाना वाकिआत- 13 दिसंबर 1932- मंगलवार:-

 अखबार लीडर में एक शख्स ने शिकायत प्रकाशित की है कि खालिस घी अब अमीरों को भी उपलब्ध नहीं होता और गवर्नमेंट की तवज्जुह आकृष्ट कराई है कि धोखा देने वाले दुकानदारों को सजा देने का बंदोबस्त किया जावेगा वगैरह-वगैरह । जैसे हर मशीन को चालू रखने के लिए चर्बी व तेल दिया जाता है ऐसे ही हिंदू भाई अपने जिस्मों को चालू रखने के लिए घी का इस्तेमाल करते हैं। 

अगर जिस्म को खालिस घी ना मिले तो जिस्म जल्दी घिसने लगता है। दयालबाग डेरी से हर शख्स जितना जी चाहे खालिस  मक्खन व घी ले सकता है मगर मुश्किल यह है कि लोग बेहतरीन खालिस भी चाहते हैं और मिलावट की हुई चीजों से सस्ता भाव बिक भी चाहते हैं। वह भूल जाते हैं कि मिलावट ही की वजह से अंतिम वर्णित चीजों का भार सस्ता होता है। 

कभी आपने गौर किया कि हिंदुस्तान में लोग जल्द बीमार क्यों हो जाते हैं?  वजह यह है कि उनके जिस्म खोखले  हैं । उनके जिस्मों में कुव्वत नहीं है कि बीमारियों के कीटाणु का मुकाबला कर सकें। यह क्यों?

 यह इसलिए कि उनके जिस्मों को ठोस खुराक नहीं मिलती। बहुत से लोग अनाप-शनाप चीजें खाते हैं और तनिक भी ख्याल नहीं रखते जो कुछ उनके पेट के अंदर जा रहा है वह खालिस है या नहीं । गौर का मुकाम कि 1901 में दो लाख 72 हजार व्यक्तिय हिंदुस्तान में प्लेग से मर गये, 1902  में पाँच लाख, 1903 में आठ लाख और 1904 में दस लाख।  1918 में इस मुल्क के अंदर साढे बारह करोड नफूस मर्ज इनफ्लुएंजा में ग्रसित हुए जिनमें से 1/10 यानी एक करोड पच्चीस लाख प्राणरक्षित न हो सकें। सतसंगी भाइयों को चाहिये कि खाने में सादा चीजे बेशक इस्तेमाल करें लेकिन मिलावटी चीजों से हमेशा परहेज करें। और घी या मक्खन चाहें थोडा खाये लेकिन खालिस खायें।           

 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻


रोजाना वाकिआत- कल से आगे:- 

रात के सत्संग में बयान हुआ कि सत्संगियों का यह उम्मीद करना कि महज उनके प्रार्थना करने पर उनकी हर जायज परमार्थी मांग पूरी हो जाएगी गलत है। उसके लिए हमें अपने अंतर में अधिकार पैदा करना होगा ।

 इसके अलावा याद रखना चाहिए तो प्रार्थना करना नाजायज नहीं है लेकिन भक्ति मार्ग में एक हद आती है जब लबकुशाई (बोलना होंठ खोलना) नाजायज हो जाती है उतना करना काम अंग में बरतना शुमार होने लगता है । मगर यह दर्जा बहुत ऊँचा है। इस दर्जे में दाखिल होने वाले प्रेमी मौज पर निर्भर रहते हैं । मौलाना रुम फरमाते हैं :-  

                           

  जे आशिकान अहले दुआगो दीगरन्द (मालिक की प्रार्थना करने वाले(सच्चे) प्रेमियों से भिन्न हैं।) गाह मी दोजन्द व गाहे मी दरन्द (कभी सिलते है कभी फाडते है(ऊँच नीच स्थिति में रहते है), शुरू में प्रेमी जरा जरा सी बातों के लिए प्रार्थना करता है और मालिक उसका मन रखने के लिए उसकी अक्सर प्रार्थनायें मंजूर फरमाता है।

 लेकिन उसे ढंग सिखलाने  और उसका दर्जा बढ़ाने के लिए फिर यह हालत होती है कि कम तादाद प्रार्थनायें मंजूर होती है और यह प्रतिकूल हालात बर्दाश्त करता हुआ मालिक के चरन ज्यादा मजबूती के साथ पकड़ता है। फिर यह हालत आती है कि एक भी प्रार्थना मंजूर नहीं होती और एक के बाद दूसरी खिलाफ सूरत जहूर में आती है। 

ऐसी हालत में दृढ चित रहना किसी सूरमा ही का काम है वरना आमतौर प्रेमीजन का विश्वास डगमगा जाता है। उस हालत में कामयाबी के साथ गुजर जाने पर फिर मौसम बदल जाता है और परिजन मौज पर निर्भर रहने लगता है और संसार के दुख-सुख उसके मन पर ज्यादा असर नहीं कर पाते। बाज प्रेमीजन दुःख की हालत सर पर आने पर सब्र से काम लेते हैं। लेकिन उत्तमतर बाद शुक्र से और बाज इजहार खुशी का करते हैं वही है जो हर वक्त अपने भगवंत की रजा में बरतते हैं और जिन्हें यह खबर भी नहीं होती कि इस वक्त कोई खास हालत सर पर आई है। 

जिसके लिए सब्र, शुक्र वगैरह का खासतौर इस्तेमाल किया जावे। हम सब के लिए मुनासिब है कि जहाँ तक मुमकिन हो जल्द इस दर्जे में कदम रखे।।                    

 🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻


रोजाना वाकिआत- 14 दिसंबर 1932- बुधवार:

- हिंदुस्तान में पॉलिटिकल लहर बड़े जोर से चली और हजारों लाखों नौजवान उसकी लपेट में आ गये। उनके दिलों से मजहब की जरूरत व आदर जाती रही। वह प्रत्यक्ष कहने लगे कि उनका मजहब पॉलिटिक्स है। 

उन्होंने मजहब के खिलाफ जबरदस्त बढ़-चढ़कर बोलना शुरू किया ।उन्होंने खुदा की हंसी से, आयंदा जिंदगी व रुहानी मुकामों की मौजूदगी से इनकार किया। मुक्ति या मुक्ति का मजाक उड़ाया। लेकिन नतीजा क्या हुआ ? नतीजा यह हुआ कि आजादी उनका खुदा है पॉलिटिक्स उनका मजहब है । अपने मुल्क को यूटोपिया बनाकर उसमें जिंदगी बसर करने का मौका मिलना उनका स्वर्ग प्राप्ति है।

 डेमोक्रेसी या जम्हूरियत उनकी नजात है । और लुत्फ यह है कि नया खुदा, नया स्वर्ग और यह नई नजाय अहले हिंद के लिए वैसे ही अप्राप्य है जैसे कि पुराना खुदा, पुराना स्वर्ग और पुरानी मुक्ती। फर्क है तो यह कि उनके मुल्क में हजारों ऐसे गुणवान हुए जिन्होंने पुराने खुदा का दर्शन भी पाया है, स्वर्ग कि सैर भी की और नजात का लुफ्त उठाया और उनके मुल्क में दुनिया भर में एक भी शख्स नहीं है जिसने उनके नए खुदा की शक्ल देखी हो, उनके स्वर्ग में कदम रखा हो या उनकी मुक्ति का रस चखा हो। वाह साहब वाह! तेली भी किया और रुखा भी खाया।।                               

रात के सत्संग में मौज पर निर्भर रहने की हालत का बयान हुआ। हमारा मन अपनी अक्ल अपनी लियाकत का इतना अहंकार रखता है कि अगर वह महापुरुष जिनको सतगुरु कहता है और जिनकी बुजुर्गी साबित करने के लिए यह दुनिया से जंग करने को तैयार है अगर एक बात भी ऐसी कह दे जो उसकी समझ से बाहर हो तो यह फौरन एतराज करता है। 

भक्ति मार्ग या ईश्वरप्रेम में उस अक्ल व लियाकत से सख्त नुकसान पहुंचता है। हुक्म यह है कि तुम यकायक किसी को सतगुरु तस्लीम ना करो । तुम अव्वल खूब जांच व खोजबीन करो और जब पूरा इत्मीनान हो जाए तो किसी महापुरुष में सतगुरु भाव लाओ। 

और ऐसा भाव ले आने के बाद तुम्हें धैर्य व आज्ञा पालन से काम लेना होगा। जो बात समझ में ना आवे उसके काटने की फिक्र ना करो बल्कि सब्र के साथ अतिरिक्त रोशनी मिलने की इंतजार करो । जिसके मन को इस कदर करार हासिल नही है अभी कच्चा है। जिसके दिल में सतगुरु के लिये  अदब हो सकता है प्रेम नहीं हो सकता।।        

🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻


रोजाना वाकिआत- 15 दिसंबर 1932- बृहस्पतिवार-

 सुबह कॉरेस्पॉन्डेंस में बयान हुआ कि इंसान और मालिक के दरमियान खुदी या अहंकार का पर्दा पड़ा हुआ है। जब सत्संगी अंतर्मुख होता है तो मालिक के बजाय खुद ही का दर्शन होता है। खुद या अहंकार से आशय अभिमान नहीं है ।

 यह अल्फाज परमार्थ में सूक्ष्म मानी में प्रयुक्त होते हैं । स्वयं को किसी काम का कर्ता देखना या किसी के कहने पर कि तुम्हारे अंदर फुलाँ नुक्स है फौरन जोश में आ जाना और उसकी बात को गलत साबित करने के लिए उलझ जाना यह सब अहंकार की मौजूदगी के लक्षण है।

 सत्संगी की यह मानसिकता होनी चाहिए उसे महसूस हो कि उसके सबका मालिक की दया से चल रहे हैं और जब कोई उसके नुक्स बतलाये जाते तो वह उलटकर अपने मन की तरफ देखें और अपने मन की हालत का अध्ययन करें और नुक्स देखने वाले को अपना मित्र समझे। और अगर कभी गुरु महाराज कोई नुक्स पकड़े तो उसे फौरन स्वीकार कर ले और अपने अंदर से वह नुक्स निकालने की फिक्र करें और अगर अपने अंदर  वह नुक्स नजर न आवे तो प्रार्थना करें कि अतिरिक्त रोशनी मिले ताकि छिपा हुआ नुक्स नजर आने लगे। और यह कभी ख्याल न  करे कि गुरु महाराज मेरे अंदर फुलाँ नुक्स देखते हैं।।                                               

दयालबाग प्रैस में एक मराठा साहब को बतौर सुपरिटेंडेंट मुकर्रर किया है। अब तक प्रैस का सब काम प्रेमी भाई हर नारायण ने चलाया है। सैकडों रुपये की आमदनी की वकालत छोड कर बिला मुआवजा सेवा करते रहे और पहले ही दिन से प्रैस को नफा पर चलाया। अब प्रैस को बढाना मंजूर है इसलिये पूना के इस तर्जबाकार नवागत की जरुरत पडी। दयालबाग में जितनी संस्थाएं हैं उनका मकसद रुपया पैदा करना नही है। उनके खासकर दो मकसद है अव्वल लोगों के लिए रोजगार के लिए रोजगार का सिलसिला कायम करना, दोयम आदर्श हालत दिखलाकर दूसरों के लिये उदाहरण कायम करना। 

अगर ये संस्थाएँ तरक्की करती जायेऔर अपना खर्च निकालती रह़े तो हमें काफी इत्मीनान रहेगा। अब तक प्रैस ने नफा खूब कमा कर दिखलाया लेकिन तरक्की नहीं की इसलिए अब तरक्की का मार्ग निकालना पड़ा। आज तीसरे पहर प्रैस में जाकर काम करने वालों को सुझाव दिये।।       

रात के सत्संग में सच्ची भक्ति के अर्थ पर रोशनी डाली गई ।और आखिर में उन सात दर्जे का बयान हुआ जिनसे हर शख्स को गुजरना पड़ता है ।और वह यह है- अब्बल इंसान के दिल में संसार के भोग विलास से तसल्ली न पाकर बेहतर हालत के प्राप्ति के लिए शोक का पैदा होना।  

दोयम उस शौक के पूरा करने के लिए मुनासिब समय की जरूरत महसूस होनी और उसकी तलाश बन पडनी। सोयम  सच्चे मार्गदर्शक का मिल जाना और उसमें किसी कदर श्रद्धा का कायम होना। चहार्रुम  उसके चरणों में तेज और सच्ची प्रीत का पैदा होना। पंजुम उस प्रीत के बस हो कर वक्त फवक्तन सुरत का अंतर मुख होना और नामरूप या शब्द में लगना । शशुम अंतर में गहरी पहुंच का हासिल होना ।और हफ्तुम सच्चे मालिक के चरणो से मेल होकर अमर व अविनाशी गति प्राप्त होना । 

आम तौर पर लोग चौथी मंजिल में रुक जाते हैं। दुनियवी नफा नुकसान के तजुर्बात और दुनिया भी सामान की मोहब्बत प्रीति व प्रीति की तरक्की से बाधक होते हैं इसलिए हर सत्संगी को खबरदार होकर इस मंजिल से आगे कदम बढ़ाने की फिक्र करनी चाहिये।।                   

🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻

रोजाना वाकिआत- 17 दिसंबर 1932- शनिवार :-

मॉडल इंडस्ट्रीज ने फाउंटेनपेन में प्रयुक्त होने वाला एक नया निब पेश किया। उस निब की नोक पर जो मसाला लगाया गया है उसकी बहुत तारीफ की जाती है। निब आजमाईश के लिए मॉडल इंडस्ट्रीज के हेड क्लर्क को दिया गया । मिस्त्री का बयान है कि एक हफ्ता तक यह निब रोशनाई में डूबा रखा गया और उस पर तनिक भी असर नहीं हुआ। अगर परीक्षण में यह निब पूरा उतरा तो हमेशा के लिए यूरोप से निब मंगाने का झगड़ा छूट जाएगा और जो भाई दयालबाग फाउंटेनपेन पर बेवजह विलायती निब के नाक भौं चढ़ाते हैं उनकी भी शिकायत जाती रहेगी।।                       

महाराजा अलवर में यूनिटी कॉन्फ्रेंस में निहायत प्रभावशाली व दिलचस्प तकरीर दी है । जो अध्ययन के लायक है। महाराजा साहब ने अपने विषय को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया है जिससे उनकी आला शैक्षिक योग्यता प्रकट होती है। आप संयुक्त चुनाव के हक में है। 

 आपने फरमाया जब यह निश्चित हो गया कि हुकूमत की बागडोर चुने हुए प्रतिनिधियों के हाथ में दी जावे फिर अलहदगी के क्या मानी? मुशतर्का खानदान व मुशतर्का रोजगार में रौनक हुआ करती है या विभाजित खानदान व मुन्कसिम पूँजी  रोजगार में?  नुमाइन्दगान के लिए मौजूदा मुश्किलात देखकर हिम्मत ना हारने के मुतअल्लिक़ आपने फरमाया अक्सर ऐसा होता है कि जमीन की सतह पर पानी नजर नहीं आता लेकिन जब जमीन खोदते हैं तो जरूर निकल आता है। इसलिए हिम्मत ना हारो और खोद खाद कर ऐसी योजनाएं निकालो जो जुमला फरीकान को पसंद आवे। 

वाकई महाराजा बहादुर तारीफ के अधिकारी है जो कभी कभी उनकी शैक्षिक योग्यता के मुतालिक अखबारों में पढ़ने में आती है।      

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻


रोजाना वाकिआत- कल से आगे :- 

रात के सत्संग में बयान हुआ कि अगर किसी जिज्ञासु को बावजूद एहतियात से काम लेने के मुगालता हो जाए और वह किसी गलत संजोग में निश्चय ले आवे तो गलती मालूम होने पर नाहक परेशान नहीं होना चाहिये।  

जीव नादान व भूलनहार है उससे समय-समय पर गलतियों का घटित होना मामूली बात है। अगर कोई जीव अपनी तरफ मालिक की खोज में निकलता है और मुनासिब एहतियात से काम लेता हुआ होगा रोशनी का जो उसे हासिल है इस्तेमाल करता है और किसी दुनियावी गरज को दिल में जगह नहीं देता तो इससे ज्यादा वह बेचारा क्या कर सकता है ।

 ऐसे प्रेमीजन की मदद करना और उसे कामयाबी दिलाना मालिक का काम है।  संसार में अव्वल तो मनुष्य जन्म बडा दुर्लभ है और मनुष्यों में अधिक तादाद नर पशुओं की है और ऐसे थोड़े ही इंसान होते हैं जो मन व माया के देश में रहते हैं और उनके खेल खेलते हुए दिल में रुहानियत का ख्याल उठा सकते हैं। 

 स्पष्ट हो कि हर एक जिज्ञासु की गिनती ऐसे चुने हुए खुशकिस्मतों ही में है इसलिए उसे किसी तरह निराश नहीं होना चाहिए और अगर किसी संजोग की निस्बत उचित जाँच के बाद राय प्रतिकूल हो जाए तो मुनासिब होगा कि आगे के लिए चुपचाप वहाँ से अलग हो  जाय इसी उसूल पर अगर किसी भाई को जो दयालबाग से ताल्लुक रखता है किसी वजह से बेइतमीनानी हो रही है तो उसके लिए मुनासिब है कि दयालबाग से किनाराकश हो जाये और किसी दूसरे मकाम पर किस्मत अजमाई करें और अगर बर्दाश्त करता है तो इस कदर और मशवरा दिया जाएगा कि अगर उसे कहीं बेहतर संजोग मिल जावे तो उसकी इत्तला मुझको भी कर दें और अगर मुमकिन हो तो वहाँ की श्रेष्ठता कारणों से भी परिचित कराने की तकलीफ गवार करें। यह बातचीत व्यास के एक सवाल के जवाब में की गई।।                             

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻

रोजाना वाकिआत- 18 दिसंबर 1932- रविवार:- 


कॉरेस्पॉन्डेंस के वक्त एक जिज्ञासु के दरयाफ्त करने पर कबीर साहब की कुछ साखियों के मानी बयान किए गये उनमें " सीस देने"  यानी सर भेंट करने के लिए कथन है । प्रश्नकर्ता ने इन साखियों से नतीजा निकाला कि भगत जन को आत्महत्या कर लेनी चाहिये।  

हालांकि मतलब अहंकार या आपा तजने से है।  मसलन यह फरमाया है :-यह तो घर है प्रेम का खाला का घर नाहिं सीस उतारे भुई धरे सो पैठे घर माहिं।।        

                                     

अगर कोई जहर खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ले तो वह घर में कैसे पैठेगा जब कि उसका धड व सर तो मुर्दार हो जाएंगे ? इस साखी में यही उपदेश है कि परमार्थ को खाला जी का घर मत समझो कि जब चाहा दाखिल हो गये और मनमाने अंगों में बरतते रहे। 

 इस घर में वहीं रह सकता है जो अहंकार यानी खुदी को छोड़ना मंजूर करें। रात के सतसंग में बयान हुआ कि आत्मा, परमात्मा, मुक्ति वगैरह विषय इंसानी अकल से परे की बातें हैं। पंचइंद्रियों की तरह हमारी अक्ल भी सीमित है और रूहानी विषयों के मुतअल्लिक़ ज्ञान हासिल करने के नाकाबिल है।

 जो लोग अक्ल से इस विषय के मुतअल्लिक़ खयालात कायम करते हैं उनकी उस अंधे की सी हालत होती है जो बावजूद अंधा होने के जमीन के ऊंचा नीचा देख लेने का दावा करता है। मगर फिर इंसान क्या करें?  अक्ल के सिवाय किस कुव्वत का इस्तेमाल करें ? 

उसको चाहिए कि अध्यात्म का विशेषज्ञ तलाश करें और पता मिलने पर उसकी खूब जांच करें लेकिन जांच भी अगर अपनी अकल लडा कर करेगा तो चूक होगी क्योंकि यह अक्ल किसी इंसान की रुहानियत जानने के नाकाबिल है जैसी रूहानी मजामीन के मुतअल्लिक़ ख्याल उठाने की । जो शख्स गणित जानने के नाकाबिल है वह किसी विशेषज्ञ गणित की काबिलियत का इम्तहान करेगा?

  उसके लिए मुनासिब है कि अपने दिल से हर किस्म की पूर्वाग्रह दूर करके उस बुजुर्ग की खिदमत में हाजिर हो। 

क्रमशः🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻


 रोजाना वाकिआत- कल से आगे- 

रात के सत्संग में एक महत्वपूर्ण विषय पर रोशनी डाली गई।  दुनिया आमतौर पर मन व इंद्रियों के अंगों में बरतती है और दुःख पाती है ।जब दुनिया में कोई महापुरुष जन्म लेते हैं तो मुनासिब वक्त आने पर अवाम को सत उपदेश सुनाते हैं। उपदेश सुनकर कुछ लोग उनके श्रद्धालु बन जाते हैं आहिस्ता आहिस्ता श्रद्धालुओं के दायरा बन जाता है और वह एक अलग दल या समूह की शक्ल अख्तियार कर लेते हैं गोया इंसान की एक नई Species कायम हो जाती है ।और कुदरत का यह कानून है कि वह व्यक्तियों की परवाह नहीं करती वह Species  ही की परवाह करती है।

 हजारों आम के पेड़ कटते हैं, मरते हैं, कुदरत को कुछ गरज नहीं लेकिन आम की नस्ल कायम रखने के लिए जबरदस्त प्राकृतिक नियम मौजूद है। मसलन आम का रस मीठा है जो इंसान को पसंद है। इसलिए इंसान शौक से आम के पेड़ लगाते और सींचते हैं । उसकी हिफाजत के लिए आम के गूदे पर बदजायका का छिलका चढ़ा होता है और हर फल के मुंह पर एक टोपी चढ़ी होती है जिसके उखाड़ने पर निहायत बदजायका और गला छीलने वाला तेजाब सा होता है। 

इन इंतजामों ही से आम की नस्ल की काफी हिफाजत हो जाती है इसके अलावा आम का हर पेड़ जवान होते ही अपनी नस्ल की तरक्की के लिए सैकड़ों फल पैदा करता है। दूसरे जानदार दिन रात उन पर हमले करते हैं लेकिन हमला करने वालों से फलों की तादाद ज्यादा रहने से नस्ल नष्ट नहीं होने पाती।  वगैरह-वगैरह । 

अब इन सिद्धांतों को अपने ऊपर लगाओ । राधास्वामी दयाल की जगत में आगमन से हमारी भी एक जमात कायम हो गई है और खास किस्म के ख्यालात रखने की वजह से हम भी इंसानों की एक नई Species  बन गए हैं। और जिंदगी की कशमकश का कानून हमारे ऊपर भी असर कर रहा है। हमारे लिए भी दो ही सूरतें हैं या तो कशमकश में नष्ट हो जाय या जिंदा रहे मगर हमसे कुदरत का कोई काम निकल सकता है तो कुदरत के नियम हमारी रक्षा करेंगे। 

क्रमशः 🙏🏻राधास्वामी🙏 

[8/14, 04:37] +91 97176 60451

: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत- कल से आगे- कुदरत की तरफ से बंदोबस्त होगा कि संगत के जवान होने पर उसकी बड़े जोर से तरक्की हो, सैकड़ों हजारों नए मेंबर आये साल शरीक हो। चुनाँचे से 2-4 साल से ऐसा ही देखने में आ रहा है। हमारी संगत का जन्म सन 1861 ई० में हुआ । इसकी 71 साल की उम्र हो गई है। अब यह युवावस्था में कदम रख रही है। हर साल हजारों नये अफराद इसमें शरीक होने लगे हैं । मुल्क भर में दयालबाग का चर्चा है। गोया वक्त आ गया है कि सत्संगियों की Species खूब बढे। इसलिए सवाल होता है आया हम उन नादान मुफसिलों की तरह बेखबर रहे जो सूखे सड़े बच्चे पैदा करके हर साल दुनिया की मुसीबतों में बढ़ोतरी करते हैं या संगत की संभाल के मुतअल्लिक़ सोच विचार करके मुनासिब युक्तियाँ अमल में लावे। अगर हमारी जमाअत के मेंबरों की तादाद बेशुमार होगी लेकिन जिंदगी का स्तर गिर गया एक दिन आयेगा गिरे हुए अनगिनत बरहमनों,क्षत्रियों और वैश्यो की तरह या बौद्ध व अन्य धर्मों के अनुयायियों की तरह सत्संगी भी दुनिया में परेशान नजर आएंगे।  हजारों बरहमन गिर कर भिखमंगें बन गये, क्षत्रिय डाकू हो गये और वैश्य दगाबाजी करने लगे । ऐसे ही राधास्वामी दयाल की शिक्षा से गिरकर हजारों सत्संगी बेदीन, बेईमान, पाखंडी नजर आने लगेंगे। इसलिए बेहतर होगा कि सब भाई इस अहम मामले को मुनासिब तवज्जुह दें और जनरल मीटिंग के दिन मिलकर आंयदा के लिये कतई फैसला करें। मेरी अपनी राय यह है कि ऐसी खराब सूरत पैदा करने के मुकाबले हमारे लिए बेहतर होगा कि मालिक से प्रार्थना करें कि हम सब का तुरंत कला विध्वंस कर दिया जाये। अगर हम जिन्दा रहे और बढें तो सच्चे सतसंगी बनकर वर्ना हम खत्म हो जायें या इतने ही रहें। हमारे ऊपर पोलिटकल, सोशल, इकोनामिकल यानी सियासी, मज्जिलसी और इक्तसादी कानूनों का जोर पड रहा है। कांग्रेस के प्रोपेगण्डा का खिंचाव मगरिब की  सामाजिक आजादी के लालच और इक्तसादी परेशानी की दाब हमारे नौजवानों के दिलों पर असर कर रही है। अगर हम ख्वाबे गहरी नींद में मब्तला रहे और मेंम्बरो की तादाद में जोर व शोर से इजाफा  होता रहा तो हम चंद ही साल के अंदर बिगड़ कर कुछ के कुछ बन जायेंगे। इसलिए मुनासिब है कि इस जलसा के मौके का फायदा उठाया जावे इस मुश्किल के हल की सूरत निकाली जावे। आखीर में खडगपुर के मशहूर अनुवादक जोगा राव जी तेलुगू जबान में स्पीच विषय सार बयान किया। क्रमशः                  🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

[8/15, 04:29] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज -रोजाना वाकिआत- कल से आगे- 20 दिसंबर 1932- मंगलवार :-आज बहुत नये सत्संगी आये हैं । सालाना भंडारों की सी रौनक हो गई है । चबूतरे पर कतई जगह खाली नहीं है। 22 दिसंबर से नए पंडाल में सत्संग शुरू करने का इरादा है । सुबह कॉरेस्पोंडेंस के वक्त उस समय उपस्थित सतसंगियों से अपील की गई कि ब्यास सत्संग के मुतअल्लिक़ पिछली सब बातों को भूल जायें। और किसी किस्म की शिकायत या कोई सख्त वाक्य जबान पर ना लायें और वहां के अधिष्ठाता साहब ने बाहम मेल के सिलसिले में जो सबूत अपनी नेकनीयती का दिया है उसकी दिलोजान से कद्र करें। ब्यास से मुतअल्लिक़ एक सतसंगी ने उपदेश के लिये दरख्वास्त पेश की। जवाब दिया गया पहले वहाँ से इजाजत हासिल करो तब उपदेश दिया जा सकता है।।                             रात के सतसंग में बयान हुआ कि इंसान अपनी बुद्धि की वजह से सारे प्राणीवर्ग में सर्वश्रेष्ठ कहलाता है। उसे चाहिए कि अपनी बुद्धि का मुनासिब इस्तेमाल करें।  दुनिया के चरन्द व पलन्द बिला मकसद की जिंदगी बसर करते हैं क्योंकि उन्हें इतनी बुद्धि ही नहीं है । इंसान को चाहिए कि अपने लिए जीवन का उद्देश्य मुकर्रर करें । अगर किसी से पूछा जावे कि "दिल्ली जाकर क्या करोगे"। तो वह अव्वल यह जानना चाहेगा कि दिल्ली कैसी जगह का नाम है।  ऐसे ही जीवन के उद्देश्य कायम करने से पहले हर अक्लमंद शख्स यह जानना चाहेगा कि किसके लिए जीवन का उद्देश्य तय करना है। अगर जिस्म के लिए तय करना है तो एक किस्म का मकसद होगा और अगर मन के लिए तो वह दूसरी किस्म का होगा।  और अगर किसी तीसरी चीज के लिये तो वह तीसरी ही किस्म का होगा। इसलिये हर अक्लमंद शख्स का पहला यही काम है कि जानने की कोशिश में लगे कि "मैं क्या हूँ?" इस अम्र की तहकीकात ही उसका पहला मकसद जीवन का उद्देश्य होना चाहिये।।                         🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

[8/16, 04:38] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत- कल से आगे:- मगर आप एतराज करेंगे की स्वयं को हम कैसे जाने?  देखने वाला अपने तई किसकी मार्फत देखें?  ज्ञानेंद्रियां तो इस मामले में कतई नकारा है। वह तो संसार के पदार्थों की भी हकीकत जान नहीं सकती । ज्ञानेंद्रियां ज्यादा से ज्यादा संसार के पदार्थों की चंद गुणों का इल्म हासिल कर सकती है पदार्थों की वास्तविकता तक नहीं पहुंच सकती। संसार के पदार्थों से सूक्ष्म मन है। सो न किसी ने देखा है, न चखा है, न छुआ है या सुना है। फिर मन से परे की चीज को किस इंद्री से जाने ? महापुरुष बतलाते हैं कि वास्तव में असली आपे का ज्ञान हासिल करने में सभी इंद्रियाँ व मन लाचार है।  उसके जानने के लिए दो बातें करनी होगी। अव्वल मन व इंद्रियों को चुप कराना होगा। दोयम अंतर में जागृत रहना होगा । जो शख्स यह दो बातें न कर सकता हो तो बामकसद जिंदगी बसर करने का इरादा न करें । इन दो बातों में कामयाब होकर उसे अपने जिस्म की सोई हुई रूहानी कुवत को जगाना होगा।  इंसान अपने किसी अंदरूनी कुव्वत को अपने जिस्म के किसी अंश या अंग को जगा करके ही बेदार कर सकता है । मसलन देखने , सुनने वगैरह की कुव्वते तभी जागती है जब हमारे दिमाग के खास केंद्र बेदार हो जाते हैं ऐसे ही रूहानी कुवत को जगाने के लिए उसको अपनी अन्तर्चक्षु बेदार करनी होगी। उसके बेदार होने पर उसे अपनी असली आपे को ज्ञान हासिल होगा। उसका असल आपा न हाड माँस चाम का नतीजा है न काम क्रोध का  पुलिंदा। वह  सत् , चित् आनंद व प्रेम रूप चेतन जौहर है। यह ज्ञान व तजुर्बा होने पर अब उसके लिए जिंदगी का मकसद तय करना आसान हो जाता है। जैसे पानी का कतरा समुंदर में रहकर सच्ची आजादी भोग सकता है और पवित्र रह सकता है ऐसे हमारे असली आपा अपने सजातीय मसाले के मंडली में रहकर पवित्र व सुखी रह सकता है। इसलिए मकसदे जिंदगी एक करार पाया उस सुरत को निर्मल चेतन देश में पहुंचाया जावे। इसी को कुल मालिक का धाम कहते हैं। इसी गति के प्राप्त होने को मोक्ष कहते हैं। मकसदे जिंदगी कायम होने पर फर्ज हो जाता है कि इंसान अपनी हर कर्रवाई को ऐसा व्यवस्थित करें कि वह इस मकसद के प्राप्ति में सहायक व मददगार हो। जो इंसान ऐसा करता है अपनी अक्ल का मुनासिब इस्तेमाल करता है वह ही सच्चे मानी में इंसान है।।                      🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻**

[8/17, 04:25] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज -रोजाना वाकिआत- 21 दिसंबर 1932 -बुधवार -कल रात को दयालबाग की जनगणना की गई । कुल मर्दों, औरतों व बच्चों की तादाद 3992 बयान में निकली। आज दिन में मोगा, फिरोजपुर, अमृतसर और भीमावरम, तिरुनेलवेली वगैरह मकामात से बहुत से सत्संगी आये।।                                    कोलकाता से सूचना प्राप्त हुई की डेरी के लिये अमेरिका से जो गाय व सांड मंगाये गये हैं आज जहाज से उतरेंगे और 23 दिसंबर को दयालबाग पहुंचेंगे। और भी लखनऊ से खबर आई कि पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की फिल्में और वैन 26 दिसंबर को यहां पहुँचेंगी और 31 दिसंबर तक यहाँ नुमाइश की जायेगी।।                                                          तीसरे पहर भंडार घर का हाल देखा । बीसों स्त्रियां रोटी पकाने में संलग्न है। बिना प्रतिफल पर काम कर रही है । एक सेट पंजाबी  देहाती स्त्रियों का था। जिस शौक से यह स्त्रियाँ चुपचाप काम कर रही थी काबिले तारीफ है। यह अपने काम में इतनी सलंग्न थी कि उन्हें बहुत देर तक मेरे आने की खबर तक न हुई।  ए सत्संग की सुपुत्रियों!  राधास्वामी संगत को ऐसे ही काम करने वालों की जरूरत है।  ऐसे काम करने वालों ही के प्रताप से जनता के पेट भरने हैं! कॉरेस्पोंडेंस के वक्त बयान हुआ कि ढुलमुल यकीन होना परमार्थ में एक किस्म की बीमारी है । परमार्थ में स्थिर बुद्धि और सही ईमान ही कदम बढ़ा सकते हैं। जो लोग अपने तई बढ़कर काबिल समझते हैं और नामवरी के दिलोंजान से ख्वाहिशमंद होते हैं मगर समझबूझ बहुत अदना रखते हैं वही ढुलमुल यकीन हुआ करते हैं।।                          रात के सत्संग में जिक्र हुआ कि हर इंसान की जिंदगी में सबसे पहली महत्वपूर्ण घटना उसका दुनिया में जन्म लेना है और सबसे आखरी महत्वपूर्ण वाक्य शरीर का त्यागना है।  जैसे कि उसकी तालीमी जिंदगी में सबसे पहला वाकिआ उसका स्कूल में भर्ती होना और आखरी वाकिआ कॉलेज से निकलकर दुनिया में दाखिल होना होता है। इन दो हुदूद के अंदर यानी जन्म व मरन के दिनों दरमियानी अर्सा में हर इंसान को हजारों वाकिए पेश आते हैं लेकिन अगर मुझसे दरयाफ्त किया जाये तो सबसे अहम वाकिआ उसके जानिब मालिक की खास दया का संबोधित होना है। राधास्वामी दयाल का बचन है कि जहां 10 सत्संगी मिलकर मालिक की कीर्ति करते हैं वहां माली खास दया फरमाता है । और 27 दिसंबर के करीब दयालबाग में दह हजार सत्संगी मौजूद होंगे इसलिए हम उम्मीद कर सकते हैं कि उन दिनों में मामूल से हजार गुनी दया नाजिल होने का मौका है। राधास्वामी सत्संग सभा ने इसी गरज से सत्संगियों को इस मौके पर जमा होने और घर से चलकर सफर की तकलीफ बर्दाश्त करने के लिए मजबूर किया। दुनियावी जिंदगी का सबसे अव्वल अहम वाकिआ हम देख चुके हैं और आखिरी वाकिआ भी एक दिन जरूर ही देख लेंगे! अब अगर दरमियानी अर्से  का भी अहम वाकिआ देखने में आ जाए तो बहुत अच्छा हो । इन बातों के जिक्र के अलावा दयालबाग वालों की तरफ से नवागत भाइयों और बहनों का स्वागत किया गया।।                      🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻**

[8/18, 04:25] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत- 22 दिसंबर 1932- बृहस्पतिवार- सुबह मास्टर रोल से मालूम हुआ कि दिन भर में 550 नये आदमी आये। और सुबह के वक्त उपस्थितजन सत्संग की तादाद 4540 थी। हालांकि अभी छुट्टियां शुरू नहीं हुई है लेकिन लोग धड़ाधड़ आ रहे हैं । सुबह का सत्संग पंडाल में हुआ। इतना मजमा लेकिन अत्यधिक दर्जे की खामोशी। प्रबंधकगण ने मर्दों और औरतों के पंडाल में आने के लिए अलग-अलग सड़कें निश्चित कर दी है। इससे हर किसी को बड़ा आराम है। बाज छोटी-छोटी प्रबंध संबंधी बातें बड़े-बड़े नतीजे पैदा करती हैं। जिधर देखो लोगों के झुंड चलते फिरते नजर आते हैं। सफाई का यह हाल है कि कहीं तिनका तक नजर नहीं आता। भिश्ती, मेहतर, वालंटियर, स्काउट ,दयालबाग पुलिस, प्रबंधकगण कमेटी सभी तन तोड़ कर काम कर रहे हैं। सुपरिटेंडेंट साहब  ने भी कृपा करके बड़ी सड़क पर आवागमन की चौकसी के लिए दो कांस्टेबल तैयार कर दिये है। शुक्रिया! कॉरेस्पोंडेंस के वक्त बहुत से भाइयों के सवालात के जवाब दिये गये। स्वालात बहुत मामूली थे मतलब यह कि आया पेड़ों में भी रूह है? आया पेड़ काटने और दूध पीने से पाप होता है ? जुआ खेलना पाप है या नहीं?क्रमशः                    🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻**

[8/19, 04:25] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत- कल से आगे- रात के सत्संग में एक लंबी स्पीच हुई।  मैंने चाहा कि लोगों के दिलों में मजहबी कर्तव्य की गहरी अनुभूति पैदा कराई जाये। इसलिए जरा जोरदार अल्फाज इस्तेमाल करने पड़े। अव्वल यह समझाया गया कि जैसे इल्म बायोलॉजी बतलाता है कि दुनिया में पहले पहले निहायत सादा शक्ल के जिस्म जाहिर हुए। वह ऐसे जिस्म थे जो महज झिल्ली के टुकड़े थे और पानी पर तैरते थे लेकिन जब पशु जैसी जिंदगी ने उनकी मार्फत उस वर्ग पर कदम जमा लिया तो प्राकृतिक नियम ने उधेड़बुन शुरू की और उन झिल्ली के टुकड़ों के अंदर फूट की कार्रवाई शुरू हुई। स्नायुमंडल का मसाला बाहर आना हुआ। अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग केंद्र कायम हुए। रग मंडल रचा गया। मेंढक बने ,मछलियां बनी, दिल दिमाग , पेट वगैरह जाहिर हुए। उड़ने वाली और पेड़ों पर घोसले बनाने वाली मछलियां प्रकट हुई । परन्द चरन्द जाहिर हुए । होते होते हजरत इंसान प्रकट हुए और हवानात का खनिजों व वनस्पतियों पर आधिपत्य हो गया। ठीक इसी तरह मनुष्य वर्ग के इस दुनिया में पांव जमाने , फैलने और तरक्की करने के सिलसिले में पहले पहले बहुत सादा इंसान जाहिर हुए। जिनमें हैवानों के मुकाबले थोड़ा ही फर्क था।  लेकिन जब उन्होंने धीरे-धीरे कीटाणुओं व हिसंक जंतुओं से बच कर जिंदा रहने की सूरत निकाल ली और उस तबका पर अपना कदम जमा लिया तो कवानीने कुदरत ने उधेड़बुन शुरू की और इंसानों में तफ्रीक का अमल शुरू हुआ। दिमाग में रोशनी जाहिर हुई, दिल में जोश उठा, देखने सुनने वगैरह की शक्तियाँ  जोर से काम करने लगी।क्रमशः                 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

[8/20, 04:26] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज -रोजाना वाकिआत- कल से आगे- कुदरत की शक्तियों का इल्म जाहिर हुआ। देवताओं में आस्था, पितरों की पूजा का प्रारंभ हुआ। ईश्वर कोटि ऋषि प्रकट हुए। ब्रह्म विद्या का प्रकटन हुआ ।और ब्राह्मण जाति जलवानुमा हुई। और अवाम के दिलों पर कुदरत की शक्तियों और देवताओं का अधिकार कायम हो गया।  लोगों ने आवारागर्दी छोड़ दी । फने कृषि ज्ञात हो गया।मकानात तामीर होने लगे। वक्त पर बारिश हासिल करने के लिए इंद्र की पूजा और बीमारियों से सुरक्षा हासिल करने के लिए बड़े-बड़े यज्ञ होते थे। और मोक्ष के मुतअल्लिक़ गौर व मनन और साधन करने के लिए बड़े-बड़े आश्रम कायम हुए। कुछ अर्सा बाद ब्राह्मणों में गिरावट शुरू हुई मगर नौए इंसान की हिफाजत के लिए लूटमार का इल्म ईजाद हो गया । क्यों खेती करने की जहमत उठाई जाए?  क्यों बारिश के लिए इंद्र के सामने गिड़गिड़ायें? क्यों न उन लोगों को लूट लें जिनकी खेतियाँ हरी है?  क्यों ना दूसरी समृद्ध कोमो को लूट कर फौरन अमीर हो जाये? यह क्षत्रिय जाति की शुरुआत थी। तलवारे,कुल्हाड़ियाँ, तीरोकमान ईजाद हुए । फने युद्ध व जंग दरमाफ्त हुआ।जंग के देवता रुद्र की पूजा होने लगी । मारकाट धर्म हो गया। क्षत्रियों के राज का डंका बज गया । ब्राह्मण धर्म नीचा हो गया।  ब्राह्मणों का काम आमतौर जंग में फतह हासिल कराने और कत्ल व खून के पाप साफ कराने के कर्म कराना रह गया। वह कभी शगुन दरयाफ़्त करते थे कभी ग्रहों व नक्षत्रों से मदद लेते थे। हुकूमत व ब्रह्म विद्या दोनों क्षत्रियों के घर चली गई । मगर आम तौर लूटमार का बाजार गर्म होने से जल्द ही क्षत्रियों में गिरावट शुरू हुई और कुदरत ने जोर लगाकर तीसरा मरकज यानी वैश्य वर्ण जाहिर किया। ऐश के सामान तैयार होने लगे ।कश्तियां चलने लगी। तलवार की चमक और कमान की टंकूर के बजाय जवाहरात की चमक और रुपए की झंकार दिखलाई व सुनाई देने लगी। जंगोजदल करके अपनी जान को खतरे में डालें? खेती के लिए दोपहर में क्यों अपना सर जलायें?  क्यों ना 4 आने की चीज ₹4 में फरोख्त करके पौने चार रुपये कमा लें और उस कमाई का एक अंश खर्च करके सेना नौकर रख ले? गरजे की रेलें चलने लगी।क्रमशः                   🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**

[8/21, 04:25] +91 97176 60451: **परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज- रोजाना वाकिआत- कल से आगे:- भाप का जहाज और हवाई जहाज दौड़ने लगे। किस्म किस्म की भोग विलास के समान ईजाद हुए। क्षत्रिय धर्म को पराजय हुई ।वैश्य धर्म का डंका बजने लगा । गरीब ब्राह्मण एक एक पैसे में बिकने लगा । दर बदर पर भीख मांगने के लिए मजबूर हो गया!  मगर वैश्य धर्म भी पतित हो गया । हर चीज में मिलावट हर काम में नफा के लालच से धोखा । भाई को भाई का ऐतबार नहीं। बाप को बेटे का भरोसा नहीं। लोभ व मोह का बाजार गर्म और पूजा-पाठ का बाजार ठंडा।  जनता रुपया ऐश के पीछे दौड़ रही है । जिस गरज से कुदरत ने धरातल पर मानुषी चमक जाहिर किया था मृत हो रही है। मजबूरन कवानीने  कुदरत को चौथा मरकज कायम करना पड़ा। कुदरत पराजय नहीं खा सकती। उसके पास अनगिनत साधन है। गर्जे की शुद्र धर्म की बारी आई। सब काम वोट से चलता है। न कोई मंत्र को पूछता है न तलवार को और न रुपय को। पूछ है तो वोट की। स्ट्राइक पर स्ट्राइक होने लगी। बड़ी बड़ी तिजारतें गारत हो गई। दुनिया भूखी मर रही है। हर मुल्क कर्जे के नीचे दबा है। खलकत का कचूमर निकल रहा है । करोड़ो आदमी बिमारियों से मर रहे हैं जंग के बाद जंग की तैयारियां हो रही है। ऐसे ऐसे हथियार ईजाद हो चुके हैं कि आनन-फानन में शहर के शहर गारत कर दिये जावें। कौमें पेट पर पत्थर बांधकर गुजारा कर रही है। और सब का सब रुपया सामाने हर्ब पर खर्च  किया जा रहा है। खलकत तबाही के गढे में जा रही है। हर तरफ हाहाकार मचा है।  ईश्वर को जवाब और धर्म को धक्के मिल रहे हैं।  बहुत संख्या ही सब कुछ है। बहुसंख्या की पूजा और बहुसंख्या ही का राज है। दुनिया का यह हाल देख कर कवानीने कुदरत कैसे चुप रह सकते है?  जमीन की यह दयनीय दशा देखकर कुदरत को जोश आया। आसमान हिल गए ब्रह्मांड और सत्त देश में खलबली मच गई। परम पुरुष पूरन धनी राधास्वामी दयाल दुनिया में तशरीफ़ आवर हुए। सत्संग कायम हुआ । सच्चे धर्म को उन्नति देने के लिए तैयारियां शुरू हुई। इसी सिलसिले में हम और आप आज मिलकर बैठे हैं। हम बडे बदकिस्मत हैं कि ऐसे ख़राब जमाने में पैदा हुए लेकिन हम निहायत ही खुश किस्मत हैं कि हम महज पेट भरने व अण्डे बच्चे पैदा करने के लिए यह नहीं आये। हमारे जिम्में खास सेवा है हम लोग सच्चे मालिक के खिदमतगार है । हम लोग  सच्चे शूद्रो की तरह सेवा करेंगे । हम सच्चे ब्राह्मणों की तरह अपने हृदय को शुद्ध रखकर कुलमालिक के साक्षात्कार का साधन करेंगे। हम सच्चे क्षत्रियों की तरह धर्म व ब्रह्म विद्या की रक्षा करेंगे।  हम सच्चे वैश्यों की तरह जन सामान्य को सुख पहुंचाने की कोशिश करेंगे। कुदरत ने अब पाँचवाँ मरकज कायम किया है और कुदरत हमसे सेवा लिया चाहती है । कुदरत हमसे 4 बातें चाहती हैं।(1) हम हक व हलाल की कमाई से गुजारा करें ताकि हमारे जिस्म व मन शुद्द रहे। (2) हम सुबह व शाम साधन करके अपने हृदय को शुद्ध करें और सच्चे मालिक के चरणो को स्पर्श करने के अधिकारी बनें। (3) हम आपस में सच्चा भाई जैसा बर्ताव करें और(4) जब दुख तकलीफ या मुसीबत सर पर आवे तो सच्चे मालिक को याद करके दया व मेहर माँगे। इस किस्म की जिंदगी बसर करने से न सिर्फ हमारा बल्कि दुनिया का कल्याण होगा। यही सेवा कवानीने कुदरत हम से लिया चाहते हैं । ●क्या आप इस सेवा के लिए तत्पर है ?● जो शख्स इस सेवा के लिये तत्पर है वही राधास्वामी दयाल का सच्चा सिपाही है।।             🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻**

सुबह शाम का सतसंग औऱ वचन

 *राधास्वामी!! 21-08-2020-


 आज सुबह के सतसंग में पढे गये पाठ- 

                              

(1) गुरुमुख प्यारा गुरु अधारा। आरत धारा री।।-( गगन सिधारा नाम सिहारा। सुन्न मँझारा री।।) (सारबचन-शब्द-21वाँ पृ।सं.155)                                                         

(2) आज बाजे मुरलिया प्रेम भरी।।टेक।। सतसंगी सब जुड मिल गावें। सतसंगिन सब उमँग भरी।।-(सत्त अलग और अगम परस कर। राधास्वामी चरनन आन पडी।।) (प्रेमबानी-2-शब्द-19,पृ.सं.292)                                       

🙏🏻राधास्वामी🙏🏻


राधास्वामी!! आज शाम के सतसंग में पढे गये पाठ-                              

  (1) देख जग का ब्योहार असार। करत रहा मन में नित्त बिचार।। रहे अस मन आकाश समाय। पता निज घर का कोइ नहिं पाय।।-(चरन में गुरु के धर परतीत। बढावे छिन छिन घट में प्रीत।। ) (प्रेमबानी-3-शब्द-8,पृ.सं.346) 

(2) ऐसी होली रचाई (दयाल ने) ।।टेक।। भक्ति भाव और प्रीति चाव के, निज भंडार खुलाई। दयाधार सिर बरसन लागी, प्रेम का नीर बहाई। सब रहे मल मल न्हाई।९। (प्रेमबिलास-शब्द-35,पृ.सं. 47)                                                   

  (3) यथार्थ प्रकाश-भाग पहला-कल से आगे।।              🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**


-आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-

 कल से आगे-( 84)

 तुझ ज्ञात है कि शारीरिक और मानसिक शक्तियों को जगाने के लिए तुझे तीन बातों की आवश्यकता हुई- पहले व्यायाम सिखलाने वाले की,  दूसरे व्यायाम करने की, तीसरे उचित आहार की।

 आरंभ में हर बच्चे के लिए माता शिक्षक का काम देती है , फिर पिता, फिर मास्टर या अध्यापक। और यदि कोई व्यक्ति तन तोड़ कर व्यायाम करें और उचित आहार न करें तो उल्टा अस्वस्थ हो जायगा ।

 इसी प्रकार कोई व्यक्ति दिन-रात मस्तिष्क खपावे और बुद्धिमानों की लेखबद्ध अन्वेषणाओं तथा आविष्कारों का उपयोग न करें तो निसंदेह विक्षिप्त हो जायगा । यह सब बातें जानते हुए तेरे लिए यह निर्णय करना कठिन न होना चाहिए कि आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए किस-किस सामग्री की आवश्यकता है।     

                                 

  🙏🏻राधास्वामी🙏🏻 

यथार्थ प्रकाश- भाग पहला

 -परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज!**


Thursday, August 20, 2020

आज 21/08 का दिन मंगलमय हो

 प्रस्तुति -  कृष्ण मेहता:

 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 21 अगस्त 2020*

⛅ *दिन - शुक्रवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*

⛅ *शक संवत - 1942*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - वर्षा*

⛅ *मास - भाद्रपद*

⛅ *पक्ष - शुक्ल* 

⛅ *तिथि - तृतीया रात्रि 11:02 तक तत्पश्चात चतुर्थी*

⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी रात्रि 09:29 तक तत्पश्चात हस्त*

⛅ *योग - सिद्ध दोपहर 02:02 तक तत्पश्चात साध्य*

⛅ *राहुकाल - सुबह 10:55 से दोपहर 12:30 तक* 

⛅ *सूर्योदय - 06:20* 

⛅ *सूर्यास्त - 19:02* 

⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - हरितालिका-केवड़ा तीज, वराह जयंती*

 💥 *विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


 🌷 *गणेश उत्सव* 🌷

🙏🏻 *22 अगस्त 2020 शनिवार से गणेश उत्सव शुरू हो रहा है जो की ये 10 दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए बहुत ही खास माने जाते हैं। वास्तु में भी कुछ वस्तुओं का खास संबंध भगवान गणेश से माना जाता है। यदि आज इन 5 में से एक भी वास्तु घर लाई जाए तो भगवान गणेश के साथ-साथ देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और घर-परिवार पर उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है।*

 1⃣ *गणेश की नृत्य करती प्रतिमा*

*धन संबंधी परेशानियां दूर करने के लिए नृत्य करती गणेश प्रतिमा घर में रखना शुभ माना जाता है। प्रतिमा को इस तरह रखें कि घर के मेन गेट पर भगवान गणेश की दृष्टि रहे।*

2⃣ *बांसुरी*

 *बांसुरी घर में रखने से घर में लक्ष्मी का वास बना रहता है।इससे घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और धन पाने के योग बनने लगते हैं।*

3⃣ *एकाक्षी नारियल*

*जिस घर में एकाक्षी नारियल रखा जाता है और इसकी नियमित पूजा होती है, वहां नेगेटिविटी नहीं ठहरती है, न ही कभी धन-धान्य की कमी होती है।*

4⃣ *घर के मंदिर में शंख*

*शंख में वास्तु दोष दूर करने की अद्भुत शक्ति होती है। जिस घर के पूजा स्थल में शंख की स्थापना भी की जाती है, वहां देवी लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं।*

5⃣ *कुबेर की मूर्ति*

*भगवान कुबेर उत्तर दिशा के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए उत्तर दिशा में इनकी मूर्ति रखने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती।*

         🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *वास्तु शास्त्र*

🏡 *इस तरह कर सकते हैं वास्तुदोष का अंत*

*घर का जो हिस्सा वास्तु के अनुसार सही न हो, वहां घी मिश्रित सिंदूर से श्री गणेश स्वरुप स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होने लगता है।*

         🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


🌷 *आर्थिक परेशानी रहती हो तो* 🌷

🙏🏻 *अथर्ववेद की गणेश उपनिषद के अनुसार दूर्वा ( जो गणेशजी की पूजा के काम में आता है ) उसे घी में डुबायें .... और आहूति दें .... ये मंत्र बोल कर  आहूति डालें ... " ॐ गं गणपतये स्वाहा "*


          🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


🌷 *समाज में हर काम में विफलता - अपयश मिलता हो तो*

👨🏻 *जिन लोगो को समाज में हर काम में विफलता मिलती है, अपयश मिलता है, वे लोग साल (संस्कृत में उसे लाजा कहते है ) में घी मिला कर गणपति मंत्र से हवन करें तो कार्य सिद्ध होते है । यश की वृद्धि होती है ।*



          🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻

[8/21, 05:37] Morni कृष्ण मेहता: ⚜!!श्री् हरि् !!⚜

𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼प्रस्तुति𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼

                  🙏🏻 पं0 कृषण मेहता  🙏🏻

ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि आपके एवं आपके पूरे परिवार के लिए हर दिन शुभ एवं मंगलमय हों।

       21 अगस्त 2020 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और शुक्रवार का दिन है। तृतीया तिथि 11 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। हरितालिका तीज व्रत है। यह 'गौरी तृतीया व्रत' के नाम से भी जाना जाता है। हरतालिका तीज व्रत अविवाहित कन्याएं द्वारा अच्छे पति की प्राप्ति के लिये और विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिये करती है। अपने सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिये और एक अच्छे पति की प्राप्ति के लिये माता गौरी और भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। एक होता है सिद्धि योग और यह दूसरा है सिद्ध योग। साथ ही रात 9 बजकर 29 मिनट उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। जानिए राशिनुसार कैसा रहेगा आपका दिन।

🐑 मेष राशि अच्छे प्रदर्शन का प्रभाव आपके करियर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। आप अपने सीनियर्स के प्रति अच्छा व्यवहार बनाये रखेंगे। बायोलॉजी स्टूडेंट्स के लिए दिन बेहतरीन रहने वाला है। टीचर्स का आपको पूरा-पूरा सपोर्ट मिलेगा। माता-पिता के साथ संबंध मजबूत होंगे। कोई बड़ा ऑफर मिलने से धन लाभ होने की उम्मीद है। आपका दाम्पत्य जीवन खुशियों से भरा रहेगा। आप अपनी बात को साफ ढंग से रखने में सफल होंगे। काम में स्थिरता बनी रहेगी। रिश्ते मजबूत होंगे।

🐂 वृष राशि आपको उम्मीद से ज्यादा धन प्राप्त होगा। नौकरी पेशा लोगों को काम में सफलता हासिल होगी। आपके रुके हुए काम जरूर पूरे होंगे। ऑफ़िस में किसी बड़े अधिकारी का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों को आय के नए स्रोत मिलेंगे। कोई काम मन-मुताबिक पूरा होने से आप प्रसन्न रहेंगे। साथ ही आप सेहतमंद भी बने रहेंगे। आपकी सकारात्मक सोच जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव ला सकती है। आप जीवनसाथी के सहयोग से किसी नये काम की शुरुआत के बारे में सोच सकते हैं। कुल मिलाकर दिन बढ़िया रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा|

👨‍❤️‍👨 मिथुन राशि आपकी सेहत पहले की अपेक्षा अच्छी रहेगी। करियर में आपकी सफलता सुनिश्चित होगी। आपको घर के वरिष्ठ लोगों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय के सिलसिले में विदेश यात्रा करनी पड़ सकती है। परिवार में आपके गुणों की प्रशंसा होगी,जिससे आपका मन खुश रहेगा। आप अपनी कोई बात दोस्तों से शेयर कर सकते हैं। दिन खुद में बदलाव लाने के लिये अच्छा है। आपको आगे बढ़ने के लिए नई योजनाएँ बनानी पड़ सकती है। कारोबार में बढ़ोतरी होगी।

🦀 कर्क राशि मन स्थिर न होने की वजह से आप थोड़े परेशान हो सकते हैं, लेकिन शाम तक आप बेहतर महसूस करेंगे। कोई बड़ा फैसला लेने में आपको परेशानी महसूस होगी। किसी काम में कोशिश थोड़ी कम होने से काम अधूरे रह सकते हैं। दोस्तों के साथ अनबन होने की भी संभावना है। आपको दोस्त से बिना वजह की बात करने से बचना चाहिए। ऑफिस में सहयोगियों के साथ किसी प्रोजेक्ट को लेकर आप एकमत दिखायी नहीं देंगे। दिन अपेक्षा शाम का समय आपके लिये बेहतर रहेगा। आप किसी सामाजिक आयोजन में जा सकते हैं। वहां अच्छे लोगों से आपकी जान-पहचान होगी। आपके साथ सब अच्छा होगा।

🦁 सिंह राशि करियर के मामले में चीज़ें बेहतर होने के आसार हैं। आप अपना काम अच्छे से पूरा करने की कोशिश करेंगे। लेकिन आपको अपनेजीवनसाथी की सेहत के प्रति चिंता हो सकती है। उनको अचानक से कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। आपको उनका पूरा ध्यान रखना चाहिए। आप कोई काम बहुत जल्दबाजी में कर सकते हैं। किसी दोस्त से मदद की उम्मीद रख सकते हैं। परिवार में आपका सबका सहयोग मिलता रहेगा। परिवार में सब कुछ अच्छा रहेगा।

👰🏻 कन्या राशि पैसों से जुड़ा मामला आसानी से सुलझ जायेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। आपको कुछ नई चीज़ों से जुड़ाव महसूस होगी। आपके स्वभाव में धीरज बना रहेगा। आप अपनी सभी समस्याओं का हल आराम से ढूंढ निकालेंगे। आपके कार्य सफल जरूर होंगे। दिनभर उत्साह और कॉन्फिडेंस रहेगा। आप कुछ समय मनोरंजन में भी बितायेंगे। आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से होगी, जिसका आपके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। आपका मन प्रसन्न रहेगा।

⚖️ तुला राशि आपको अपनी प्रतिष्ठा में वृद्धि लाने के लिए कई अवसर प्राप्त होंगे। आप अपने जीवन को और बेहतर  बनाने के लिए अग्रसर रहेंगे। आज आप किसी तरह की राजनीति में उलझ सकते हैं। फिर वह राजनीति घर में भी हो सकती है और कार्यस्थल पर भी। इससे आपका काफी समय खराब हो सकता है। घर में नए मेहमान के आने की संभावना है। एक साथ बैठकर किसी खास मामले पर बातचीत हो सकती है। ऑफिस में काम की अधिकता थोड़ी ज्यादा होगी। मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करेंगे। आपकी सभी समस्याएं दूर होगी।

🦂 वृश्चिक राशि तरक्की के नये रास्ते खुले नजर आयेंगे। शाम तक कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना बन रही है। पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा। आप माता-पिता के साथ धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए जायेंगे। आपका स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। आप आसपास के लोगों से सहानुभूति बनाये रखेंगे। सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के लिए दिन खास रहने वाला है। आपके साथ सब कुछ अच्छा होगा। आपको किसी अच्छी खबर का इंतजार रहेगा। आपकी तरक्की सुनिश्चित होगी।

🏹 धनु राशि आपका दिन कुछ खास लेकर आने वाला है। घर का वातावरण खुशनुमा बना रहेगा। किसी जरुरी काम थोड़ी सी मेहनत करने से ही सफलता मिल जायेगी। लवमेट्स के लिए दिन फेवरेबल रहने वाला है। रिश्तों में नयापन आयेगा। वेब डिजाईनर्स के लिए दिन उत्तम रहने वाला है। आपको कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी। बच्चे पढ़ाई के मामले में अपने दोस्तों से कोई अच्छी प्रेरणा लेंगे। इससे आपको फायदा होगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी। आपके सुख-साधनों में बढ़ोतरी होगी। रिश्ते मजबूत होंगे।

🐊 मकर राशि दाम्पत्य संबंधों के बीच दूरियां खत्म होगी। रिश्तों में मधुरता आयेगी। बिजनेस में किसी काम को लेकर परेशान हो सकते हैं। किसी काम से आपको अधिक भागदौड़ भी करनी पड़ सकती है। बच्चे आपसे अपनी कोई बात शेयर कर सकते हैं। उधार लेन-देन से आपको बचना चाहिए। साथ ही कामकाज की व्यस्तता में आपको खाना-पीना बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए। इससे आपकी सेहत पर असर पड़ सकता है। आपको थोड़ा एक्सरसाइज पर भी ध्यान देने की जरूरत है। माता-पिता किसी काम में आपकी मदद कर सकते हैं। आपकी सभी परेशानियां दूर होगी।

⚱️ कुंभ राशि करियर के मामले में आपको कोई बड़ी सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में धन लाभ के अवसर मिलेंगे। आप कुछ ऐसे लोगों के साथ जुड़ेंगे,जो आपकी हर तरह से मदद के लिये तैयार रहेंगे। आपको अपने सगे-संबंधियों से भी पूरा लाभ मिलेगा। बिजनेसमैन को काम में बेहतर अपॉर्चुनिटिज़ मिलेगी। परिवार में ख़ुशी का माहौल रहेगा। साथ ही ऑफिस में भी स्थिति आपके फेवर में रहेगी। दोस्तों के साथ कुछ हंसी-खुशी के पल बितायेंगे। आप थोड़ा मौज- मस्ती के मूड में रहेंगे। धन लाभ होंगे।

🐬 मीन राशि आपको लाभ के कुछ अवसर प्राप्त होंगे। जो लोग बेरोजगार हैं, उन्हें रोजगार पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। अगर आप किसी को पसंद करते हैं और उसे प्रपोज करना चाहते हैं, तो दिन शुभ है। आपके काम जरूर बनेंगे। केमिस्ट्री स्टूडेंट्स के लिए दिन मिला-जुला रहने वाला है। मेहनत के बल पर आपको सफलता मिलेगी। कुछ अनुभवी लोगों से बेहतर सलाह मिलेगी। घर पर मेहमानों का आगमन आपको प्रसन्नता देगा। आपको कोई खास बात पता चल सकती है। सभी लोग आपके लिये मददगार साबित होंगे।


         ⚜❀┈┉☆...हरि ॐ...☆┉┈​❀​​⚜

●▬▬▬ஜ۩पं0 कृषण मेहता ۩ஜ▬▬▬●

🙏🏼 21 अगस्त 2020 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और शुक्रवार का दिन है। तृतीया तिथि 11 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। इसके साथ ही हरितालिका तीज व्रत है। यह 'गौरी तृतीया व्रत' के नाम से भी जाना जाता है। निर्णयसिन्धु के पृष्ठ 133, व्रतराज के पृष्ठ 103 से 110 में और अहल्याकामधेनु के पृष्ठ 282 से 295 में इस व्रत का वर्णन मिलता है।

 हरतालिका तीज व्रत अविवाहित कन्याएं द्वारा अच्छे पति की प्राप्ति के लिये और विवाहित महिलाएँ अपने सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिये करती है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए किया था।

 इस दिन अपने सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिये और एक अच्छे पति की प्राप्ति के लिये माता गौरी और भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत के दौरान सौभाग्यवती महिलाएं लाल वस्त्र पहनकर, मेहंदी लगाकर सोलह श्रृंगार करती हैं और शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करतीं हैं!

 शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। एक होता है सिद्धि योग और यह दूसरा है सिद्ध योग। कोई भी कार्य सीखने का सोच रहे हैं तो इस योग में शुरुआत करेंगे तो सिद्ध होगा। यह योग गुरु से मंत्र दीक्षा लेकर मंत्र जपने का उत्तम योग है। साथ ही रात 9 बजकर 29 मिनट उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का पाकड़ के पेड़ से इसका संबंध बताया गया है। कहीं-कहीं पर स्थानीय भाषा में इस पेड़ को पकड़िया के नाम से भी जाना जाता है।इस दिन माता पार्वती और शिवजी को खुश करने के लिए अगर पूजा के साथ ही उनके निमित्त आज के दिन कुछ उपाय भी किए जायें तो आपके बहुत से काम बन सकते हैं और आपकी खुशहाली को चार चांद लग सकते हैं। तो इन सब के लिये इस दिन कौन-से उपाय करने चाहिए। जानिए पं0 कृषण मेहता  से इन उपायों के बारे मैं!

 अगर आप अपनी संतान की तरक्की चाहते हैं, उसके आने वाले जीवन में खुशहाली देखना चाहते हैं, तो आज के दिन 11 बिल्व पत्र लेकर साफ पानी से धोकर उन पर रोली से टीका करके शिवलिंग पर चढ़ायें और हर बार एक बिल्व पत्र चढ़ाते समय गायत्री मंत्र का जाप करें- ॐ भूर्भुव स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥  साथ ही श्री त्रिम्बकेश्वर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके संतान की तरक्की सुनिश्चित होगी और उसके जीवन में खुशहाली आयेगी।

 अगर आप अपने जीवनसाथी को आर्थिक रूप से स्ट्रांग देखना चाहते हैं, तो आज के दिन भगवान शिव को नमस्कार करके उन्हें आक के 5 फूल चढ़ा कर शिव चालीसा का पाठ करें। साथ ही ओमकारेश्वर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपका जीवनसाथी आर्थिक रूप से स्ट्रांग होगा।

 अगर आप अपने जीवन में अक्षय फलों की प्राप्ति चाहते हैं, अपने जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की चाहते हैं तो आज के दिन भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर किसी जरूरतमंद को यथाशक्ति, यानी जितनी आपकी क्षमता हो, उतना अनाज भेंट करें। साथ ही केदारनाथ मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें और शिव जी के इस मंत्र का जाप करें। मंत्र है- ऊँ नमश्शिवाय। आज के दिन ऐसा करने से आपको अक्षय फलों की प्राप्ति होगी और आपको जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की मिलेगी।

अगर आपके मन में पहले से ही कोई लड़का है, या आपने अपने होने वाले पति की एक छवि अपने मन में बनाकर रखी है कि आपका होने वाले पति ऐसे स्वभाव का हो या ऐसे नयन-नक्ष वाला हो तो अपने मन का वर पाने के लिये शिव-गौरी का पूजन कर इस मंत्र का एक माला जाप करें। मंत्र है- "ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गौरा पार्वती देव्यै नमः''। साथ ही श्री अम्बा माता मंदिर के ऑनलाईन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपको मनवांचित वर प्राप्त होगा।

 अगर आपके दाम्पत्य जीवन में मधुरता कम हो गयी है, तो मधुरता बढ़ाने के लिये आज के दिन केले के टुकड़ों को शहद में डुबोकर शिवलिंग पर चढ़ाइए। साथ ही महाकालेश्वर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके दाम्पत्य जीवन में फिर से मधुरता बढ़ने लगेगी।

 अगर आप अपनी किस्मत का सितारा चमकाना चाहते हैं, तो आज के दिन शिव मन्दिर में बेल पत्रों की माला चढ़ाने के साथ ही प्रसाद के रूप में भगवान को केले का फल अर्पित करें।... साथ ही श्री लिंगाराज मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपकी किस्मत का सितारा हमेशा चमकता रहेगा।

 अगर आपके वैवाहिक जीवन में कोई परेशानी आ रही है, तो उसका हल पाने के लिये आज के दिन पानी में गंगाजल के साथ ही केसर भी डालिये और थोड़ी-थोड़ी मात्रा करके 7 बार में शिवलिंग पर अर्पित कीजिये। साथ ही बृहदेशर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियों का हल आपको जल्द ही मिलेगा।

 अगर आपके जीवनसाथी का कोई महत्वपूर्ण काम बहुत दिनों से अटका हुआ है, तो आज के दिन शाम के समय अपनी कामना पूर्ति के लिये शिव मन्दिर में एक तेल का दीपक जलाने के बाद 11 बार 'ऊँ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊँ' मंत्र का जाप भी करें। साथ ही श्री तारकेश्वर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके जीवनसाथी के काम बहुत जल्दी पूरे होंगे।

 अगर आपके पति की या होने वाले पति की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं चल रही है तो कल के दिन लाल रंग के फूलों से शिव-गौरी की पूजा करें और उनकी 11 परिक्रमा करें।   साथ ही श्री चिदम्बरम मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके पति की या होने वाले पति की आर्थिक स्थिति में आ रही परेशानी दूर होगी।

 अगर आप अपना प्रेम-विवाह बिना किसी अड़चन के सफल बनाना चाहते हैं तो आज के दिन शिव मन्दिर में अक्षत, यानी बिना टूटे हुये चावल चढ़ाएं और वहां के पुजारी से कहिये कि वो उन चावलों में से एक मुट्ठी चावल निकालकर आपकी झोली में डाल दें। साथ ही श्री कैलाशनाथ मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपका प्रेम-विवाह सफल होगा।

 अगर आप अपने दाम्पत्य जीवन को खुशहाल बनाना चाहते हैं और जीवनसाथी के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करना चाहते हैं, तो शिवलिंग पर कच्चा दूध मिला हुआ जल चढ़ाने के साथ-साथ अपने माथे पर रोली का तिलक लगाएं। साथ ही सोमनाथ मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपका दाम्पत्य जीवन खुशहाल होगा और जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते मजबूत होंगे।

 अगर आप अपने किसी काम में पूरी तरह से सफलता पाना चाहते हैं, तो उसके लिये आज के दिन दूध, दही, शहद, गंगाजल और शक्कर मिलाकर बने हुए पंचामृत से भगवान शिव को भोग लगाएं और उसमें से थोड़ा-सा भोग बचाकर रख लीजिये। बचे हुए भोग को किसी गाय के बछड़े या किसी बैल को भी खिला दीजिये। साथ ही काशि विश्वनाथ मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करें। आज के दिन ऐसा करने से आपको अपने काम में पूर्ण रूप से सफलता जरूर मिलेगी।


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सत्संग के उपदेश

 *सतसंग के उपदेश  --  भाग-3*

(परम गुरु हुज़ूर साहबजी महाराज)

               

  *बचन (75)*


             

इन्सान मोम या मिट्टी का पूरे क़द का आदमी आसानी से तय्यार कर सकता है लेकिन असली आदमी बच्चे ही की शक्ल में पैदा होता है और वह भी माता के सख़्त तकलीफ़ उठाने के बाद। ऐसे ही जो जमाअतें असली बच्चे पैदा करने का काम अपने ज़िम्मे लेती हैं उन्हें सख़्त तकलीफ़ें उठानी पड़ती हैं और जो बच्चा वह तय्यार करती हैं वह शुरू में निहायत नाज़ुक और पस्तक़द होता है और बमुक़ाबिले उन लोगों के जो मोम या मिट्टी का आदमी बनाते हैं वे एक अर्सा तक घाटे में रहती हैं।

 लेकिन मोम या मिट्टी का आदमी किस काम का? वह सिवाय इसके कि अपने गिर्द तमाशा देखने वालों की एक भीड़ जमा कर ले और क्या कर सकता है? बर्ख़िलाफ़ इसके असली बच्चा हरचन्द सख़्त तकलीफ़ के बाद पैदा होता है और अर्से तक नुक़्सान देता है लेकिन जवान होने पर सैकड़ों काम करता है।

           

चुनाँचे सतसंग के ज़िम्मे यही यानी असली बच्चा पैदा करने की सेवा सुपुर्द हुई है इसलिये सतसंग की तरक़्क़ी आहिस्ता आहिस्ता ही होगी और हमें अनेक तकलीफ़ें उठानी पड़ेंगी और मोम का आदमी तय्यार करने वाली जमाअतों के मुक़ाबले हम एक अर्से तक हेच रहेंगे लेकिन हमारा काम ज़िन्दा व असली होगा और उससे संसार का उपकार होगा।*


🙏🙏🙏🙏 

*राधास्वामी* 🙏🙏🙏🙏

.. 


आज का दिन 20/08 मंगलमय हो

  प्रस्तुति -कृष्ण मेहता: 

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

⛅ *दिनांक 20 अगस्त 2020*

⛅ *दिन - गुरुवार*

⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*

⛅ *शक संवत - 1942*

⛅ *अयन - दक्षिणायन*

⛅ *ऋतु - वर्षा*

⛅ *मास - भाद्रपद*

⛅ *पक्ष - शुक्ल* 

⛅ *तिथि - द्वितीया 21 अगस्त रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात तृतीया*

⛅ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 11:51 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*

⛅ *योग - शिव शाम 05:42 तक तत्पश्चात सिद्ध*

⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:05 से शाम 03:41 तक* 

⛅ *सूर्योदय - 06:19* 

⛅ *सूर्यास्त - 19:04* 

⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*

⛅ *व्रत पर्व विवरण - चन्द्र-दर्शन*

 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞


🌷 *सौ गुना फलदायी “शिवा चतुर्थी”* 🌷

 ➡ *22 अगस्त, शनिवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है ।*

🙏🏻 *भविष्य पुराण के अनुसार ‘भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का नाम ‘शिवा’ है | इस दिन किये गये स्नान, दान, उपवास, जप आदि सत्कर्म सौ गुना हो जाते हैं |*

👩🏼 *इस दिन जो स्री अपने सास-ससुर को गुड़ के तथा नमकीन पुए खिलाती है वह सौभाग्यवती होती है | पति की कामना करनेवाली कन्या को विशेषरूप से यह व्रत करना चाहिए |’*


       🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


🌷 *गणेश-कलंक चतुर्थी* 🌷                            🙏🏻 *( ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जप करने और गुड़मिश्रित जल से गणेशजी को स्नान कराने एवं दूर्वा व सिंदूर की आहुति देने से विघ्न-निवारण होता है तथा मेधाशक्ति बढ़ती है | )*


         🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


🌷 *गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन कलंक निवारण के उपाय*

➡ *इस वर्ष  22 अगस्त, शनिवार को (चन्द्रास्त : रात्रि 09.49)*

🙏🏻 *भारतीय शास्त्रों में गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन निषेध माना गया है इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को एक साल में मिथ्या कलंक लगता है। भगवान श्री कृष्ण को भी चंद्र दर्शन का मिथ्या कलंक लगने के प्रमाण हमारे शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।*

🌷 *भाद्रशुक्लचतुथ्र्यायो ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपिवा।*

*अभिशापीभवेच्चन्द्रदर्शनाद्भृशदु:खभाग्॥*

🙏🏻 *अर्थातः जो जानबूझ कर अथवा अनजाने में ही भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह अभिशप्त होगा। उसे बहुत दुःख उठाना पडेगा।*

🙏🏻 *गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लेने पर कलंक अवश्य लगता है। ऐसा गणेश जी का वचन है।*

🙏🏻 *भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन न करें यदि भूल से चंद्र दर्शन हो जाये तो उसके निवारण के निमित्त श्रीमद्‌भागवत के १०वें स्कंध, ५६-५७वें अध्याय में उल्लेखित स्यमंतक मणि की चोरी कि कथा का  श्रवण करना लाभकारक है। जिससेे चंद्रमा के दर्शन से होने वाले मिथ्या कलंक का ज्यादा खतरा नहीं होगा।*

🌷 *चंद्र-दर्शन दोष निवारण हेतु मंत्र* 🌷

🙏🏻 *यदि अनिच्छा से चंद्र-दर्शन हो जाये तो व्यक्ति को निम्न मंत्र से पवित्र किया हुआ जल ग्रहण करना चाहिये। मंत्र का २१, ५४ या १०८ बार जप करें । ऐसा करने से वह तत्काल शुद्ध हो निष्कलंक बना रहता है। मंत्र निम्न है।*

🌷 *सिंहः प्रसेनमवधीत्‌ , सिंहो जाम्बवता हतः।*

*सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः ॥*

🙏🏻 *अर्थात: सुंदर सलोने कुमार! इस मणि के लिये सिंह ने प्रसेन को मारा है और जाम्बवान ने उस सिंह का संहार किया है, अतः तुम रोओ  मत। अब इस स्यमंतक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, अध्यायः ७८)*

🙏🏻 *चौथ के चन्द्रदर्शन से कलंक लगता है | इस मंत्र-प्रयोग अथवा स्यमन्तक मणि कथा के वचन या श्रवण से उसका प्रभाव कम हो जाता है |*


          🌞 ~ *हिन्दू पंचांग* ~ 🌞

🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻

⚜!!श्री् हरि् !!⚜

   𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼प्रस्तुति𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼

                  🙏🏻 *_नमस्कार_* 🙏🏻

ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि आपके एवं आपके पूरे परिवार के लिए हर दिन शुभ एवं मंगलमय हों।

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●▬▬▬▬ஜ۩पं0 कृषण मेहता ۩ஜ▬▬▬▬●

20 अगस्त 2020 गुरुवार को चंद्र दर्शन दिवस है। चंद्र दर्शन हिंदू मान्यताओं में धार्मिक महत्व रखता है। हर माह जब अमावस्या के बाद पहली बार चंद्रमा दिखाई देता है उस दिन चंद्र दर्शन दिवस भारत के लगभग हर हिस्से में बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

💮 गुरुवार की शाम 5 बजकर 41 मिनट तक शिव योग रहेगा। शिव का अर्थ होता है शुभ। यह योग बहुत ही शुभदायक है। इस योग में किए गए सभी मंत्र शुभफलदायक होते हैं। इस योग में यदि प्रभु का नाम लिया जाए तो सफलता मिलती है। साथ ही पूरा दिन पार कर रात 11 बजकर 51 मिनट तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से ये ग्यारहवां नक्षत्र है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र की राशि सिंह है। इसका संबंध ढाक या पलाश के पेड़ से बताया गया है।

चंद्र दर्शन के दिन दिन कौन-से उपाय करने चाहिए।

💁🏻‍♀️ अगर आप चाहते हैं कि घर-परिवार और आसपास के सब लोग आपके कार्यों में मददगार साबित हों, तो आज के दिन आपको अपनी मां या मौसी को सफेद रंग का तौलिया भेंट करना चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर-परिवार और आस-पास के सब लोग आपके कार्यों में मददगार साबित होंगे।

👉🏼 अगर आपके दाम्पत्य संबंधों में किसी न किसी बात को लेकर तनाव बना रहता है, तो आज के दिन आपको चांदी का चंद्रमा धारण करना चाहिए। अगर संभव हो तो अपने जीवनसाथी को भी धारण करवाएं। आज के दिन ऐसा करने से आपके दाम्पत्य संबंधों में चल रहा तनाव दूर होगा और आपके रिश्तों में प्यार बना रहेगा।

💁🏻‍♀️ अगर आपके परिवार में सब लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर जल्दी परेशान हो जाते हैं और एक-दूसरे की बातों पर ज्यादा गौर नहीं करते हैं, तो आज के दिन आपको चंद्रदेव के इस खास मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र है - सौं सोमाय नमः।'' आज के दिन ऐसा करने से आपके परिवार का माहौल ठीक होगा, सबकी परेशानी दूर होगी और सब लोग एक-दूसरे की बातों पर गौर करने लगेंगे।

👉🏼 अगर आप अपने जीवनसाथी में धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि को बढ़ाना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको किसी धार्मिक स्थल पर रूई की बत्ती का दान करना चाहिए। बेहतर होगा कि आप खुद अपने हाथों से रूई की बत्ती बनाकर, उसे अपने जीवनसाथी के हाथों से स्पर्श कराकर दान करें। आज के दिन ऐसा करने से आपके जीवनसाथी में धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी।

💁🏻‍♀️ अगर आप अपने धन आगमन के क्षेत्र में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज के दिन शुभ चंद्रदर्शन दिवस में आपको 3 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके धन आगमन के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी।

👉🏼 अगर आप अपना स्वास्थ्य बेहतर बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको गाय माता का आशीर्वाद लेना चाहिए और रोटी पर दूध-चावल से बनी खीर रखकर गाय को खिलानी चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।

💁🏻‍♀️ अगर आप अपने जीवन में गति बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको सफेद घोड़े को चने खिलाने चाहिए। अगर सफेद घोड़ा न मिले, तो किसी भी घोड़े को चने खिला दें। आज के दिन ऐसा करने से आपके जीवन में गति बनी रहेगी।

👉🏼 अगर आपका मूड कुछ उखड़ा, उखड़ा-सा रहता है, आप मानसिक रूप से परेशान रहते हैं, तो आज के दिन आपको 2 मुखी रुद्राक्ष लेकर धागे में पिरोकर गले में धारण करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपका मूड ठीक रहेगा और आपकी मानसिक रूप से परेशानी का हल निकलेगा।

💁🏻‍♀️ अगर आप माता के साथ अपने संबंधों को ठीक बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको अपनी माता के हाथ से दूध का पैकेट स्पर्श करवाकर मन्दिर में दान करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से माता के साथ आपके संबंध ठीक बने रहेंगे।अगर आप माता के साथ अपने संबंधों को ठीक बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको अपनी माता के हाथ से दूध का पैकेट स्पर्श करवाकर मन्दिर में दान करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से माता के साथ आपके संबंध ठीक बने रहेंगे।

👉🏼 अगर आप अपने अंदर आध्यात्मिक शक्तियों को बढ़ाना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको चंद्रदेव के इस मंत्र का पांच माला, यानी 540 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:'।  आज के दिन ऐसा करने से आप अपने अंदर आध्यात्मिक शक्तियों को बढ़ाने में सफल रहेंगे।

💁🏻‍♀️ अगर आप आत्मनिर्भर बने रहना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको एक मिट्टी के घड़े में पानी भरकर और उसमें एक चुटकी चावल डालकर किसी मन्दिर या धार्मिक स्थल पर दान करना चाहिए आज के दिन ऐसा करने से आप आत्मनिर्भर बने रहेंगे और अपने कार्यों को सही ढंग से पूरा करेंगे।

👉🏼 अगर आप कपड़ों का व्यापार करते हैं और अपने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, तो आज के दिन आपको एक सफेद रंग के कपड़े में थोड़े-से चावल बांधकर मन्दिर में दान करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपके व्यापार में बढ़ोतरी होगी।               

20 अगस्त 2020 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और गुरुवार का दिन है। द्वितीया तिथि देर रात 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। चंद्र दर्शन दिवस है। चंद्र दर्शन हिंदू मान्यताओं में धार्मिक महत्व रखता है। हर माह जब अमावस्या के बाद पहली बार चंद्रमा दिखाई देता है उस दिन चंद्र दर्शन दिवस भारत के लगभग हर हिस्से में बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान चंद्र की पूजा करने और व्रत रखने का विधान हैं। ऐसी मान्यता है कि चंद्रमा ज्ञान, बुद्धि और मन का स्वामी ग्रह है। आज शाम 5 बजकर 41 मिनट तक शिव योग रहेगा। शिव का अर्थ होता है शुभ। यह योग बहुत ही शुभदायक है। इस योग में किए गए सभी मंत्र शुभफलदायक होते हैं। साथ ही पूरा दिन पार कर रात 11 बजकर 51 मिनत तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। जानिए राशिनुसार कैसा रहेगा आपका दिन।

🐑 मेष राशि आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। आप अपना काम समय से पूरा कर लेंगे। दूसरेलोगों से आपको मदद मिलती रहेगी। आप हर किसी की बात को सुनने की कोशिश करेंगे। कुछ नए दोस्त बनने की संभावना है। आप उनके साथ कहीं घूमने की प्लानिंग कर सकते हैं। किसी खास क्षेत्र मेंसफलता हासिल करने के लिये आप तत्पर रहेंगे। काम के प्रति समर्पित होने से अधिकारी वर्ग आपसे इम्प्रेस होंगे। बच्चों का अच्छा व्यवहार देखकर माता-पिता खुश होंगे।

🐂 वृष राशि आप अपने दोस्तों के साथ अच्छा समय बितायेंगे। आपका मन प्रसन्न रहेगा। आप कोई ऐसा काम करेंगे,जिससे आपकी तारीफ होगी। किसी भी नए ऑफर के लिए आप तैयार रहेंगे। खुशियां कभी भी मिल सकती है। सामाजिक काम में सफल होंगे। आपके कामों की चर्चा होगी। आपका कोई खास काम समय से पूरा हो जायेगा। कुछ लोग आपसे सहयोग मांग सकते हैं। घर पर छोटी-सी पार्टी का आयोजन करेंगे, जिससे घर पर लोगों का आना-जाना लगा रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

👨‍❤️‍👨 मिथुन राशि आपको कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे, जिससे घर का माहौल खुशियों से भरा रहेगा।  आपको संचार-साधनों से फायदा हो सकता है। ज्यादातर चीजें बहुत आसानी से सुलझती जाएंगी। आपको कुछ नए अनुभव भी प्राप्त होंगे। कुछ ऐसे लोगों से मुलाकात होगी, जिनसे पैसा कमाने के नये विचार मिलेंगे। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े छात्रों को बेहतर परिणाम मिलेंगे। कुछ लोग आपके लिए मददगार साबित होंगे। जीवन में लोगों का सहयोग मिलता रहेगा।

🦀 कर्क राशि आपका दिन धार्मिक गतिविधियों में बीतेगा। किसी काम से भागदौड़ अधिक हो सकती है। आपको थकान महसूस होगी। बच्चों के साथ कुछ टाइम स्पेंड करेंगे। घर पर अचानक से मेहमान भी आ सकते हैं। आपको सबकी बात ध्यान से सुननी चाहिए। दोस्तों से तालमेल अच्छा बना रहेगा। आपको किसी जरूरी काम में सफलता मिलेगी। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। पैसों को लेकर किसी तरह की परेशानी होने की संभावना है। आपको थोड़ा-सा संभलकर रहना चाहिए। आपके साथ सब अच्छा होगा।

🦁 सिंह राशि आपको कुछ नया सीखने का मौका मिलेगा। घर पर किसी मित्र के आने से आपको ख़ुशी होगी। अपनी खुशी बरकरार रखने के लिये आपको विवादों से दूर रहना चाहिए। किसी पुरानी बात को लेकर आपको चिंता हो सकती है। आप किसी न किसी काम में उलझ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन कुछ मामलों में आप सफल भी होंगे। आप किसी समारोह में जाने की योजना बनायेंगे। ऑफिस में आपकी इम्पोर्टेंस बनी रहेगी। आपकी सभी परेशानियां दूर होगी।

👰🏻 कन्या राशि आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। सोचा हुआ काम समय पर पूरा हो जायेगा। पैसे कमाने के लिए नए मौके मिलेंगे।  रचनात्मक काम में लगे लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। साथ ही आप उनकी इच्छा को पूरी करने की कोशिश करेंगे। दोस्तों के साथ संबंध बेहतर होंगे। उनसे मिलकर आपको किसी काम में फायदा भी होगा। मास कम्युनिकेशन स्टूडेंट्स के लिए दिन फेवरेबल रहने वाला है। आपकी सफलता सुनिश्चित होगी। आपको धन लाभ होगा।

⚖️ तुला राशि आप अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने में सफल होंगे। परिवार के लोग आपसे खुश होंगे। ऑफिस का कोई खास काम रुक सकता है। बच्चे पढ़ाई-लिखाई में कम ध्यान देंगे। आपको मेहनत करने की जरूरत है। वहीं कारोबारियों को काम में फायदा होगा। आपको किसी मामले में बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ ख़ुशी के पल व्यतीत करेंगे। रिश्तों में बेहतर तालमेल बना रहेगा। पैसों से जुड़े कुछ मामलों पर विचार करेंगे। आपकी सभी समस्याएं दूर होगी।

🦂 वृश्चिक राशि आपका ध्यानसामाजिक कामकाज में लगा रहेगा। किसी मामले में आप भावुक हो सकते हैं। जरूरी काम में दोस्तों और भाईयों का सहयोग मिलेगा। जीवन में तरक्की मिलने से परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा। ज्योग्रफी विषय के स्टूडेंट्स के लिए दिन शानदार रहने वाला है। आपको अच्छे अंक प्राप्त होंगे। आप खुद को सेहतमंद महसूस करेंगे। आपको दूसरे लोगों की मदद करने का मौका मिल सकता है। आप कुछ नया काम करने की सोच सकते हैं। दोस्तों के साथ संबंध बेहतर होंगे।

🏹 धनु राशि आपको अचानक से धन लाभ होगा। संतान पक्ष से आपको कोई खुशखबरी मिलेगी। पैसों के मामले में उन्नति के नये रास्ते खुलेंगे। आप कोई नई चीज सीखेंगे। दूसरे लोगों की सलाह फायदेमंद होगी। नए दोस्तों से मुलाकात फायदा दिलायेगी। किसी समारोह में शामिल होने के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी को कुछ गिफ्ट देकर उन्हें सरप्राइज कर सकते हैं। व्यापार में लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आपकी रचनात्मक प्रतिभा खुलकर लोगों के सामने आयेगी। संतान सुख की प्राप्ति होगी।

🐊 मकर राशि घर में किसी बड़े की सलाह लेकर ही आपको कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए। बच्चों के साथ मनोरंजक यात्रा होगी। कामकाज ज्यादा होने से परेशानी थोड़ी बढ़ सकती ही। एमसीए स्टूडेंट्स के लिये दिन सामान्य रहने वाला है। सफलता हासिल करने के लिए थोड़ी और मेहनत करने की आवश्यकता है। किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से आपको बचना चाहिए। बहुत से लोग आपके लिए मददगार साबित होंगे। आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करेंगे। इससे आपको फायदा होगा। आपकी सभी परेशानियों का हल निकलेगा।

⚱️ कुंभ राशि पहले किए गए किसी काम से आपको फायदा होगा। कोई पुराना मित्र अचानक आपसे मिल सकता है। किस्मत का साथ बना रहेगा। कुछ खास लोगों से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक रहेगी। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। आपका सोचा हुआ काम अचानक से पूरा हो जाएगा। आपकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आएगा। दोस्तों की मदद से आपकी कोई प्लानिंग सक्सेस होगी। कोई शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं। आपका दिन शुभ रहेगा।

🐬 मीन राशि कुछ महत्वपूर्ण लोगों से आपका कॉन्टैक्ट होगा। पारिवारिक जीवन सुखद बना रहेगा। आपको अधूरे काम पूरे हो जायेंगे। अपने व्यक्तित्व के दम पर आप कुछ लोगों को अपने फेवर में कर लेंगे, जिसका आपको पूरा फायदा मिलेगा। काम में एकाग्रता बनी रहने के कारण आपको सफलता भीमिलेगी। जीवन में आप लगातार आगे बढ़ते जायेंगे। बच्चे माता-पिता के साथ समय बितायेंगे। आपको किसी सामाजिक कार्य में शामिल होने का मौका मिल सकता है। धर्म-कर्म के प्रति आपकी रुचि बढ़ेगी। रूके हुए काम पूरे होंगे।

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पूज्य हुज़ूर का निर्देश

  कल 8-1-22 की शाम को खेतों के बाद जब Gracious Huzur, गाड़ी में बैठ कर performance statistics देख रहे थे, तो फरमाया कि maximum attendance सा...