Sunday, October 16, 2011

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Wednesday, April 30, 2008

RTV entrance:, difficult...oh no...

I am the least qualified to offer tips to aspirants, for my name figured on the waiting list and I could eventually make it only after somebody worthier opted out. But Ritesh ji has been threatening to ex-communicate me from IIMCAA, and hence the meek capitulation.

I think sailing through IIMC is both easy and difficult at the same time. Easy because it does not really require any preparation. And difficult because of the criminal demand-supply gap vis-à-vis seats on offer--35 (during my batch i.e. 2005-06).

If you want to be in the business of communication, you need to figure out what you have to say and say it effectively.

Try to gather information (read) on national and and international issues/controversies and contextualise them, give them a perspective.

Take a stand, howsoever "politically incorrect" it may be, and make sure you have the moral courage and intellectual wherewithal to justify it. For example, if you believe reservation policy is futile, or India was right in voting in favour of a UN resolution against Iran, say so. The idea is to come across as an independent thinker.

Sound knowledge base and an effective use of language as a tool will do the trick.

Please do not fall in love with any question. You may feel tempted to write endlessly on a certain question, but exercise restraint. You have to answer many questions.

Be consistent in terms of content, length and language of your answers.

Some issues worth looking at:
Recent developments in Nepal and Pakistan and the consequent impact on India's bilateral relations with them. For example, Maoists in Nepal have already made their intentions clear by asserting that they would scrap all previous pacts with India and renegotiate them afresh.
Chinese government's crackdown on pro-independence protests in Lhasa. You can link it with the 1989 pro-democracy students protests on Tiananmen Square, where Chinese military tanks crushed thousands of college-goers.  

Bhutan election--an exemplary initiative to shift from monarchy to democracy, peacefully and voluntarily. You can contrast the event with Nepal's former King Gyanendra who doggedly refused to abdicate the thrown before he was upstaged by a pro-democracy movement spearheaded by the Maoists.

A broad overview of the newest version of cricket, that is, T20 (IPL) (Do you think it's "McDonaldisation" of the game?.
Evaluate other pros and cons and try to bring in the Bhajji-Sreesanth "slap saga", besides the question of desirability of cheerleaders in the game.
Special Economic Zones..Their grab or engine of economic growth?

Inflation and global food shortage..reasons..(Yes, us Indians and the Chinese!!..billions of mouths to be fed here, export bans by these nations..leading to a food supply crunch..rising crude oil prices..diversion of food grain (maize) by the US and Europe for bio-fuel production..)

Indo-US nuclear deal (People have whined, talked, written about it ad-nauseum..but it continues to be the most challenging foreign policy decision for India).

Also, try and form an understanding of how TV news media is functioning, its content, presentation and priorities. do you see it trivialising news, and in the process, undermining democracy, dumbing you down? Is it suspending your conscience, your thought process, either by sensationalism, or by upping the glamour quotient? You would also do well to analyse a few TV serials, soap operas and see what values they are regressive or progressive they are..
Finally, see if you can read the last few editions of frontline, it's a fortnightly magazine and pratiyogita darpan. And of course, newspaper edits are a must...

A reposeful and inviting IIMC is looking forward to having you as its students!!!

Contributed by:- Shreejay Sinha

महत्वाकांक्षाएं परिश्रम मांगती हैं...

दो श्रेणी के छात्र पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थानों में आते हैं. पहली श्रेणी में वे लोग हैं, जिनकी पढ़ने-लिखने में स्वाभाविक रूप से दिलचस्पी होती है. इस दिलचस्पी का मुख्य पैमाना यही है कि रोज सुबह उन्हें अख़बार की ज़रूरत पड़ती है. वे अखबारों पर नजर डालते हैं और अपनी दिलचस्पी के विषयों से संबंधित लेख और संपादकीय भी पढ़ते हैं.

इस तरह की पढ़ाई के बाद सामयिक और समकालीन विषयों के बारे में उनकी रुचि बढ़ती चली जाती है और जहां कहीं इससे संबंधित सामग्री उन्हें मिलती है, वे स्वतः ही उसे पढ़ने में जुट जाते हैं. इस श्रेणी के उम्मीदवारों के पास पत्रकारिता संस्थान में प्रवेश पाने का आधार पहले से ही तैयार होता है. पत्रकारिता संस्थान में नौ-दस महीने के प्रशिक्षण के दौरान उनकी इस क्षमता को पत्रकारीय कौशल में तब्दील किया जाता है और स्वाभाविक रूप से यही उन्हें समाचार जगत में प्रवेश दिलाता है.

ऐसे उम्मीदवारों को प्रवेश के लिए थोड़ा अधिक सघन प्रयास करना होता है. इसके लिए पहला कदम तो यही है कि वे परीक्षा से करीब छह महीने पहले किसी भी बड़ी घटना के बारे में तीन अखबारों में तीन रिपोर्ट पढ़ें और इनके अंतर और समानता का विश्लेषण करें. आम तौर पर इस तरह की बड़ी घटनाओं पर हर समाचार पत्र अगले दिन संपादकीय प्रकाशित करता है. तीन समाचार पत्रों के एक ही विषय पर तीन संपादकीयों को पढ़ने से इस विषय पर समझदारी और ज्ञान बढ़ता है और पता चलता है कि इस विषय को कितने परिपेक्ष्य से देखा जा रहा है.

किसी न किसी विषय पर हर समाचार पत्र में सप्ताह भर लेख भी प्रकाशित होते रहते हैं और इस तरह के कम से कम तीन लेख तो पढ़ने ही चाहिए. इतना सब करने के बाद यह कह सकते हैं कि किसी विषय पर वे पर्याप्त रूप से जानकारी रखते हैं और उस विषय के बारे में उनके पास ज्ञान और समझदारी भी है.

इतना सब करने के बाद उनमें से किसी विषय पर किसी भी तरह का प्रश्न आए, वे इसका उत्तर देने में सक्षम होंगे (इसका मतलब यह भी नहीं है कि "तीन" तक ही सीमित रहा जाए बल्कि जितना अधिक अध्ययन हो सके, उतना ही अच्छा है.)

प्रवेश परीक्षा में दो तरह की जानकारी और ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है. एक जानकारी की श्रेणी वह है जिसे रातों-रात विकसित नहीं किया जा सकता. यह एक लंबी प्रक्रिया के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है  और शायद इस प्रक्रिया की शुरुआत तब से ही हो जाती है, जब हम बस्ता उठाकर स्कूल जाते हैं.

"तीन" का फार्मूला समसामयिक विषयों की समझ बढ़ाने में उम्मीदवारों के लिए मददगार होता है.
इस तरह हम कह सकते हैं कि एक तो हमारे पास जानकारी और ज्ञान का वो आधार होता है जिसे हम एक लंबी प्रक्रिया के तहत हासिल करते हैं और जो हमें उन तमाम बौद्धिक कौशल से लैस करता है, जिससे हम विश्लेषण की क्षमता विकसित करते हैं. दूसरे स्तर पर हम समसामयिक विषयों के बारे में "तीन" के फार्मूले से जानकारी हासिल करते हैं और अपनी विश्लेषण क्षमता का इस्तेमाल कर लगातार अपने आपको अपडेट करते रहते हैं. जानकारी और ज्ञान का आधार भी एक गतिशील प्रक्रिया है, जिसका लगातार विकास और विस्तार होता है और फिर हम लगातार नई-नई मंजिलों को हासिल करते चले जाते हैं.

अब बात आती है दूसरी श्रेणी के उम्मीदवारों की जिनकी समसामयिक विषयों में उस तरह से स्वाभाविक रूझान नहीं होती जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है. इस तरह के उम्मीदवार अपने ढंग से सक्षम होते हैं और मुमकिन है कि उन्होंने अनेक दूसरे क्षेत्रों में भी कैरियर बनाने के प्रयास किए हों और अब भी कर रहे हों. इस श्रेणी के उम्मीदवारों को पहली श्रेणी के उम्मीदवारों से समसामयिक विषयों के बारे में जानकारी हासिल करने और इनके बारे में एक समझ और विश्लेषात्मक क्षमता विकसित करने के लिए थोड़ा अलग और अधिक प्रयास करने होंगे. (ऐसा भी नहीं है कि इस श्रेणी के उम्मीदवार अच्छे पत्रकार नहीं बन सकते लेकिन यह बड़ा अंतर है. समाचार उद्योग में लगातार बदल रही परिस्थितियों में यह अंतर पटता भी नजर आता है और कभी-कभी लगता है कि यह प्रासंगिक भी नहीं रह गया है. इसलिए यह नहीं कहा जा रहा है कि दूसरी श्रेणी के उम्मीदवार कोई स्वाभाविक रूप से कमजोर होते हैं बल्कि कुछ क्षेत्रों में वे अधिक मजबूत भी हो सकते हैं.)

इस श्रेणी के उम्मीदवारों को भी ऊपर लिखे गए "तीन" के फार्मूले पर ही चलना होगा लेकिन अंतर सिर्फ इतना है कि पहली श्रेणी के उम्मीदवार "तीन" को अगर सरसरी निगाह से भी पढ़ें तो शायद काम चल जाए. जबकि दूसरी श्रेणी के उम्मीदवारों को "तीन" के फार्मूले को लेकर संभवतः सघन अध्ययन की जरूरत पड़े.

पत्रकारिता संस्थानों में हर उम्मीदवार से अपेक्षा की जाती है कि उसकी भाषा अच्छी हो. भाषा के माध्यम से वह अपने आपको अभिव्यक्त कर सके. समसामयिक विषयों के बारे में जानकारी रखता हो और उनके विश्लेषण की उसमें क्षमता हो. इसके अलावा अगर उम्मीदवार रचनाशील है तो और भी अच्छा. रचनाशीलता से आशय यह है कि वह चीजों को एक ऐसे नजरिए से देखने की क्षमता रखता हो जिस नजरिए से उसे इससे पहले किसी ने न देखा हो. मसलन उन्हें कहा जाए कि एक सूखे पेड़ पर निबंध लिखना है तो हजार शब्दों का निबंध लिखने में भी उन्हें कठिनाई न आए.

हरेक को अपनी मातृभाषा पर महारत हासिल होनी चाहिए लेकिन आज के भूमंडलीकृत विश्व में जानकारी और ज्ञान के स्रोत अंग्रेजी के भी होते हैं. इसलिए अंग्रेजी का इतना अवश्य ज्ञान अवश्य होना चाहिए कि वे अंग्रेजी पढ़ सकें और उसको अपनी भाषा में अभिव्यक्त कर सकें. अगर अंग्रेजी बोलना आता हो तो आगे चलकर उन्हें अनेक अवसरों पर इसकी जरूरत पड़ेगी और उन्हें प्राथमिकता भी मिलेगी.

इन दिनों कई मीडिया हाउस ऐसे हैं जो अंग्रेजी और हिंदी दोनों के ही चैनल चलाते हैं. उनकी प्राथमिकता होती है कि उनका रिपोर्टर ऐसा हो जो हिंदी-अंग्रेजी दोनों जानता हो और दोनों चैनलों के लिए रिपोर्टिंग कर सके. लेकिन यह भी सच है कि अनेक सफल और योग्य हिंदी के पत्रकार ऐसे भी हैं जो बोलचाल की इतनी अंग्रेजी भी नहीं जानते कि वे रिपोर्टिंग कर सकें. इसलिए आप केवल हिंदी में भी रिपोर्टिंग कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको साबित करना होगा कि आपकी रिपोर्टिंग में ऐसा दम है कि मीडिया हाउस आपको एक ही चैनल के लिए रखने को तैयार हो जाए.

और, आज तकनीक का जमाना है. वैसे तो यह मान ही सकते हैं कि आप सब लोग कम्प्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. अगर ऐसा नहीं कर रहे हैं तो सब कुछ छोड़कर सीधे कम्प्यूटर पर बैठ जाइए. घर पर कम्प्यूटर नहीं है तो साइबर कैफे की तरफ दौड़ पड़िए.

चाहे भारतीय जनसंचार संस्थान या कोई भी और संस्थान, ये मत मान बैठिए कि प्रवेश मिला और नौकरी आपकी झोली में आ गिरी. पहली बात तो पत्रकारीय कौशल प्राप्त करने के लिए कोर्स के दौरान भी आपको काफी मेहनत करनी पड़ेगी लेकिन अगर आप जाड़ों में खुले मैदान में धूप सेंकना चाहते हैं तो आपकी मर्जी.
लेकिन प्रवेश के वक्त आप जो होते हैं, संस्थान उसी के आधार पर आपको विकसित और परिष्कृत करता है. आपको ठोंक-पीटकर एक ऐसे साँचे में ढालता है कि आप समाचार उद्योग के विशाल ढांचे में कहीं फिट हो जाएं. लेकिन संस्थान या फैकल्टी काफी हद तक "फैसिलिटेटर" या रास्ता दिखाने भर की भूमिका अदा करते हैं. करना तो आपको ही होता है. और "तीन" का जो फार्मूला है, वो एक ऐसा फार्मूला है कि पत्रकारिता की दुनिया में जब तक आप हैं, उस पर अडिग रहिए. इसका विस्तार कर दीजिए लेकिन कटौती न करें. विस्तार से आशय यह है कि अकादमिक पत्रिकाएँ और किताबों की तरफ भी रूझान विकसित कीजिए.

समाचार मीडिया में आप जो भी करते हैं, वह तत्काल सबसे सामने होता है और गलती को सुधारने का वक्त आपके पास नहीं होता. इसलिए कोई भी समाचार संगठन तभी आपको नौकरी के योग्य पाएगा जब आपके अंदर एक न्यूनतम पत्रकारीय कौशल हो. पत्रकारिता संस्थान से निकलने के बाद भी हर समाचार संगठन ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में नौकरी देता है और इसका आशय यही होता है कि समाचार संगठन ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में आपको अपनी खास जरूरतों के लिए प्रशिक्षित करता है.

पत्रकारिता संस्थान में प्रवेश से लेकर मौटे तौर पर कम से कम अगले तीन वर्ष तक आपको इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र जैसे विषयों के बारे में पत्रकारीय ज्ञान और समझ हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए. इन तीन-चार वर्षों में आप जो आधार तैयार करेंगे, वह जीवन भर आपके काम आएगा और आपको इसे अपडेट करने भर की जरूरत पड़ेगी. ऐसा करने पर आप हर तरह के समाचारों का संपादन करने और इन पर रिपोर्टिंग करने में अधिक सक्षम होंगे. ये तीन-चार वर्ष अहम होते हैं, इस बात को कभी नहीं भूलिए और अगर आप इन तमाम फार्मूलों का पालन करते हैं तो शायद पत्रकारिता में आपका कैरियर ग्राफ सही दिशा में विकसित होता रहेगा.

महत्वाकांक्षाएं परिश्रम मांगती हैं और शार्टकट बहुत ही "शार्ट" होते हैं.
प्रो. सुभाष धूलिया
दो दशक तक आईआईएमसी में अध्यापक रहे प्रो. धूलिया इस समय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में संचार के प्रोफेसर और शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख हैं.

Preparing for Radio & Television Journalism...

For all the aspirants who want to be a Radio and Television Journalist:
Preparation: Well, the first thing, which I heard on my first day of IIMc's Radio and TV journalism class, was: Since you have made it here, you guys are already half journalists. Well I know all of you reading it might feel pumped-up after all it's a great compliment to start your journalism career with.

But, now as a journalist please read the finer point, that also means you possess what a journalist should possess, a lot of knowledge about every important happenings in the world. So you must be a regular newspaper reader, and hear I don't mean a film-section reader. You must know what has happened in the world in the last one year. So some of the sections you should take of in your general awareness is:

1) General and Political News of India. Remember the Nuclear deal and left stuff, Mayawati, etc.
2) Sports: Sports news India and international: major focus is on Cricket, Hockey, Tennis, and Badminton. Olympics coming up in China are huge.
3) Business Developments: Here business personalities are important. Know; also share market things, Governmental financial institutions.
4) International Politics and Conflicts: Middle east Pakistan American European Union Russia; know what major things happened in these reasons. This is another area where a lot of questions are asked. So, you should be aware of the latest in the world in the last one year, like Pakistan happenings, India's relation with major countries of the world.
5) Historical Events or Facts: Be prepared as some questions could be of general natural, what we called static general awareness, not the dynamic GK of the last one years. Those who have been good with their social studies papers can smile.

Once, you are confident of your knowledge, make sure you have a sharp brain to be able to co-relate events and always present a larger picture of a story, which you might be asked to explain as it shows your rounded awareness of the subject.

During Exam: You are confident of your preparations, but it can be marred if you don't take care of the time limits. A lot of writing is involved and remember its on topics you hardly write regularly even if you know. The questions are very much similar for all the three journalism courses, only in RTV questions they check for the succinctness of your language, directness of your reply, so no beating around the bush, though it happens a lot on TV, also try to picture your story use figurative words, easy words and lot of information in your answers. Write in the word limit not because your marks will be deducted if you write more but you might get exhausted thinking of too many points in one answer and wouldn't the same standard for other answers. Also you might leave some questions unanswered, so very strictly take care of the time limits. Questions are there to check your general knowledge of the subject not the expert knowledge write as much as you know, not think of smart points.

Interview: So, following my expert advice you have cracked-past the written, well many congratulations for that, but its work half-done to sail through to the hallowed gates of IIMC. You need to get past interview as well.

For Radio and TV there is no group discussion generally, but be prepared in case there is one as a TV journalist should always be ready for the unknown. In place of GD there is a one minute speaking in front of camera, you will face it there before you do it in a channel yes. So, there you need to show your restraint, flow of language, calmness of your posture, no visible tension, have a still posture during the camera interaction, also don't think in between speaking, think then start your speech. Try not to stop in middle that can happen and here your control over self comes in play, remember a panel of five people are watching your speech in a connected room. And once you through with your first camera session, you face the interview panel (see the visual image I am presenting follow it in your writing as you will sail) there try being calm confident, they will ask you questions on your camera presentation, then the genera questions on your area of interest, never mention you read lot of books they will grill you to pieces, so remember the are you choose for interest. Also, your general awareness will always come in handy for the interview.

Then What: Wait for the results you have done your best. If you were good in your precise pictorial and flowing writings with easy words as is required in television, you had a good on camera presentations, you did your interviews well, you will sail through, the IIMC RTV paper, the class room is on the first floor and it opens up to the front gardens of the institute, where you will shoot your first television stories fighting for the camera and mikes and of course the attentions of your lovely female or male class mates as per the gender requirements.
For those of you who couldn't make well hard luck, but if you have a journalist inside, never give-up like journalist follow-up on your dream, and you might reach your source that is IIMC next year.

Contributed by:- Onkar Pandey

Saturday, April 26, 2008

हिंदी पत्रकारिता विभाग की दो-तीन बातें...

आईआईएमसी प्रवेश परीक्षा के पिछले कुछ सालों के सवालों पर गौर किया जाए तो किसी भी छात्र से तीन-चार चीजें जानने की कोशिश की जाती है. एक तो ये कि आपके पास करेंट अफेयर्स की कितनी और कैसी जानकारी है. करेंट अफेयर्स में हाल के मुद्दों (अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी, ओलंपिक मशाल का विरोध, नेपाल में माओवादियों की जीत...) से लेकर हालिया चर्चित शख्सियतों (अंसार बर्नी, बराक ओबामा, बाबा आम्टे) के बारे में भी पूछा जा सकता है. करेंट अफेयर्स का कोई सिर-पैर नहीं होता सो सिंगुर से लेकर सिंगापुर तक के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार रहिए.
देखा यह गया है कि करेंट अफेयर्स पर ज्यादा जोर रहता है और इसमें बीस-पच्चीस शब्दों से लेकर दो-ढाई सौ शब्दों तक के जवाब मांगे जाते हैं. इसलिए करेंट अफेयर्स से जुड़ी चीजों से न सिर्फ आपको अवगत होना होगा बल्कि साथ ही आपको इन चीजों की मुकम्मल जानकारी भी होनी चाहिए तभी आप इनका जवाब एक-दो लाइन से लेकर एक-दो पन्नों में आसानी से दे पाएंगे.
करेंट अफेयर्स के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा अखबार पढ़ना (सिर्फ देखना नहीं) चाहिए. राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक को पढ़ना-समझना चाहिए. कुछेक ऐसी पत्रिकाओं को भी पढ़ें जिसमें देश-दुनिया में हुए घटनाक्रमों का संकलन हो. टीवी देखें, जहां आपको खबरें (!) देखने का मौका मिलता हो और रेडियो भी सुनें. बीबीसीहिंदीडॉटकॉम, वेबदुनियाडॉटकॉम वगैरह भी मददगार साबित हो सकते हैं. इन वेबसाइटों पर आप पुराने मुद्दों और खबरों को भी सर्च कर पढ़ सकते हैं.

आईआईएमसी के सवालों में यह भी देखा गया है कि मीडिया से जुड़े सवाल भी पूछे लिए जाते हैं. मसलन फलां पत्रकार किस मीडिया ग्रुप से जुड़ा हुआ है? फलां चैनल/ अखबार/ न्यूज एजेंसी किस देश से संबंधित है?
मीडिया से जुड़े कई आलोचनात्मक सवाल भी पूछे जाते हैं. यह भी पूछा जा सकता है कि क्या पत्रकारिता अब मिशन न होकर प्रोफेशन भर रह गई है? टीआरपी, पेज थ्री, न्यूज मतलब इन्फोटेनमेंट, चैनलों में अपराध-कथाओं का जोर, चैनलों में भूत-प्रेत, ज्योतिष का दिखाया जाना....इन मुद्दों पर आपकी बेबाक राय मांगी जा सकती है.
ऐसे सवालों के लिए भी तैयार रहिए कि आपको कौन-सा अखबार/ न्यूज चैनल अच्छा लगता है और क्यों? कौन-सा टीवी एंकर आपको प्रभावित करता है और क्यों? एक बेहद पिटा-पिटाया सवाल भी पूछा जा सकता है कि आप पत्रकारिता में क्यों आना चाहते हैं? (यह सवाल आपको आईआईएमसी के एंट्रेंस-इंटरव्यू से लेकर आईआईएमसी के क्लासरूम तक आपका पीछा करेगा यहां तक कि जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू में जाएंगे तो बहुत उम्मीद है कि सामने वाले का पहला सवाल यही होगा!)

कुछ पारंपरिक लेकिन मनपसंद सवाल भी पूछे जाते हैं. मसलन-हालिया देखी किसी फिल्म की समीक्षा करें. किसी उपन्यास/ किताब/ कहानी की समीक्षा करने को भी कहा जा सकता है. आपके पसंदीदा टीवी या फिर रेडियो प्रोग्राम के बारे में भी पूछा जा सकता है. पसंदीदा टीवी एड या फिर रेडियो जिंगल के बारे में भी लिखने को कहा जा सकता है. इन सभी चीजों के लिए एक मोटा-मोटी तैयारी करके चलना चाहिए.
जैसे कि अगर फिल्म की समीक्षा पूछी जाए तो पहले से तैयार रहें कि आप किस फिल्म पर लिखना चाहेंगे. ऐसा न हो कि परीक्षा-केंद्र में आप चार-पांच मिनट इसी उधेड़बुन में जाया कर दें कि किस फिल्म पर लिखूं. मेरी राय है कि इश्कबाजी वाली फिल्मों के बजाय चर्चित फिल्मों पर लिखें मसलन- तारे जमीं पर, खुदा के लिए, शौर्य, चक दे इंडिया. संभव है कि आपकी पसंद का कोई टीवी पर प्रसारित होने वाला समाचार या मनोरंजक कार्यक्रम इस सवाल में विकल्प के तौर पर रखा गया हो.
संस्मरण के बारे में भी पूछे जाते हैं. जैसे कि घर से परीक्षा केंद्र तक का सफर, रेल या हवाई यात्रा, किसी मेले या पिकनिक के बारे में भी पूछा जा सकता है. बाढ़, हादसा, आगजनी जैसी घटनाओं का आंखों देखा हाल भी लिखने को कहा जा सकता है. किताब और किताब लेखकों पर भी सवाल होते हैं.
साथ ही फुल फॉर्म (नाबार्ड, कपार्ट...) लिखने के लिए भी कहा जाता है. ऐसे जितने ज्यादा से ज्यादा ऑब्जेक्टिव सवाल आप हल करेंगे आपको ज्यादा से ज्यादा स्कोर मिलेगा.

और अंत में दो-तीन बातें...
कम लिखें लेकिन सटीक लिखें. भाषा बोलचाल की हो तो बढ़िया. लिखने में वर्तनी और स्त्रीलिंग-पुल्लिंग की गलतियों से बचें. परीक्षा केंद्र में जाने से पहले ही घर पर लिखने की तैयारी करें. केवल पढ़ने से काम नहीं चलेगा. जितना पढ़ें उससे ज्यादा लिखें. लिखने के बाद फिर उसे पढ़ें, गलतियां ढूंढें और फिर उसे सुधारें. टाइम मैनेजमेंट सीखें. कम समय में ज्यादा सवालों के जवाब देने होते हैं और शब्द-सीमा का बंधन भी होता है.
आईआईएमसी में हालांकि सीटें कम हैं और भीड़ ज्यादा लेकिन मेरा तो यही मानना है कि आपको तो सिर्फ एक सीट से मतलब है.
सो उठो, पढ़ो, लिखो और (आईआईएमसी को) हासिल कर लो.

शुभकामनाओं के साथ,
संदीप कुमार, आजतक

Friday, April 25, 2008

हिंदी पत्रकारिता विभाग के लिए तैयारियाँ...

पेशेवर पत्रकारिता की दुनिया में क़दम रखने की आपकी इच्छा सफल हो. निश्चित ही इसका सबसे बेहतर रास्ता भारतीय जन संचार संस्थान यानी आईआईएमसी से होकर गुजरता है, ऐसा मेरा मानना है.
इसमें दाखिला पाना मुश्किल नहीं है लेकिन आसान भी नहीं. सीटें कम और निश्चित हैं. होड़ ज़्यादा है. पिछले कुछ वर्षों में इच्छुक अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी है. बाहर से चकाचौंध भरी दिखने वाली इस दुनिया में घुसने की कोशिश कम से कम निकट भविष्य में और तेज़ होगी.
लेकिन घबराने की कोई ज़रूरत नहीं. असल द्वंद्व तो हज़ार में लगभग सौ के बीच ही होता है. उन्हीं सौ में लगभग आधे लोग प्रवेश पा जाते हैं. कारण, सिर्फ़ फ़ॉर्म भरने वालों की कमी नहीं है. इसलिए ज़्यादा परेशान न होते हुए अपनी क्षमताओं पर भरोसा सबसे बड़ी चीज है.
अब किस वर्ग के सवालों को किस तरह से लें. ये अहम है. इसे तय न समझें कि पिछले दो वर्षों का पैटर्न इस बार भी कायम रहेगा. परिवर्तन लाज़मी है.
सबसे पहले बात कर लें विश्लेषणात्मक सवालों के बारे में. कभी भी प्रश्न को सरल या कठिन समझने की कोशिश न करें. दोनों नुकसान पहुँचा सकते हैं. कुछ सवाल या यूँ कहें कि हो सकता है सभी सवाल ऐसे हों जिसे सारे परीक्षार्थी लिख सकते हैं. तब ज़वाब ज़्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
मिसाल के तौर पर अगर पूछा जाए डब्ल्यूटीओ की दोहा दौर की बातचीत में भारत का क्या रुख़ है? निश्चित तौर पर सिर्फ़ फ़ॉर्म भरने वाले सारे लोग इसका ज़वाब देंगे. जैसे भारत के लिए ठीक नहीं है, यहाँ के किसानों-उत्पादकों को नुकसान होगा, घरेलू धंधे चौपट हो जाएंगे, आदि-आदि.
लेकिन यहीं आपको कुछ अलग दिखने की ज़रूरत है. हवाला दीजिए जेनेवा में हुई बातचीत का. वार्ता पूरी करने की समयसीमा और शुल्क ढ़ाँचे, ग़ैर कृषि उत्पादों की भारत में पहुँच आसान बनाने की विकसित देशों की रणनीति, कमलनाथ के कड़े लेकिन सुलझे हुए तर्क.
राजनीति से संबंधित सवालों में जब किसी भी पार्टी का ज़िक्र हो तो ज़वाब देते समय कौन आपकी उत्तर पुस्तिका पर निगाह डालेगा और उसकी क्या विचारधारा है, इतनी तह तक ना सोचें. लेकिन संतुलन ज़रूरी है. बुरा ना मानें, इसके लिए आपको अपना पूर्वाग्रह भी ताक पर रखना होगा. उदारवाद, भूमंडलीकरण, पूँजीवाद, बाज़ारवाद जैसे 'वादों' में उलझ कर न रह जाएँ. कम से कम परीक्षा भवन में व्यावहारिक ज़वाब दें.
और हाँ, जब भी किसी पक्ष में लिखने की उत्कट उत्कंठा हो तो बज़ाए हिचके ज़ोरदार तर्कों के साथ उसका बचाव करें.
नितांत निजी अनुभव से कह रहा हूँ, विश्लेषणात्मक सवालों के ज़वाब अगर आप इस तरह देते हैं तो फ़ायदा मिल सकता है.
इसके अलावा जो सवाल पूछे जाते हैं वो सामान्य ज्ञान से जुड़े होते हैं. इसलिए चार महीने पहले तक की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से रू-ब-रू रहें. एक ख़ास सवाल लगभग हर साल मीडिया से संबंधित होता है.
हो सकता है मैच कराना हो पत्रकार और संबंधित मीडिया समूह के बीच या एक ओर देश का नाम हो, दूसरी ओर कुछ चैनलों के. इसके लिए एक दिन मेहनत करें. प्रमुख मीडिया संस्थानों, उनके मालिकाना हक़, उनके मुख्य पत्रकारों के नाम पता कर लें. बात बन सकती है.
जब संक्षिप्त टिप्पणी करनी हो तो आपका निशाना अचूक होना चाहिए. भटकाव न हो. अगर ये पूछा जाए सलमान रश्दी चर्चा में क्यों हैं- तो ज़वाब ये न दें कि सेटनिक द वर्सेस के लेखक हैं और इसलिए चर्चा में है, बल्कि ऐसे लिखें सेटनिक द वर्सेस में इस्लाम पर टिप्पणी के लिए सुर्ख़ियों में आए सलमान रश्दी आजकल स्वर्ण पदक विजेता एथलीट मॉडल (नाम मुझे भी याद नहीं आ रहा) के साथ रोमांस के लिए चर्चा में हैं.

सहयोगः आलोक कुमार

Monday, April 21, 2008

Tips to crack the entrance examination for Advertising & PR

Firstly, let me honestly clear some myths about the exam.
It is an exam where last minute preparation doesn't really help you. So if you think that you read all the newspapers, magazines and get through, chances are slim of you getting through.
Please start reading brand related articles in magazine, newspapers and internet as early as you can.
Secondly, the examination is not only about advertisements and which ones you like/ dislike.
You would be expected to know has been the impact of advertisements on consumers; what could have been the thinking behind making an ad like that etc.
And also a bit about the happenings in the business world.

Now to the main things to keep in mind for the test – 
The total number of marks which you all will be fighting for is 100 marks.
85 marks are for the written examination and the rest 15 for the GD (Group Discussion) and Interview.
So it becomes essential that you do extremely well in the written so that your chances are brighter to get through.
The written and the GD/ Interview are not mutually exclusive.

The written examination is for 2 hours; hence the time you have is extremely limited. The questions are subjective, so needs you to think and have a point of view.

Please do not write very long answers questions because you will not be able to finish the exam in time.
Try to finish the all the questions first and then come back to any question you feel needs more explanation.

The GD/ Interview is taken by senior advertising and marketing professionals, so please be careful in which way you articulate yourself.
The topic for the GD would be related to current affairs or advertising.

The interview can go to any dimension depending upon your academic qualifications and hobbies/ activities you are active in.

There is not much stress on previous academic records so chill if you do to have great marks!

Last but not the least; be confident of what you are and if you are good you will get definitely get through.
Best of Luck !!!
Contributed by: Ankur Ogra

Friday, April 18, 2008

PG Diploma in Advertising & Public Relation....2007


1. please read the question carefully before attempting to answer. Build argument intelligently and succinctly.

2. There are four sections in the question paper, so four answer sheets have been provided. Viz A, B, C & D.
You are required to write answer in the respective answer sheets.
To illustrate section A in the question paper will have be to written in Answer sheet labeled A.
The paper would become invalid if attempted on the wrong Answer sheet.

Section A (total 25 marks/ 5 each):-
Maximum word limit each question: 100 words
1. "Product endorsements have adversely impacted the performance of the men in blue in india". Put forth your arguments supporting or rejecting statement?

2. Apart from television, what are at least four other modes of advertising. Illustrate giving sutiable examples?

3. What are the reason in your view for the servicing section (telecom, banking, insurance, civil avation etc) to be thriving in india today?

4. Name any three advertising campaigns where you belived the claim was incorrect/ misleading/ grossly exaggerated?

5. If you were to buy a car. How would you go about it? Write all step succinctly which would facilitate your decision making process?

Section B (total 20 marks/ 5 each):-
Maximum word limite each question (100 word)
1. As a youngester, who is your role model and why?

2. What are 10 things you would like to do in the coming year? ( things that don't necessarily have to do with academics)

3. Is there a difference between Gandhism and Gandhigiri? Discuss with argument.

4. What is one thing that you would like to change in your parents and how would you do it?

Section C (total 20 marks/ 5 each)
Maximum word limit for question 1, 2 & 3:- 100 words

1. Can media play the role of a change agent? Discuss with suitable example?

2. Comment on what Prof. Amritya sen, the nobel laureate recently said "our vision of India can't be one that is half California and half sub Saharan Africa".

3. Suggest at least five ways in which the chasm between the rich nation and poor nation can be bridged

4. Write slogans on the following subjects. (Maximum word limit, ten wordd per slogan)

A. Global warming
B. Obesity among children
C. Children with disability
D. Drug use by youth
E. Domestic violence against women

Section D (total 20 marks/ 10 each)
1. Carefully read the following ten words. We are not looking for literal definition/ meaning of the word, But thought that you associate with the word- Say in the maximum 5 to 10 words each. (The answer can be serious/ funny/ wacky)

A. Discipline
B. Perseverance
C. Backbone
D. Vermillion mark
E. Life
F. Home
G. Betrayal
H. Good time
I.  Tomorrow
J. Control
2. Reinvent the following people/ characters (give explanation in two/ three sentences on their new avatar)
A. MF Hussein
B. Amitabh Bachchan
C. Michael Jackson
D. Dev Das
E. Gabbar Singh.
The End

PG Diploma in Radio and TV Journalism...2006

Maximum Marks: 85              Duration: 2 hrs.
1. Select any two from the following and answer in 100 words...... 15 (7.5 for each)
A. Every TV News channel tries to build an independent identity. Discus.
B. Should TV News Channels show "Blood and Gore" in their coverage?
C. In What way are TV and Radio news bulletins on the web different form the broadcast ones?
D. Describe the revival of Radio in india.
2. Describe any two of the following in 100 words.....15 (7.5 for each)
A. The recent political crisis in Nepal.
B. Iran- Nuclear issue.
C. Job Reservation in Private Sector.
D. India in the recent commonwealth games.
3. Select any two of the following and answer in 100 words....15 (7.5 for each)
A. Global Warming
C. Narmada Bachao Andolan
D. Dance Bar
4. Discuss any two of the following in 100 words with specific examples.... 20 (10 each)
A. Reality shows on TV are money making gimmicks.
B. Films reflect social reality.
C. "Breaking News" on TV Channels.
D. Surrogate Advertisements.
5. Write 20 words each on the following......10 (2.5 for each)
A. Fast Breeder Reactor.
B. Model Code of Conduct.
C. Avain Flu.
D. Office of Profit.
The End

PG Diploma Course in Journalism….2006

Maximum Marks: 85                      Duration: 2 hrs.

Note:- Attempt all the questions. First four questions carry 15 marks each and the last question carries 25 marks- one mark for each question.

1. Write an essay on heavy rains after a long drought.
Children of a metropolitan slum area.
2. What are the strategic and economic implications of Indo-US nuclear agreement?
Analyse the recently held assembly elections impact on the national politics.
3. "Iran issue has a potential to snowball into a major global conflict". Analyse.
"World is heading towards a confrontation between christian west and islamic society". Analyse.
4. Analyse a Daily Newspaper that you read regularly.
What are the factors that govern selection of news stories for most of indian television news channels?
5. Answer any twenty five questions. Each question carries one mark. The answer has to be confined to few sentences only.
A. 1962
B. 1971
C. Manohar Shyam Joshi
D. Karan Singh
E. Laxmi Mittal
F. Saroj K Poddar
G. Subramanium Bharti
H. Premchand
I. Kiran Nagakar
J. Dan Brawn
L. Chinkara
M. Asif Ismail
N. Hu Jintao
O. Mahmoud Ahmadinejad
P. Hamas
Q. Nuclear Deterrence
R. Ehud Olmert
S. Aif Force One
T. Infotainment
U. Page Three Journalism
V. Silvio Berlusconi
W. Finance Economy
X. Astrology and Astronomy
Y. Science and Technology
Z. Economics and Commerce
AA. Inflation and Deflation
BB. Macro and Mirco Economics
CC. Environment and Ecology
DD. Left Front and Third Front
The End....

Getting through to English Journalism Entrance test...

Make sure you are well-read on current affairs. That includes politics, finance, sports, entertainment, etc.
The test involves lots of essay type questions on a variety of topics. These are subjective questions and could be best tackled when you have been following the news carefully in the previous year.

The test is for 85 marks and there are a lot of long answers to be written. A big number of questions have to be attempted hence ration your examination time in such a way that you can answer the maximum number of questions as quickly as possible. There may be no time to go back to revise your answers.

Questions come in options. Normally each question is a set of three questions, from which you have to attempt only one.

Don't waste time thinking over answers. It's an awfully long paper. If you can't answer a question, quickly move on to the next one.

There are also some non-current affair questions. Example, you may be asked to describe your journey from your home to the exam centre.

There are some short questions as well. Example, "Why has Arjun Singh been in the news lately?" Such questions can be answered in one or two sentences.

Write in clear, concise English. Verbal gymnastics may not be rewarding as much as a simple, straightforward sentence.

Preparing for this test
Read as much as you can on news and current affairs. It is necessary to know not only what is happening in the world, but why it is happening. You need not be an expert on these issues, but it is necessary to have a basic understanding of current affairs.

Read at least two good English dailies, preferably national newspapers. Do not miss the edit pages. Also supplement this reading with weekly news magazines such as Outlook, India Today, etc. Read other magazines, depending on your interest – Cricinfo, Filmfare, Businessweek, or even Maxim. There's no limit to what you should read.

Tap into alternate journalism on the web. There are excellent blogs on any given topic. Often, they provide better analysis of news than newspapers themselves because blogs are run by independent writers. Reading such blogs will help you understand news better and to form opinion based on solid understanding.

Don't undermine what you know. All knowledge counts. You may not be as interested in politics as you are in cricket or films. If so, read on cricket or films to your heart's content without worrying that it is "non-serious" reading. It is necessary to develop your own strengths since journalism can be richly rewarding for specialists.

Group Discussion and Interview
Prepare for the GD just like you prepared for the written test. The topics would be around current affairs.

For the interview, be yourself. Speak clearly, speak your mind.

Search the internet for sample interview questions. Prepare for the basic questions too. You need to know clearly why you have applied for the course, why you want to be a journalist, etc. Have a good understanding of your life's successes and failures, ups and downs, strengths and weaknesses.
Contributed by:- Hemant A R

Tuesday, April 15, 2008

Preparation for the PG Diploma in English journalism...

1. Read carefully news articles and reports regarding the major political, international affairs, economical, financial and sports events of the previous six months.
There is no need to read one or two year old magazines.
2. For better overviews of news events you can read India Today, Frontline, The week, Outlook, Pratiyogita Darpan, Competition Success Review magazines.
3. Read the editorial pages and International news of Hindu and the Indian Express newspapers.
4. While reading underline the important points and also keep the cuttings of papers to revise it at least two days back of the entrance test.
5. While writing your answer try to make it short. At IIMC, examiner's focus is more on content not on the length of your answer.
Please work more on the grammatical aspect of your writing to reduce errors.
6. Written test contains 85% marks. So, try to get good score in it. It will compensate in case you perform bad in interview.
7. During the interview don't loose your confidence at any point of time. Avoid telling wrong facts and figures to the interviewer.
All the best to all of you....
Contribution:- Shaghil Bilali

PG Diploma in Radio & TV Journalism.....2007

Note:- The question paper is in 3 parts. Each part is to be answered in a separate answer book.
Please observe the word limit.
Maximum Marks: 85              Time:- 2 hrs.

Part:- A
1. Write on any two of the following in not more than 200 words…15 (7.5 each)A. The central educational (Reservations in admission) bill 2006 and the recent developments.
B. Electoral college for the election of president of India.
C. Indian takeovers abroad in steel and aluminum.
D. US president's visit to India

2. Write on any two of the following in not more than 100 words…..15(7.5 each)
A. UP assembly elections.
B. Special economic zone.
C. World economic forum.
D. ICC world cup 2007

3. Name five women who have been heads of government and at least two of them holding office now….2.5 marks.
4. Name five north eastern states of India and their capitals….2.5 marks
5. Why were the following in the news recently….5 marks
A. Bob woolmer.
B. Shilpa shettly
C. Iftikhar mohammad choudhury
D. Indira nooyi
E. Sunita Williams
F. Mohammad afzal
G. Arvind kejariwal
H. Kiran desai
I. Mamta banerjee
J. Segolene royal

6. Critically evaluate the TV news coverage of any one of the following in not more than 200 words……7.5 marks.
A. Nithari killings
B. Samjhauta Express
C. Rescue of Prince
7. Explain the following in two or three sentences…..7.5(1.5 each)
A. Breaking news.
B. Live TV coverage.
C. Exclusive TV news visuals.
D. Citizen journalist.
E. File pictures.

8. Write 100 words on any one of the following….5 marksA.       Radio jockey can make or mar an FM channel.
B.      Web radio
C.       You tube
9. Match the following…. 2.5 marks
A. Channel 4     India
B. Geo TV        Japan
C. CNN            UK
D. NHK           Pakistan
E. SUN-TV      USA


10. Write on any one of the following in not more than 200 words….7.5A. The most interesting event of my life.
B. My journey to the examination hall today.
C. Man proposes God disposes.

11. Draft five questions for a TV news interview with any one of the following persons…..7.5 (1.5 each)A. KG Balkrishnan
B. Mulayam singh yadav
C. NR narayanmurthy

12. Use the following words to make a sentence….. 5 marks
A. Police petrol
B. Bilateral
C. Clash
D. Activism
E. Record (sports)

13. Match the following….2.5A. Vikram Chandra       CNN-IBN
B. Rajendra Yadav       American Idol
C. Rajdeep Sradesai      Hindustan Times
D. Vir Sanghvi               Sacred Games
E. Sanjay malakar         Sara akash
The End.

Sunday, April 13, 2008

PG Diploma Course In Journalism...2007

IIMC Entrance Examination.....2007
Maximum Marks; 85
Time: 2 hrs.
Section:A................ Maximum Marks: 35
Note:- Attempt any four question. Question no. 1 is compulsory.
1. Write two sentences on any five of the following....... 5 marks (one for each)
a. Shashi Tharoor
b. Laewri Backer
c. Nandi Gram
d. Left Front
e. Sunil Mittal
f. Navin Chawla
g. Rojgar Gurantee Yojna
h. Sam Pitroda
i. Shaikh Hasina
j. Robert Mugabe
k. Brian Lara
2. Analyse the recently held Uttar Pradesh Assembly Election and its impact on the national politics. (In maximum 200 words).... 10 marks
3. Review the last 3 years working of United Progressive Alliance (UPA)...(In maximum 250 words)...... 10 marks
4. "Implementation on recommendation given by Justice Rajendra Sachchar Committee on Socio-economic status of muslim community is in the interest of nation."....Comment. (In maximum 200 words)....... 10 marks
5. Discuss developmental projects with special reference to Special Economic Zones (SEZ). (In maximum 200 words)........ 10 Marks
6. "There is no alternative to Liberalization and Globalization". Critically discuss the statement. (In maximum 200 words)..... 10 Marks
Section:B..........Maximum Marks:25
Note: Answers the following questions.
1. Review recently seen any film or book read on journalism.
Write a report on newspaper and TV/ Radio of your region. (In maximum 200 words).....7.5 marks
2. "News paper are becoming copy of TV channels".. comments in maximum 200 words
"Cyber media is future's Mass Communication"...Comment in maximum 200 words.........7.5 marks
3. Write in brief on any two of the following...................5 marks (2.5 for each)
a. Person of the year
b. Realty Show
c. Blog
d. Exit poll
e. Prabhash Joshi
f.  Kamleshwar
g. Mint
h. DNA
4. Match the correct pair... 5 marks
a. Aaj tak                 1. 24*7
b. Indian Express      2. HK Dua
c. Prabhat Khabar     3. Sabse Tej
d. NDTV                   4. Akhbar Nahi Andolan
e. Tribune                 5. Shekhar Gupta
Section: C..........Maximum Marks: 25
1. Summarise into 50 words.......................10 marks
Kolkata (UNI): India will achieve energy independence by 2030, according to an Eastern India Energy Summit Report, 2007. Speaking on the occasion, Reliance Industries Limited (LNG Business) president RP Sharma said RIL would commense its supplies by 2008.
Stressing on other alternatives of fuel, Mr. Sharma said unconventinal hydrocarbon, a new option, would have to be explored. He said the share of oil would come down and that of the natural gas would go up in the next five years.
Talking about india's oil demand, the summit report stated that the long term growth in demand of petroleum products depends upon economic growth, elasticity of demand of petroleum products with respect to GDP growth, relative price levels of substitute products like LNG/ CNG, saturation of LPG demand and the impact of energy conservation measures.
India needs to grow its energy share in a market with sluggish growth in supply and rising prices, and its share of world supply of fossil fuel would rise from 3.7 to 7.6 percent.
2. Write an essay on "Growth as critical as price stability."................10 marks
3. Write your critical comments on any one advertisement appeared in newspaper or radio or tv.............5 marks.
the end.

Friday, April 11, 2008

Preparing for Radio & TV Journalism...

Keeping oneself updated about current affairs is the key to success in RTV entrance.
The pattern of the test keeps changing every year but the framework remains the same:current affairs.
Books & their authors, book reviews, film reviews, candidate's opinion on a particular topic and also general knowledge.
About the interview:-
Just be confident. The questions will come from all directions. About the place you come from, about the subjects you read, your hobbies, why you chose the course.
Contributed by:- Trisha Mazumdar

हिन्दी पत्रकारिता पाठ्यक्रम की तैयारी....

हालाँकि यह लेखक की निजी राय है लेकिन लेख के प्रारंभ में ही यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि किसी भी प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला ही अपने आप में उस क्षेत्र में सफलता की गारंटी नहीं होती.फिर चाहे वह प्रबंधन का क्षेत्र हो या पत्रकारिता का. इन पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी से पूर्व अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं, अपने रुझान और जीवन उद्देश्य इत्यादि के बारे में ईमानदारी से मंथन और आत्ममूल्यांकन ज़रूरी है.
हिंदी पत्रकारिता का स्वरूप पिछले डेढ़-दो दशकों में तेजी से बदला है इस क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसर से इस कोर्स के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ना भी स्वभाविक है.लेकिन रोज़गार के अवसरों को भुना पाने के स्तर पर डिप्लोमाधारकों के बीच कई बार भारी अंतर पाया जाता है.पाठ्यक्रम के संचालक, संस्थान में पढ़ाने वाले शिक्षक और संपादक आम तौर पर यह शिकायत करते हैं कि इस क्षेत्र की चुनौतियों के हिसाब से उन्हें जिस तरह के छात्रों की तलाश होती है, वे कई बार मिल नहीं पाते.
भारतीय जनसंचार संस्थान का हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम एक समेकित पाठ्यक्रम हैं जिसमें छात्रों को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और कुछ हद तक वेब मीडिया, तीनों तरह के माध्यम के लिए तैयार किया जाता है. पाठ्यक्रम में दाखिले हेतु ली जाने वाली परीक्षा में प्रायः ऐसे ही प्रश्न पूछे जाते हैं जिससे छात्रों का पत्रकारिता के प्रति रुझान, समसामयिक घटनाओं के प्रति जागरूकता और समाचार की समझ का पता चल सके. लेकिन सबसे अहम है अंग्रेज़ी ज्ञान की परीक्षा.
देखा जाए तो आज की हिंदी पत्रकारिता कई मायनों में अनुवाद आधारित पत्रकारिता हो चुकी है. समाचारों का मूल श्रोत अंग्रेज़ी में ही उपलब्ध होता है. कुछ अपवादों को छोड़ दें तो बड़ी समाचार एजेंसियों के हिंदी अनुभाग उनके अंग्रेज़ी रिसोर्स का ही अनुवाद होता है. फीचर लिखने के लिए भी श्रोत सामग्री अंग्रेजी में उपलब्ध होती है. टीवी और वेब मीडिया की स्थिति भी कोई अलग नहीं है. बिजनेस अख़बारों के कथित हिंदी संस्करणों में भी "पत्रकारों" की जगह कुशल अनुवादकों की मांग है. इस क्षेत्र में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी जितनी जल्दी इस बात को समझ लें उनके आगे की राह उतनी ही आसान होगी और इस क्षेत्र में सफलता की संभावना भी उतनी ही प्रबल.
कार्यक्षेत्र की इस ज़रूरत के मद्देनज़र कई पत्रकारिता संस्थान प्रवेश परीक्षा में अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद के ज्ञान की परीक्षा लेने लगे हैं. भारतीय जनसंचार संस्थान भी इससे अलग नहीं है.
दूसरी सबसे अहम बात है अच्छी और शुद्ध हिंदी लिखने की कला. पिछलें कुछ सालों में यह देखने को मिला है कि नई पीढ़ी में अच्छी और शुद्ध हिंदी लिखने वालों की संख्या में निरंतर कमी आती जा रही है. पत्रकारिता के क्षेत्र में सफलता के लिए, किसी एक भाषा, कम से कम अपनी भाषा पर तो अच्छी पकड़ आवश्यक है. क्योंकि समाचार, विश्लेषण, रिपोर्ट, फीचर या आलेख की कॉपी लिखते समय यदि आप भाषा के मानक स्वरूप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे तो वह एक अच्छी कॉपी नहीं मानी जाएगी. हमारे पत्रकार बंधु बताएंगे कि कई बार शब्दों के चयन के स्तर पर आपस में कितना विचार-विमर्श होता है. क्योंकि एक गलत शब्द आपकी पूरी कहानी का भाव बदल सकता है और अर्थ भी. इसलिए शब्दों के सही प्रयोग से अच्छी भाषा लिखने, भाषा के साथ प्रयोग, उसे सरल और रुचिकर बनाने की कला से आप परीक्षक को प्रभावित कर सकते हैं. प्रश्न पत्र में पूछी गईं टिप्पणियाँ लिखते समय आप इस बात का ध्यान रखें.लिखने का नियमित अभ्यास और अलग-अलग तरह के विषयों के अध्ययन से आपकी भाषा में निखार आएगा. इसका कोई शॉर्ट-कट नहीं है और यह एक सतत प्रक्रिया है.
इस परीक्षा में पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न पत्रकारिता के प्रति अभिरुचि पर भी आधारित होते हैं. जैसे, आपको अपने पसंदीदा अखबार या समाचार चैनल या कार्यक्रम की समीक्षा करने के लिए कहा जा सकता है.इसके लिए आपको समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन, समाचार पत्रों की भाषा, ले-आऊट, समाचारों के चयन और विभिन्न कोणों से एक ही समाचार की पड़ताल, राष्ट्रीय समाचार-पत्रों के कुछ चर्चित स्थायी स्तंभों, वरिष्ठ संपादकों, पत्रकारों और टिप्पणीकारों के बारें में सामान्य जानकारी की आवश्यकता होगी.
इसके अलावा देश-दुनिया के राजनीतिक-आर्थिक घटनाक्रमों पर आपकी जानकारी और आपके नजरिए को भी आंका जा सकता है. इसलिए इन घटनाओं को एक बड़े परिप्रेक्ष्य में देखने और उसका विश्लेषण करने का अभ्यास ज़रूरी है. समाचार पत्रों और पत्रिकाओं का गहराई से नियमित अध्ययन करना इस प्रयास में सहायक हो सकता है. चर्चा में रहे व्यक्तियों और स्थानों के बारे में भी प्रश्न पूछे जाते हैं. महत्वपूर्ण शब्द-संक्षेप (एबरीविएसन्स) भी पूछे जाते हैं.
यहाँ यह याद रखना ज़रूरी है कि भारतीय जनसंचार संस्थान में पत्रकारिता कोर्स की अवधि केवल नौ महीने की है. इस दौरान संस्थान आपको समाचार माध्यमों की कार्यशैली, इन माध्यमों में प्रयोग की जाने वाली भाषा, समाचार, रिपोर्ट या फीचर लेखन की शैली और मीडिया के नवीनतम तकनीकों से जुड़ी जानकारियाँ ही देता है. पढ़ाई गई चीजों को व्यवहार में लाने के भी यह भरपूर अवसर देता है. लेकिन कम अवधि का कोर्स होने के कारण संस्थान भी अपेक्षा रखता है कि उसके विद्यार्थी एक हद तक समझदार हों और खबरों की दुनिया से वाकिफ हों. संस्थान के पास अपना प्रेस, एफएम रेडियो केंद्र, टीवी स्टूडियो और कंप्यूटर लैब भी है.
लेकिन देश-दुनिया और किसी क्षेत्र विशेष से जुड़ी जानकारियाँ देने या किसी खास स्ट्रीम में आपको पारंगत बनाने का अवसर संस्थान के पास नहीं होता. इसलिए समाज, राजनीति और अर्थव्यवस्था की आधारभूत समझ की अपेक्षा संस्थान आपसे पहले ही करता है. प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के दौरान इसकी जाँच भी की जाती है. इसलिए जहाँ तक हो सके अधिक से अधिक जानकारियाँ अर्जित करने और देश-दुनिया से जुड़ी घटनाओं के प्रति अपने आँख और कान खुला रखने की कोशिश करें. और संभव हो तो नाक भी क्योंकि आने वाले दिनों में एक पत्रकार के तौर पर आपको 'नोज़ फोर न्यूज़' की आवश्यकता होगी यानि एक ऐसे नाक की जो घटनाओं में समाचार को सूँघ सके.
इस वर्ष की प्रवेश परीक्षा भाग ले रहे सभी अभ्यर्थियों को आईआईएमसी एलुमनी एसोशिएशन की ओर से शुभकामनाएँ.

सहयोगः- शशि झा

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