किया रोशन मेरे घट में।।(प्रेमबिलास-शब्द-44-पृ.स. 55,56) (सरन आश्रम नगर-उपस्थिति-115) **राधास्वामी!! - 06-12-2021-आज सुबह सतसंग में पढे गये पाठ:-
(1) गुरु आरत तू करले सजनी। दिवस गया आई अब रजनी।।(सारबचन-शब्द-12- पृ.सं.681,682) (अधिकतम् उपस्थिति-करनाल ब्राँच हरियाणा-@- 2:50-दर्ज-57)
(2) मन रे चल गुरु के पास, घर का भेद लीजे।।टेक।।-(चढ़ चढ़ स्रुत गई पार। बीन बासुँरी धुन सम्हार। पहुँची राधास्वामी धाम अपार। हरख हरख रीझे।।) (प्रेमबानी-3-शब्द-14- पृ.सं.236,237)
(3) कहूँ क्या हाल मैं अपना सराहूँ भाग क्या अपने। मनोहर रुप प्यारे ने किया रोशन मेरे घट में।।
(प्रेमबिलास-शब्द-44-पृ.स. 55,56) (सरन आश्रम नगर-उपस्थिति-115) सतसंग के बाद:-
(1)-राधास्वामी मूल नाम।
(2)-मिश्रित शब्द पाठ
मेरे तो राधास्वामी दयाल दूसरो न कोई।
सबके तो राधास्वामी दयाल।
मेरे तो तेरे तो सबके तो।
राधास्वामी दयाल दूसरो न कोई।
राधास्वामी सुमिरन ध्यान भजन से जनम सुफल कर ले।। 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻**
सतसंग के बाद:-
(1)-राधास्वामी मूल नाम।
(2)-मिश्रित शब्द पाठ एवं मेरे तो
राधास्वामी दयाल दूसरो न कोई। सबके तो राधास्वामी दयाल।
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