Sunday, August 14, 2011

लोहरदगा-पुरातत्व विभाग की खुदाई में मिली मां दुर्गा व विष्णु की प्राचीन मूर्ति


लोहरदगा के खखपरता में वैज्ञानिक खुदाई में मिली 7वीं सदी की प्राचीन मूर्तियां
रांची,30जून । भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग को झारखंड के लोहरदगा जिले में वैज्ञानिक खदाई के दौरान एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। यहां से मां दुर्गा और भगवान विष्णु की दो प्राचीन मूर्त्तियां मिली है। दोनों मूर्तियां 7वीं से 8वीं सदी की है।
विभाग के रांची अंचल के अधीक्षण पुरातत्व एन.जी. निकोशा ने आज यहां बताया कि लोहरदगा जिला मुख्यालय से करीब 11किमी दूर खखपरता गांव में पिछले कई वर्षां से वैज्ञानिक खुदाई का काम चल रहा है। इसी क्रम में मां दुर्गा और भगवान विष्णु की दो प्राचीन मूर्त्तियां मिली है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक महत्व की मिली दोनों मूर्त्तियां स्थानीय बलुआ पत्थर से निर्मित है।


अधीक्षण पुरातत्व एनजी निकोशा ने बताया कि खखपरता करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैले क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा अध्ययन व अनुसंधान का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि खखपरता में नागर शैली के भवन निर्माण कला का उत्कृष्ट उदाहरण मिला है। उन्होंने बताया कि वहां मिले शिव मंदिर की यह विशेषता है कि यह मंदिर एक चट्टान ऊपर बनाया गया है और बिना नींव के करीब चार मीटर लम्बी बनी े मंदिर को एक चट्टान पर पत्थर को रखकर बनाया गया है। पत्थर को एक के ऊपर एक पर बड़ी खुबसूरती से रखा गया है। जबकि इस मंदिर की एक और खास विशेषता यह है कि इसका प्रवेश द्वार पूरब दिशा तरफ है, जबकि यह बहुत कम ही होता है कि मंदिर का प्रवेश द्वार पूरब दिशा की ओर रहता है।

निकोशा ने बताया कि यहां एक अभिलेख भी मिला है, जो संस्कृत व क्षेत्रीय भाषा (नागपुरी) से मिश्रित है। इस अभिलेख को नई दिल्ली के पुरालिपिक विशेषज्ञों ने पढ़ी है,जिससे यह ज्ञात होता है कि खखपरता स्थित प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण 7वीं सदी में कराया गया था। इसे तांत्रिक मंदिर के रुप में भी जाना जाता है। जबकि मंदिर की दक्षिण दिशा में एक नैसर्गिक (प्राकृतिक) गुफा भी मौजूद है। वहीं मंदिर के उत्तरी दिशा में आठ मंदिरों का एक समूह भी मिला है। इसमें से सात मंदिरों की पहचान शिव मंदिर के रुप में हुई है और वहां से शिवलिंग भी प्राप्त हुआ है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि प्राचीन काल से ही स्थानीय लोग शैव धर्म का पालन करते आ रहे है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पूरे क्षेत्र में उत्खनन व सर्वेक्षण का काम जारी है।

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