Monday, August 29, 2011

मोबाईल कंपनियों की ठगी के खिलाफ



बिकनी गर्ल्‍स मैं कंप्‍यूटर पर ही देख लेता!

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राजपूत : 65 साल की उम्र में नंग-धड़ंग तस्‍वीर देखने की इच्‍छा नहीं होती : ग्राहकों को लूट रही हैं मोबाइल टाटा और रिलायंस मोबाइल कंपनियां : देश की दो जानी मानी मोबाइल कम्पनियां इन दिनों अपने ग्राहकों को जमकर लूट रहीं हैं, क्योंकि इन कंपनियों की लाखों कोशिशों के बाद भी बाजार पर इनकी पकड़ ढीली होती जा रही है. हम इन कंपनियों के बारे में ऐसा क्यों लिख रहे हैं, आइये कुछ उदाहरण दे देता हूँ. कुछ महीने पहले मैंने रिलायंस कम्पनी का एक मोबाइल लिया, जिसका नंबर 9313444115 था. जो प्रीपेड था. दोस्तों इस मोबाइल में मैं जब भी पचास या सौ रूपये का कूपन डालता तुरंत तीस चालीस रूपये काट लिए जाते. इसकी शिकायत जब मैं कस्टमर केयर में करता तो वहां से जबाब आता कि आपने अपने मोबाइल से आर वर्ल्‍ड खोला है और उस पर बिकनी गर्ल्स को देखा है, तब उनसे मेरा जबाब होता कि भाई मेरे पास कई कंप्यूटर हैं, जिनमें चौबीस घंटे इंटरनेट सेवा की सुविधा है, अगर मुझे बिकनी गर्ल्स या नंग-धड़ंग तस्वीरों को ही देखना होता तो मैं उस पर देख लेता. मैं 1200 के मोबाइल की छोटी स्क्रीन पर ऐसा क्यों करूंगा.
इस बात पर उनका हठ होता कि आपने देखा है या आपके बच्चों ने देखा होगा? मैं फिर उनसे कहता की भाई बच्चे तो अभी बिलकुल छोटे हैं, वो ऐसा कर ही नहीं सकते और फिर मेरा मोबाइल मेरे पास ही रहता है. ऐसा कहने पर कभी-कभी वो मेरा कटा हुआ पैसा वापस डाल देते, लेकिन इस ठगी की बात मैं कई और लोगों से सुनकर सन्न रह गया. तब जाकर मुझे आभास हुआ कि उक्त कम्पनी वाले जनता के साथ ठगी कर रहे हैं और मैंने रिलायंस से पल्ला झाड़ लिया.
अब आते हैं टाटा मोबाइल पर जब मैंने रिलायंस बंद किया तो उसके बाद टाटा का सेल लिया, जो अब तक मजबूरीबस प्रयोग कर रहा हूँ. क्योंकि बार-बार नंबर बदलने पर अपना काफी नुकसान होना महसूस करता हूँ. टाटा के मोबाइल में भी रिलायंस जैसे ठगी महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि टाटा वाले भी मेरे लिए महाठग साबित हो रहे हैं. अब टाटा का जो नंबर मेरे पास है उसका नंबर 9289463240 है और अपनी गाढ़ी कमाई से जब कभी उसे रिचार्ज करवाता हूँ तुरंत उसका बैलेंस काट लिया जाता है. इस बात की शिकायत जब कस्टमर केयर पर करता हूँ तो उनका जबाब होता है कि आपने 5282 पर मैसेज करते हैं इस कारण आपका बैलेंस काट लिया जाता है.
अब कैसे समझाऊं मैं उन जनाब या मोहतरमा को जो मुझे ऐसा जबाब देते हैं, क्योंकि मेरे पास मैसेज करने का वक़्त ही नहीं होता और उनकी 5282 के बारे में मुझे कुछ पता ही नहीं है. इसी झमेले को मैं और लोगों से भी सुनता हूं कि टाटा में पैसे डालो तुरंत काट लिए जाते हैं. तब जाकर मुझे अहसास होता है कि ये कम्पनी भी देशवासियों का खून चूस रहीं हैं, क्‍योंकि टाटा पर कुछ ऐसे मैसेज आते हैं जिन्हें आप पढ़ना भी चाहें तो आपके पांच रूपये तुरंत फुर्र हो जाते हैं. कुल मिलाकर मैं कहना चाहूंगा कि देश के ये बड़े घरानों की कम्पनियां लुटेरी हैं और इनके मालिक देशवासियों के खून चूसकर दिन प्रतिदिन और अमीर होते जा रहे हैं और देश में गरीबों की संख्या में बढ़ोत्तरी के जिम्मेदार कहीं ना कहीं ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी तिजोरी भरने के लिए पता नहीं किस-किस तरीके से लोगों को लूट रहे हैं.
हमारे पड़ोस में रहने वाले क्राइम पोस्ट अखबार के मुख्य सम्पादक सोम दत्त शर्मा भी इन कंपनियों की ठगी का शिकार हैं. शर्मा जी का कहना है कि जब कभी रिचार्ज करवाता हूँ तो कभी गाने के नाम पर तो कभी नंग-धड़ंग तस्वीर देखने के नाम पर बैलेंस काट लिए जा रहे हैं. पैंसठ वर्षीय शर्मा जी का कहना है कि मैंने ना कभी कोई गाना लोड किया ना ही नंग-धड़ंग तस्वीर देखने की इच्छा होती है, फिर भी ठगी का शिकार हो रहा हू.
लेखक पुष्‍पेन्‍द्र सिंह राजपूत फरीदाबाद में पत्रकार तथा न्‍यज वेबसाइट फरीदाबाद मेट्रो के संपादक हैं.
Comments
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Anonymous 2011-01-12 15:50:26

Reliance waale to be-wazah paisa kaat te hain. Lagta hai ki Anil Ambani ki compamy ne Raja ko iske liye *Khush * kiya tha . Warna be-wazah paisa kaat ne waale reliance par ab tak koi kaaryawaahi nahi hui, jabki is tarah ki dhokha-dhadi ke shikaar hazaaron log hue hain .


पंकज झा. 2011-01-12 21:09:38

टाटा फोटोन की लूट का मैं भी शिकार हुआ हूं. 550 रूपये का रिचार्ज कराने पर कहा गया कि महीने भर तक नेट यूज कर सकते हैं. जबकि तीन दिन में ही बेलेंस समाप्त हो गया. बाद में कहा गया कि महीने भर का अनलिमिटेड प्लान 555 रूपये का आता है.अब पांच रूपये के लिए थोड़े कोई तीस दिन के बदले तीन दिन का प्लान लेता. ज़ाहिर है जान-बूझकर रिचार्ज कराने गए मेरे सहयोगी को टाटा के लोगों ने भरमाया.
निश्चित ही आज भी भरोसे लायक कम्पनी केवल बी एस एन एल ही है लेकिन कहा जाता है कि निजी कंपनियां संचार अधिकारियों को पैसा खिला कर जान-बूझ कर उसकी खराब सर्विस कराते हैं ताकि निजी कंपनियों की दूकान चलती रहे.लेखक से पूर्ण सहमत.


Darinde
Himanshu Lumar Sharma 2011-01-13 13:55:33

Dear Pushpendra ji
in sabhi Tata Aur Reliance Ke karmachariyo ko gadhe pe baitha ke ghumana chahiye. par aap chinta na kare upar wala dekh raha hai .Aaj ye aap ka paisa kaat rahe hai. Kal enka koe aur katega .Ye bhi pareshan hone. Aah ! lagage enko bhi.


Anonymous 2011-01-13 14:31:30

:ooo:


P.S.Rajput
pushpendra singh rajput 2011-01-13 14:32:33

कुछ असर कलयुग का और कुछ कलयुगी सरकार का है हिमांशु भाई क्यू की देश के बड़े चोर लुटेरों का बाल भी बांका नही होता क्यू कि सरकार को चुनाव के लिए उन्ही से मोटा चन्दा मिलता है | देश की नामी गिरामी हस्तियों को जिनमे फ़िल्मी दुनिया और क्रिकेटर भी शामिल हैं उसनके हाँथ में सेल पकड़ाकर उन्हें करोडो देते हैं और उनसे कहलवाते हैं ये बैटरी एक महीने चलेगी,ये ऐसा होगा,वैसा होगा, उन्ही को देखकर जनता फंस जाती है और जनता को लूटकर ही उन्हें करोड़ों देते हैं |


call to grahak suraksh court
Darshan 2011-01-13 22:41:18

:ooo:
call to grahak suraksha court thy help well,his result is abov to good ,thy r good work
jai hind


madanpuri 2011-01-14 17:52:08

himansu bhai call sasati karke ye grahak ko apni taraph akarsit karte hai . bina kisi suchna ke dailer tone set kar dete hai or balance me se paise bhi kat lete hai. yah sab aam admi ko lutne ka kam hai.


नंग-धडंग तस्वीर देखने की उम्र क्या है
मदन कुमार तिवारी 2011-01-15 10:26:32

नंग-धडंग तस्वीर देखने की उम्र क्या है सर जी । वैसे पंकज झा जी ने सही लिखा है । आपलोगो ने एक और बात नही नोट की होगी । रात में सोने के पहले मोबाईल का बैलेंस लिख ले , सुबह में बैलेंस चेक करें बैलेंस कम मिलेगा । कारण है की निजी कंपनिया आपको सपने में भी बात करवाती हैं । इसलिये रात में पैसे काट लेती हैं सपने में बात करने का ।


मदन कुमार तिवारी 2011-01-15 10:29:01

वैसे ६५ की उम्र हीं होती है नंग-धडंग तस्वीर देखने का । उसके पहले तो ॥॥॥॥॥ हा हा हा :love: :) :)


Ajey Kumar Singh 2011-01-15 12:40:37

jab paise cut hi rahe hai to dekh hi lijiye. company aise bhi paisa to kat hi rahi hai to dekhne ka maza kyon kho rahe hai.


crime mai sipahi hissedaar
Rajvir Singh 2011-01-15 20:23:33

jha par mai rhata hu ek choki ka ek sipahi hai jo kuch logo ko jua khelne ka bhadava deta hai.hadh to jab vo gyi us sipahi ne 4 juaarion ko pakda or 80,000 rupy baramand kiye or n charo ko chod diya or jisne sipahi ko bulaya tha uske 6,000 vapas krne ke baad baki apne paas rakh liye.ye crime ko bhadhava hai ya kuch or...rajvir


telecom
anil kr saxena 2011-01-16 21:10:34

लेखक से पूर्ण सहमत.


Anonymous 2011-01-17 22:44:25

sub matherchod hai


subidha kam paresani jyada
mukesh sah 2011-01-18 13:13:09

in company ko jyada paise ho gya hai kisi or ko bhi change dene ko planing bana rhe hai


भ्रष्टाचारी व्यवस्था में आम जन की व्यथा
अंकित माथुर 2011-01-19 13:18:40

आदरणीय पुष्पेन्द्र जी-
आपका आलेख पढ़ा, पढकर ये महसूस होता है, कि जब प्रभावशाली पत्रकार समूह के सदस्यों की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नही, तो एक आम इंसान कहां जाये? आप के पास तो भिन्न प्रकार के माध्यम हैं, जिनके उपयोग कर के आप कम से कम अपनी आवाज़ को बुलंद तो कर सकते हैं, लेकिन एक आम आदमी के पास तो वो साधन भी नही.
ये दूरसंचार कम्पनियां दोनों हाथों से भर भर कर भोली भाली जनता का शोषण कर रही हैं। अगली बार यदि आपके साथ ऐसा कुछ हो, तो
१.)ग्राहक सेवा प्रतिनिधी से बात समाप्त करने से पूर्व उससे अपनी बात का रेफ़ेरेंस नम्बर पूछें।
२.)अपने सर्कल की नोडल अधिकारी को ईमेल करें। (nodalofficer.har@tatatel.co.in)
फ़ोन नं० 9254000555
३.)ईमेल की कापी अपीलेट अथारिटी को सी सी करें। (आशीष पंडित, (0184) 6451801) ईमेल: AppellateAuthority.har@tatatel.co.in
४.)ईमेल में सभी बातों का क्रमानुसार तथ्यात्मक उल्लेख करे।

आशा है, आईंदा आपके साथ ऐसा कुछ भी नही होगा।

धन्यवाद...
अंकित माथुर...

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