Thursday, April 8, 2021

सबके कबीर / कबीरा खड़ा बाजार me

 सतगुरु साँचा सूरिवाँ -कबीर  

सतगुरु साँचा सूरिवाँ -कबीर
संत कबीरदास
कविकबीर
जन्म1398 (लगभग)
जन्म स्थानलहरतारा ताल, काशी
मृत्यु1518 (लगभग)
मृत्यु स्थानमगहर, उत्तर प्रदेश
मुख्य रचनाएँसाखी, सबद और रमैनी
इन्हें भी देखेंकवि सूची, साहित्यकार सूची
कबीर की रचनाएँ

सतगुरु साँचा सूरिवाँ, सबद जु बाह्या एक।
लागत ही भैं मिलि गया, पड्या कलेजै छेक॥

अर्थ सहित व्याख्या

कबीरदास कहते हैं कि सद्गुरु सच्चे वीर हैं। उन्होंने अपने शब्दबाण द्वारा मेरे हृदय पर गहरा प्रभाव डाला है।


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