Tuesday, February 18, 2020

प्रेरणादायी कथा




🙏RADHASOAMI🙏

चींटी कितनी छोटी ! उसको यदि मुंबई से पूना यात्रा करनी हो, तो लगभग ३-४ जन्म लेना पडेगा । लेकिन यही चींटी पूना जाने वाले व्यक्ति के कपड़े पर चढ़ जाये, तो सहज ही ३-४ घंटे में पूना पहुंच जाएगी कि नहीं  !
ठीक इसी प्रकार अपने प्रयास से भवसागर पार करना कितना कठिन ! पता नहीं कई जन्म लग सकते हैं । इसकी अपेक्षा यदि हम गुरू का हाथ पकड लें और उनके बताये सन्मार्ग पर  श्रद्धापूर्वक चलें, तो सोचिये कितनी सरलता से वे आपको  सुख, समाधान व अखंड आनंदपूर्वक भव सागर पार करा सकते हैं !!
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🙏RADHASOAMI🙏

प्रस्तुति - कृति सृष्टि
 दृष्टि अम्मी मेहर स्वरूप 

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