Monday, March 9, 2020

आज 09/03 शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन







*राधास्वामी!!

 09-03-2020

आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-

कल से आगे-(78)

 अपने मन की प्रेरणा के से किए हुए कार्य अहंकार पैदा करते हैं और अहंकार के मानी मालिक से अलहदगी है और सतगुरु की आज्ञा से किए हुए कर्म भक्तिफल देते हैं और भक्ति के मानी मालिक के चरणो में लिपटना है। अर्जुन ने कृष्ण महाराज की आज्ञा से युद्ध किया और कितने ही शूर वीरों का वध किया। अगर वह अपने मन की प्रेरणा से युद्ध करता तो उसे वह फल हर्गिज प्राप्त न होता जो कृष्ण महाराज की आज्ञा से युद्ध करने पर प्राप्त हुआ। इसी तरह जो काम सत्संग के सिलसिले में किए जाते हैं अगर वे सब अपने मन की प्रेरणा से होते हैं तो उनका परिणाम अहंकार होना चाहिए लेकिन क्योंकि काम करने वालों के अंदर आम तौर प्रेम अंग दिखलाई देता है इससे जाहिर है कि सत्संग के सब काम मालिक की आज्ञाओं के पालन के तौर पर किए जाते हैं और वे सब लोग बडभागी हैं जो इस तरह अपना नरशरीर सफल कर रहे हैं ।।                                       🙏🏻राधास्वामी🙏🏻 (सत्संग के उपदेश- भाग तीसरा)*
[09/03, 15:01] +91 94162 65214: *राधास्वामी!! 09-03-2020-आज शाम के सतसँग में पढे गये पाठ-                            (1) खोजो री शब्द  घर सुरत पियारी।।टेक।। (प्रेमबानी-3,शब्द-7,पृ.सं.194).                                                                                    (2) ना जानूँ साहब कब मिलिहो रे।।टेक।। (प्रेमबिलास-शब्द-73,पृ.सं.111)                                                                                     (3) सतसंग के उपदेश भाग-तीसरा कल से आगे।🙏🏻राधास्वामी🙏🏻*

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