Monday, March 2, 2020

एक मार्च को सत्संग में पढा गया बचन





प्रस्तुति - अनिल / पुतुल

*राधास्वामी!!  01- 3 -2020-- कल से आगे-( 73)  बाज लोग कहते हैं कि यहां बड़ा अंधेर है कि इंसान को, जो सृष्टि नियमों से नावाकिफ है, उनके उल्लंघन करने पर सजा दी जाती है हालांकि कोई माता अपने नादान बच्चे को ऐसी हरकत के लिए, जिसकी माहियत वह समझ नहीं सकता, कुछ सजा नहीं देती, मगर यह उनकी भूल है। जो लोग मालिक को जानते हैं और जिनसे सुनकर आप लोग मालिक की हस्ती में यकीन लाते हैं, बतलाते हैं कि वह मालिक प्रेम व दया कर सिंधु है और जैसे कि दूध के घडे से दूध ही निकल सकता है प्रेम व दया के सिन्धु से प्रेम व दया ही निकल सकता हैं,  इसलिए मालिक ने जितने भी कानून बनाए हैं उनसे दया व प्रेम ही की उम्मीद रखनी चाहिए।।               🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻                          (सत्संग के उपदेश- भाग तीसरा)*

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