प्रस्तुति - अरूण /अगम यादव
*राधास्वामी!! 09-03-2020
आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-
कल से आगे-(78)
अपने मन की प्रेरणा के से किए हुए कार्य अहंकार पैदा करते हैं और अहंकार के मानी मालिक से अलहदगी है और सतगुरु की आज्ञा से किए हुए कर्म भक्तिफल देते हैं और भक्ति के मानी मालिक के चरणो में लिपटना है। अर्जुन ने कृष्ण महाराज की आज्ञा से युद्ध किया और कितने ही शूर वीरों का वध किया। अगर वह अपने मन की प्रेरणा से युद्ध करता तो उसे वह फल हर्गिज प्राप्त न होता जो कृष्ण महाराज की आज्ञा से युद्ध करने पर प्राप्त हुआ। इसी तरह जो काम सत्संग के सिलसिले में किए जाते हैं अगर वे सब अपने मन की प्रेरणा से होते हैं तो उनका परिणाम अहंकार होना चाहिए लेकिन क्योंकि काम करने वालों के अंदर आम तौर प्रेम अंग दिखलाई देता है इससे जाहिर है कि सत्संग के सब काम मालिक की आज्ञाओं के पालन के तौर पर किए जाते हैं और वे सब लोग बडभागी हैं जो इस तरह अपना नरशरीर सफल कर रहे हैं ।। 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻 (सत्संग के उपदेश-
भाग तीसरा)*
[11/03
*बीत गई होली..देकर*
*अपने निशां..*
*रंगे चेहरे...रंगी दीवारें..*
*रंगे फर्श... कर रहे हैं बयां...*
*रंगी बाल्टियां.....*
*और रंगीन गलियां....*
*लेकर वादा....*
*मैं आऊंगी अगले बरस....*
*तब तलक....*
*ये उत्साह...ये उमंग.....*
*ये प्यार... और ये दोस्ताना....*
*ये प्रीत के रंग.....*
*दिलों में अपने कायम रखना....*।।
*सभी सम्मानित स्नेहीजनों द्वारा भेजी गयीं मधुरमयी शुभकामनाएं ह्रदय से स्वीकार एवं सपरिवार आभार।*
💐सुप्रभात💐
*होती है मुझ पर रोज*
*तेरी रहमतों के रंगों की बारिश*
*मैं कैसे कह दूँ ---- " मेरे मालिक "*
*होली साल में एक बार आती है*
🙏🙏🙏
*कर्तव्य ही ऐसा आदर्श है, जो कभी धोखा
नहीं दे सकता और धैर्य एक ऐसा कडवा पौधा है, जिस पर फल हमेशा मीठे आते हैं |*
🌹🙏सुप्रभात🙏🌹
*गणित अच्छा नहीं है मेरा*
*लेकिन..*
*इतना पता है कि...*
*खुशी बांटने से बढ़ती है !!*
😊😊
*हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ,*
*मगर फिर से जीतने की उम्मीद ओर अपना जमीर जिन्दा रखो!*
*"जिंदगी एक सफर है,*
*आराम से चलते चलो,*
*उतार चढ़ाव तो आते रहेंगे !!*
*सुप्रभात*
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