: गुरु भक्ति का महत्व (गुरु के प्रति समर्पण)
SoamiJiMaharaj:
शुरुआत में केवल एक था, फिर दो थे, फिर कई, फिर हजारों, और लाख, और अंत में अनगिनत प्राणी थे। अब वह एक पूर्ण संत गुरु को पाता है, जो एक के साथ एक है और उस एक का रूप है, जो कई लोगों के भ्रम से खुद को निकालने में अपनी कृपा से सफल होगा और अपने वास्तविक घर तक पहुंच जाएगा। (सार बरचन)
👏 Radhasoami👏
[09/03, 08:23] 🌹
🌹ये जन्म दिन है बड़ा, कोई साधारण नही,
मन में जिसके आपार करुणा, दया व पयार,
वाणी मे जिसकी, धुलती है सरलता -मधुरता,
पराणो में जिसके, बसता है अनन्त अपार,
शब्दों मे जिसकी, ढलती है मृदु कोमलता,
हृदय मे जिसके, बसती है मृदुलता आपार,
जन्म लिया है उसने, देने जग को उपहार,
जन्म लिया है उसी परम पिता को सादर नमन नमस्कार। 🌹🌹
धास्वामी दयाल हम सब पर अपनी मेहर करे।
: 🌸🙏🏻राधास्वामी दयाल की दया राधास्वामी सहाय🙏🏻🌸
🙏🏻🌹होली की हर्षित बेला पर,
खुशियां मिले अपार |
यश,कीर्ति, सम्मान मिले,
और बढे सत्कार ||
शुभ-शुभ रहे हर दिन हर पल,
शुभ-शुभ रहे विचार |
उत्साह. बढे चित चेतन में,
निर्मल रहे आचार ||
सफलतायें नित नयी मिले,
बधाई बारम्बार |
मंगलमय हो काज आपके,
सुखी रहे परिवार || 🌹🙏🏻
🌸हमारे परिवार की तरफ से आप सभी को "होली की हार्दिक बधाई🌸
: 🙏🏽
*मालिक की ख़ुशी* के लिए
*सत्संग* जरूरी है।
बुरे कर्मो को मिटाने के
लिए *सेवा* जरुरी है।
आत्मा की शांति के लिए
*सिमरन* जरुरी है
चोरासी से मुक्ति के
नाम दान जरूरी हे🙏।
राधास्वामी। राधास्वामी। राधास्वामी।
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