Monday, July 13, 2020

आज का दिन मंगलमय मुबारक हो




 कृष्ण मेहता: 🌞 ~

*आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞


⛅ *दिनांक 13 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार आषाढ़)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*
⛅ *तिथि - अष्टमी शाम 06:09 तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *नक्षत्र - रेवती सुबह 11:14 तक तत्पश्चात अश्विनी*
⛅ *योग - सुकर्मा रात्रि 10:48 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल - सुबह 07:33 से सुबह 09:13 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:06*
⛅ *सूर्यास्त - 19:22*
⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
 💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *अष्टमी तिथि के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
               🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शिव विशेष मंत्र* 🌷
👉🏻 *"ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नम: ॐ"*
*"Om Namah Shivay Shubham Shubham Kuru Kuru Shivay Namah Om"*
🙏🏻 *शिवपुराण‬, रूद्रसंहिता, युद्ध खंड के अनुसार यह शुभ मन्त्र महान पुण्यमय तथा शिव को प्रसन्न करने वाला है | यह भुक्ति – मुक्ति का दाता, सम्पूर्ण कामनाओं का पूरक और शिवभक्तों के लिये आनंदप्रद है | यह स्वर्गकामी पुरुषों के लिये धन, यश और आयु की वृद्धि करनेवाला है | यह निष्काम के लिये मोक्ष तथा साधन करने वाले पुरुषों के लिये भुक्ति – मुक्ति का साधक है | जो मनुष्य पवित्र होकर सदा इस मन्त्र क कीर्तन करता है, सुनता है अथवा दूसरे को सुनाता है, उसकी सारी अभिलाषाएँ पूर्ण हो जाती हैं |*

              🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चातुर्मास में करने योग्य* 🌷
🙏 *चातुर्मास में ३ बिल्व पत्र डाल कर "ॐ नमः शिवाय" ५ बार जप करके और "ब्रह्म ही जल रूप बन कर आया है" ऐसी भावना करके नहाना चाहिये । आंवला, जौ और तिल का पेस्ट बनाकर शरीर पर रगड़कर अथवा तो ये तीनो का पाऊडर पानी में डालकर नहाना चाहिये । स्नान में कभी गर्म पानी का प्रयोग ना करें, वायु की तकलीफ वाले ना ज्यादा गर्म ना ज्यादा ठंडा पानी प्रयोग करें। सिर पर तो कभी भी गर्म पानी नहीं डालना चाहिये । ऐसा करने पर सभी तीर्थ स्नान करने का पुण्य मिलता है ।*

            🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞*

🌷 *गर्भ की रक्षा* 🌷
👉 *चांदी की कटोरी में दही जमाकर खाने से गर्भपात नहीं होता ।*

              🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *बार बार बुखार आना* 🌷
👉 *बार-बार बुखार आता हो तो भोजन से पहले २-३ ग्राम अदरक और थोड़ा नींबू खाएं फिर भोजन करें ।*


              🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🌷🌻🌹🌸🌺🍀💐🍁🙏
[7/13, 07:00] Morni कृष्ण मेहता: 🙏 *झूठी है वो हँसी जिसके पीछे उदासी न हो* 🙏

आदमी क्यों अनिवार्य रूप से सुख की तलाश में रहता है? हर आदमी की हस्ती मूलरूप से उदास है। पूरी दुनिया ख़ुशी के लिए मर रही है। सौभाग्य होता है उनका जो अपनी उदासी से आँखें चार कर पाते हैं।

उदासी से भिड़ना पड़ेगा। भागना और भिड़ना - जीने के सिर्फ़ यही दो तरीके होते हैं। किसी एक तरीके को तो चुनना पड़ता है। लेकिन पर्याप्त अनुभव ले लेने के बाद भी भागे ही जाओ तो फिर ये पागलपन है। शायद ख़ुशी का रास्ता उदासी के विपरीत नहीं है, उदासी के भीतर से है।

उदासी के विपरीत जाकर के जो ख़ुशी मिलती है वो भ्रम है, झूठ है और जो उदासी का सीना चीर के जो ख़ुशी मिलती है, वो असली चीज़ है। वो चीज़ खरी है। उसी को अध्यात्म कहते हैं। और वो ख़ुशी उस भ्रामक ख़ुशी से इतनी अलग है कि उस ख़ुशी से के लिए फिर नाम ही दूसरा दे दिया गया, उसको आनंद कहते हैं। ख़ुशी हलकी-सस्ती चीज़ है, आनंद खून बहा के मिलता है।

अपनी उदासी के साथ सहज होना सीखो। जिन्हें आनंद चाहिए हो वो उदासी को गले लगा ले। जो सौन्दर्य उदासी में है वो उथली, छिछली ख़ुशी में कहाँ? जो मूल्य उदासी की गहराइयों में है वो किसी भी ख़ुशी में कहाँ? गहराई जिस कीमत में मिले सस्ती है।

हंसी भी नूरानी तब होती है जब उसके पीछे दर्द हो। सुख के रास्ते कोई आनंद तक नहीं पहुँचा। आनंद तक जो भी पहुंचे हैं वो दुःख में प्रवेश करके, दुःख का अनुसन्धान करके ही पहुंचे हैं।
[7/13, 07:18] Morni कृष्ण मेहता: 卐!!श्री् हरि् !!卐
       𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•प्रस्तुति•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
                  🙏🏻 *_पं0कृषण मेहता  🙏🏻
*_ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि आपके एवं आपके पूरे परिवार के लिए हर दिन शुभ एवं मंगलमय हों।

13 जूलाई 2020 श्रावण मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और सोमवार का दिन है। अष्टमी तिथि शाम 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। श्रावण मास का दूसरा सोमवार है। श्रावण मास भगवान शिव की पूजा के लिये बड़ा ही प्रशस्त है, इसमें भी सोमवार का दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। भगवान शिव की एक विशेष पद्धति से पूजा के बारे में चर्चा करेंगे। दोपहर पहले 11 बजकर 14 मिनट तक रेवती नक्षत्र रहेगा। उसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा, जो कल की दोपहर 2 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। साथ ही रात 10 बजकर 47 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा। इसके साथ ही कालाष्टमी भी है। जाने  राशिनुसार कैसा रहेगा आपका आज का दिन

🐑 मेष राशि आपको अपना कार्य पूरा करने में माता-पिता का सहयोग प्राप्त होगा। शाम को परिवार सहित डिनर का आनंद उठाएंगे। आपको कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी। इस राशि के छात्रों का आज पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ेगी। साथ ही किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने का मन बनायेंगे। आपके पास कुछ नयी जिम्मेदारियां आयेंगी, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभायेंगे। आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए दिन फायदेमंद रहने वाला है।_*

🐂 *_वृष राशि परिवार के किसी सदस्य में आपसी सौहार्द बढ़ेगा। अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए कोई बड़ा फैसला लेंगे। जिससे आपको लाभ भी होगा किसी से बात करते समय अपनी भाषा पर संयम रखें। किसी से भी बिना वजह उलझने से बचे। आप अपने खर्चों को लेकर सोच-विचार में डूबे रह सकते हैं। आपको कोई नया काम सीखने का अवसर प्राप्त होगा, इससे आपको लाभ भी होगा। कार्यों में जीवनसाथी का सहयोग मिलाने से मन प्रसन्न रहेगा। छात्रों का मन पढ़ाई में लगेगा।_*

👨‍❤️‍👨 *_मिथुन राशि माता-पिता अपने बच्चों के साथ घर पर ही समय बितायेंगे। बॉस की बातों को ध्यान से सुनने के बाद ही अपनी कोई राय देनी चाहिए। इस राशि के घरेलू महिलाओं के लिए दिन बेहतर रहने वाला है। आपको थोड़ा आलस्य महसूस होगा। आपको अपना खान-पान हेल्दी रखना चाहिए। कुछ जरूरी मामलों में आप थोड़े भावुक हो सकते हैं। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। कुल मिलकर दिन अच्छा रहने वाला है।_*

🦀 *_कर्क राशि आप अपना काम समय से पूरा करने में सफल होंगे। आपको कोई भी नया कार्य शुरू करने से पहले अपने से बड़ों की राय जरूर लेनी चाहिए। कारोबार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। उधार लेन-देन से आपको बचना चाहिए। आपको नकारात्मक विचारों से भी दूरी बनाये रखनी चाहिए। माता की सेहत में सुधार होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी। लवमेटस के रिश्तों में मजबूती आएगी। शाम के समय बच्चें घर पर खेल-कूद में अपना समय बितायेंगे।_*

🦁 *_सिंह राशि आप किसी पुरानी बात को लेकर थोड़े परेशान हो सकते हैं, लेकिन शाम तक सब ठीक हो जायेगा। शादीशुदा लोगों के लिए कोई शुभ समाचार मिलेगा, जिससे घर में उत्सव का माहौल बनेगा। कोई भी काम करते समय आपको अपना ध्यान एकत्र रखने की जरुरत है। आपके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आपको अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। छात्र ऑनलाइन कोई नयी चीज सिखाने का मन बनायेंगे। अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे है।_*

👰🏻 *_कन्या राशि आप जिस भी काम को करना चाहेंगे, वो काम बड़े आराम से पूरा होगा। आपको अपनी मान-प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिये समाज के कार्यों में सहयोग देना चाहिए। आपको दूसरों के सामने अपनी बात खुलकर रखनी चाहिए। संतान पक्ष से आपको सुख मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। किसी कार्य को पूरा करने में जीवनसाथी की सलाह काम आएगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। लवमेटस एक दुसरे की भावनाओं को महत्त्व देंगे।_*

⚖️ *_तुला राशि आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। आपके पारिवारिक रिश्तों में और मधुरता बढ़ेगी। आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे। छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करेंगे। करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। आपकी सेहत अच्छी रहेगी। कई दिनों से चल रही किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा मिलेगा, जिससे आप राहत महसूस करेंगे। बिजनेस में आपको मुनाफा होने का योग बन रहा है। दाम्पत्य जीवान में ताल-मेल बना रहेगा। कुल मिलकर दिन आपके लिए बेहतरीन रहेगा।_*

🦂 *_वृश्चिक राशि आपको कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी, जिससे परिवार में सबके चेहरे खिले रहेंगे। लोग आगे से चलकर आपसे बात करना चाहेंगे। आपको नए स्रोतों से धन की प्राप्ति होगी। आपके दिमाग में अचानक से कोई ऐसा विचार आयेगा, जो आपकी प्रगति के रास्ते खोल देगा। घर पर ही अलग-अलग पकवान का आनंद उठाएंगे। सामाजिक मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। लवमेटस के लिए दिन बेहतर रहने वाला है। नौकरी पेशा लोगों की पदोन्नति होने के योग बन रहे है।_*

🏹 *_धनु राशि आपका दिन कॉन्फिडेंस से भरा रहेगा। आपका ज्यादा समय सोशल साईट पर बीतेगा। साथ ही कुछ अच्छे दोस्त भी बनेंगे, जो आगे चलकर आपके लिए लाभदायक साबित होंगे। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। दैनिक कार्यों में आपको पूर्ण रूप से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के साथ आपके रिश्तें बेहतर होंगे। आप एक-दूसरे को समझने की कोशिश करेंगे। आप किसी काम को नए तरीके से करने की कोशिश करेंगे, जिसमे आपको सफलता भी मिलेगी।_*

🐊 *_मकर राशि आप अपने बच्चों के साथ ख़ुशी के पल बितायेंगे। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। इस राशि के जो छात्र इंजीनियरिंग कर रहे हैं, उनके लिए दिन अच्छा रहने वाला है। उन्हें किसी बड़ी कंपनी से जॉब के लिए कॉल आयेगा। आपका कोई मित्र आपसे आर्थिक सहायता के लिए कह सकता है। सरकारी कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। लवमेटस को कोई खुशखबरी मिलाने से पुरे दिन मन प्रसन्न रहेगा। आपको व्यवसाय के क्षेत्र में लाभ मिलेगा।_*

⚱️ *_कुंभ राशि आपके कार्य समय से पूरे हो जायेंगे, जिससे आप रिलेक्स महसूस करेंगे। आप अपने व्यापार को लेकर कोई बड़ा निर्णय लेंगे, जिसका फायदा भी होगा। धन के मामले में स्थिति बेहतर रहेगी। आप परिवार वालों के लिए समय निकालेंगे। उनकी सलाह आपके लिये महत्वपूर्ण रहेगी। आपका मन अध्यात्म की ओर लगेगा, साथ की कोई आध्यात्मिक बुक पढ़कर अपना समय बितायेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को कोई बड़ी सफलता हाथ लगेगी। आपका वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहेगा।_*

🐬 *_मीन राशि आपका दिन बेहतरीन रहने वाला है। सोचे हुये कार्य समय रहते पूरा कर लेंगे। दाम्पत्य जीवन में खुशियाँ आयेंगी। आप माता-पिता से अपने भविष्य के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। इस राशि के नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। सेहत के मामले में आप तंदरुस्त रहेंगे। दोस्तों से फोन पर बात होगी, जिसमे किसी विषय की चर्चा करेंगे। लवमेटस के लिए दिन अच्छा रहेगा। कहीं निवेश करना चहाते है तो पहले उस विषय के जानकर लोगों से जानकारी ले लें।
ॐॐॐ卐ॐॐॐॐॐॐ卐ॐॐॐॐ
       भेकश्च पंगुर्भुजगो रुजातों वृद्धो दरिद्रः पुरुषः कुभार्यः।     
    एते भवन्त्युत्कटदुःखभाजो लोकेत्र नास्त्येव मृषाप्रसंग।।
    लंगङा मेंढक,बिमार सांप,गरीब बूढा और निकम्मी पत्नि वाला पुरुष-ये सभी इस संसार मे घोर दुःख पाते हैं।यह बात अन्यथा हो इसकी सम्भावना ही नही।
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 अर्जुन की मृत्यु के पश्चात् गांडीव धनुष का क्या हुआ?
महाप्रस्थान के समय अर्जुन को छोड़कर सभी पाण्डवों ने अपने अस्त्र शस्त्रों को त्याग दिया था। अपवाद केवल अर्जुन थे जिन्होंने उस समय भी अपना गाण्डीव ले रखा था। जब ये लोग लालसागर के तट पर पहुँचे तब उनके सामने एक दिव्य पुरुष प्रकट हुआ जिसने बताया कि वह अग्नि है और उसने यह कहते हुए अर्जुन से गाण्डीव वापस माँग लिया कि अब इसका समय पूरा हो गया है। उसने अर्जुन को स्मरण कराया कि अग्नि ही अर्जुन के लिए वरुण से माँगकर यह धनुष लाये थे और यह कहा कि अब इस धनुष को वरुण को वापस कर देना चाहिए। उसके यह कहने पर और युधिष्ठिर आदि पाण्डवों के इस बात का अनुमोदन करने पर अर्जुन ने गाण्डीव और उसके साथ प्राप्त हुए दोनों अक्षय तृणीरों को जल में फेंक दिया। उनके ऐसा करते ही अग्निदेव अदृश्य हो गये।

इसके बाद गाण्डीव का कोई उल्लेख नहीं मिलता पर अग्निदेव के कथन से आभास होता है कि वह सकुशल वरुण के पास पहुँच गया होगा।

इसके बाद पाण्डव पूरब, दक्षिण और पश्चिम की यात्रा पूरी करते हुए उत्तर की ओर अग्रसर हुए और हिमालय पार करने के बाद एक एक करके मृत्यु को प्राप्त होने लगे। द्रौपदी, सहदेव, नकुल, अर्जुन और भीम क्रमशः मृत्यु को प्राप्त हुए और अन्त में युधिष्ठिर ही बचे जो सशरीर स्वर्ग गये। यह प्रकट है कि अर्जुन की मृत्यु से पहले ही गाण्डीव जल में प्रवाहित कर दिया गया था।
मैंने यह विवरण महाभारत गीताप्रेस संस्करण के आधार पर लिखा है।
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श्रावण सोमवार आज, राश‍ि अनुसार करें भगवान श‍िव जी का पूजन, होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न
श्रावण सोमवार में श‍िवजी की पूजा का व‍िशेष महत्‍व माना गया है। लेकिन आप अपनी राश‍ि के अनुसार भोलेनाथ जी की पूजा करें तो श‍िवजी अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं।  पंडित  कृष्ण मेहता बताते हैं क‍ि सावन मास में राश‍ि अनुसार भोलेशंकर की पूजा से मनोवांछित सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। तो आइए जानते हैं क‍ि क‍िस राशि वालों को भोले शंकर की क‍िस तरह आराधना करनी चाहिए..............
- मेष राशि:- मेष राश‍ि के जातकों को भगवान शिव जी का अभिषेक गाय के कच्चे दूध में शहद मिलाकर करना चाहिए। इसके बाद चंदन और सफेद पुष्‍प चढ़ाने चाहिए। इसके बाद श्रद्धानुसार 11, 21, 51 और 108 बार ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जप करना चाहिए। ऐसा करने से भोले बाबा समस्‍त मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
वृष राशि:- वृष राश‍ि के जातकों को श‍िव शंकर का दही से अभिषेक करना चाहिए। दही से अभिषेक करने से जातक को धन, पशु, भवन तथा वाहन की प्राप्ति होने का योग बनता है। इसके अलावा सफेद फूल तथा बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इससे जीवन की सभी समस्‍याओं का हल म‍िलने लगता है.!
:-मिथुन राशि: मिथुन राश‍ि के जातकों को भोलेनाथ का गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए। मान्‍यता है सावन भर प्रत‍िद‍िन गन्‍ने के रस से अभिषेक करने से भोलेनाथ जल्‍दी ही सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। इसके अलावा इस राशि के जातकों को श‍िवजी को भांग, धतूरा, तथा बेलपत्र अर्पित करना चाहिए। शिव चालीसा का पाठ भी करना चाहिए.!
:-कर्क राशि:- कर्क राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। इससे मन शांत होता है और शुभ कार्यों को करने की प्रेरणा म‍िलती है। इसके साथ ही आंक के श्वेत फूल, धतूरा और बेलपत्र भी शिवजी को अर्पित करना चाहिए। साथ ही रुद्राष्टक का पाठ करना भी शुभ होगा।
:-सिंह राशि:- सिंह राशि के जातकों को भोलेनाथ का मधु अथवा गुड़ युक्त जल से अभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव को कनेर का पुष्प तथा लाल रंग का चंदन अर्पित करना चाहिए। गुड़ और चावल से बनी खीर चढ़ा सकते हैं। यह अत्‍यंत शुभ होता है। सूर्योदय के समय श‍िवजी की पूजा करने से सभी इच्‍छाओं की पूर्ति जल्‍दी होती है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। इससे सेहत संबंधी सभी समस्‍याएं दूर हो जाती है।
:-कन्या राशि:- कन्‍या राशि के जातकों को शंभूनाथ का गन्‍ने के रस से अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शिवजी को भांग, दुर्वा, पान तथा बेलपत्र चढ़ाएं। ‘ऊं नमः शिवाय मंत्र’ का जप करें। शीघ्र ही मनोकामनाएं पूर्ण होगी। शिव चालीसा का पाठ करना भी बेहतर होगा।
:-तुला राशि:- तुला राशि के जातकों को भगवान शिव का गाय के घी, इत्र या सुगंधित तेल या फिर मिश्री मिले दूध से अभिषेक करना चाहिए। सफेद फूल भी पूजा में शिवजी को चढ़ाने चाहिए। दही, शहद अथवा श्रीखंड का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव के सहस्त्रनाम का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि तथा लक्ष्मी का आगमन होगा।
:-वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि के जातकों को पंचामृत अथवा शहद युक्त जल से भगवान शिव जी का अभिषेक करना चाहिए। लाल फूल, लाल चंदन भी शिवजी को चढ़ाने चाहिए। बेलपत्र अथवा बेल के पौधे की जड़ चढ़ाने से भी कार्यों में सफलता मिलती है। रूद्राष्टक का पाठ करना भी श्रेयस्कर रहेगा।
:-धनु राशि:- धनु राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में हल्दी अथवा पीला चंदन मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा पीले रंग के फूलों या फिर गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए। खीर का भोग लगाना भी शुभ रहेगा। ऊं नमः शिवाय का जप और श‍िव चालीसा का पाठ करना चाहिए।
:-मकर राशि:- मकर राशि के जातकों को भोलेशंकर का नारियल के पानी से अथवा गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से जातक को सभी कामों में सफलता मिलेगी। त्रयंबकेश्वर का ध्यान करते हुए भगवान शिव जी को बेलपत्र, धूतरा, शमी के फूल, भांग एंव अष्टगंध अर्पित करने चाहिए। उड़द से बनी मिठाई का भोग लगाने से शनि की पीड़ा समाप्त होती है। नीले कमल का फूल भी भगवान को अवश्य चढ़ाएं।
:-कुंभ राशि:- कुंभ राशि के जातकों को सावन महीने में शंकर भगवान को प्रत‍िद‍िन नारियल के पानी, सरसों के तेल अथवा तिल के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शिवाष्टाक का पाठ करना चाहिए। इससे जातकों के बिगड़े काम बनेंगे। साथ ही धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। शमी के फूल पूजा में अर्पित करें। शिवजी की कृपा से यह शनि पीड़ा को कम करता है।
:-मीन राशि:- मीन राशि के जातकों को सावन भर भोलेनाथ का केसल मिश्रित जल से जलाभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शंकरजी की पूजा में पंचामृत, दही, दूध और पीले पुष्पों का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही ‘ऊं नमः शिवाय का जप करना चाहिए। शिव चालीसा का पाठ करना भी शुभ रहेगा। इससे लाइफ की सारी टेंशन दूर हो जाती है।
[7/13, 08:01] Morni कृष्ण मेहता: "मन न मेरा, न तेरा
मन तो बस मन।"
"The mind divides itself into subject and object,into the seer and the seen."
मन द्रष्टा बन जाता है,दृश्य बन जाता है।चित्त की अहंवृत्ति द्रष्टा से जुड जाती है और बन जाता है "मैं",अहं।
मैं अपने को शरीर में पाता है तो शुरु हो जाता है "मेरा"।
ये सब उत्पन्न होता है मूल स्रोत में से।
तो इसमें हम कहां हैं?
"हम हैं ही नहीं।"
सारा खेल स्रोत से उत्पन्न मन(अंत:करण)और शरीर के बीच का है।
हमें लगता तो है हम हैं मगर सच यह है कि हम हैं नहीं।मन ही बंधता है,मन ही छूटता है।
मन न तेरा है,न मेरा है।मन ही तेरा मेरा करता है और मन,मन है किसीके स्वामित्व की चीज नहीं।
 लगता है हम हैं तो यही जड चेतन के बीच ग्रंथि है।
जड चेतनहि ग्रंथि परी गई।
जदपि मृषा छूटत कठिनई।।
लगता है हम हैं ग्रंथि रुप ही सही तब भी हम हैं नहीं क्योंकि ग्रंथि जडचेतन के बीच में बनी है।हम कहां से आये यह आयोजन करने?
या फिर यह वही कह सकता है जिसका मोक्ष हो गया।ग्रंथि तिरोहित हो गयी।जड चेतन रह गये अपनी अपनी जगह।तेरा मेरा कर रहा है तो यह मन कर रहा है,तेरामेरा करने के लिए कोई भी है नहीं।
आशय है जडचेतन में ग्रंथि बने,छूटे तब भी हम नहीं हैं,न थे,न कभी होंगे।

यह कोई और खेल चल रहा है।जो है कहें,परम शक्ति कहें वही सब कुछ है उससे भिन्न या अभिन्न कुछ भी नही है।वही सब कुछ है।उसे कोई नाम न दें तो भी चलेगा।
वही है तो कौन,किसे,क्या कहेगा?जो है सो है।
ऐसा नहीं कि यह मैं मेरे लिए लिख रहा हूँ।नहीं।यहां कोई भी कुछ भी नहीं है।जो है वही सब है जड चेतन ग्रंथि।पुरुष प्रकृति।विद्या अविद्या भ्रम भ्रांति सब।अहंकार भी वही है।सुखीदुखी, पीडित, प्रसन्न सब वही।
हम हैं नहीं तो कौन परेशान, कौन दुखी,कौन पीडित चिंतित कोई भी नहीं।

कोई कहे ग्रंथि के तिरोहित होने पर, अहं के न होने पर ही ऐसा कहा जा सकता है तो सब वही है तो अलग से कोई है नहीं जिसके लिये यह कहा जा सके।यही बात समझनी है तब सत्य से भिन्न या अभिन्न "मैं हूँ" भ्रम न रहेगा।

"Only one which exists is real.
What is that only one?
The only one is the Sat, the existence that appears as the world."
"Just as the jewels made of gold have no existence apart from the real gold."

आशय है दूसरा है ही नहीं,केवल परमात्मा ही है,किसी दूसरे की तरह,अन्य की तरह हम हैं नहीं तो कौन शोकमोह करनेवाला हो, दुखी,पीडित, परेशान हो,कौन भयभीत, असहज हो,कौन क्रोधघृणा द्वेष करनेवाला हो?इसके विपरीत निर्भय,निश्चिंत होने के लिये भी कोई भी नहीं है।जो है वही है।
वासुदेव:सर्वम्।
खुशी मनाईये क्योंकि केवल परमात्मा ही है।तो खुशी भी कौन मनाये?जो है वही है,दूसरा न है,न कभी था,न हो सकेगा।
[7/13, 20:48] Morni कृष्ण मेहता: हनुम अष्टोत्तर शत नामावलि
ॐ श्री आञ्जनेयाय नमः
ॐ महावीराय नमः
ॐ हनुमते नमः
ॐ सीतादेवि मुद्राप्रदायकाय नमः
ॐ मारुतात्मजाय नमः
ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः
ॐ अशोकवनिकाच्चेत्रे नमः
ॐ सर्वबन्ध विमोक्त्रे नमः
ॐ रक्षोविध्वंसकारकायनमः
ॐ परविद्वप नमः
ॐ परशौर्य विनाशनाय नमः
ॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः
ॐ परमन्त्र प्रभेवकाय नमः
ॐ सर्वग्रह विनाशिने नमः
ॐ भीमसेन सहायकृते नमः
ॐ सर्वदुःख हराय नमः
ॐ सर्वलोक चारिणे नमः
ॐ मनोजवाय नमः
ॐ पारिजात धृममूलस्धाय नमः
ॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः
ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः
ॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः
ॐ कपीश्वराय नमः
ॐ महाकायाय नमः
ॐ सर्वरोगहराय नमः
ॐ प्रभवे नमः
ॐ बलसिद्धिकराय नमः
ॐ सर्व विद्यासम्पत्र्प वायकाय नमः
ॐ कपिसेना नायकाय नमः
ॐ भविष्यच्चतु राननाय नमः
ॐ कूमार ब्रह्मचारिणे नमः
ॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः
ॐ चञ्चल द्वाल सन्नद्धलम्बमान शिखोज्वलाय नमः
ॐ गन्ध्र्व विद्यातत्वज्ञाय नमः
ॐ महाबलपराक्रमाय नमः
ॐ कारागृह विमोक्त्रे नमः
ॐ शृङ्खल बन्ध विमोचकाय नमः
ॐ सागरोत्तारकाय नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः
ॐ रामदूताय नमः
ॐ प्रतापवते नमः
ॐ वानराय नमः
ॐ केसरिसुताय नमः
ॐ सीताशोक निवारणाय नमः
ॐ अञ्जना गर्भसम्भुताय नमः
ॐ बालर्क सदृशाननाय नमः
ॐ विभीषण प्रियकराय नमः
ॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः
ॐ लक्ष्मण प्राणदात्रे नमः
ॐ वज्रकायाय नमः
ॐ महाद्युतये नमः
ॐ चिरञ्जीविने नमः
ॐ रामभक्ताय नमः
ॐ द्तेत्यकार्य विघातकाय नमः
ॐ अक्षहन्त्रे नमः
ॐ काञ्चनाभाय नमः
ॐ पञ्चवक्त्राय नमः
ॐ महातपसे नमः
ॐ लङ्किणेभञ्जनाय नमः
ॐ गन्धमादन श्तेल नमः
ॐ लङ्कापुर विदाहकाय नमः
ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः
ॐ धीराय नमः
ॐ शूराय नमः
ॐ द्तेत्यकुलान्तकाय नमः
ॐ सुरार्चिताय नमः
ॐ महातेजसे नमः
ॐ राम चूडामणि प्रदाय कामरूपिवे नमः
ॐ श्री पिङ्गलाक्षाय नमः
ॐ नार्धि न्ते नाक नमः
ॐ कबलीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः
ॐ कबलीकृत मार्ताण्ड नमः
ॐ विजितेन्द्रियाय नमः
ॐ रामसुग्रीव सन्दात्रे नमः
ॐ महारावण मर्धनाय नमः
ॐ स्पटिका भाय नमः
ॐ वाग धीशाय नमः
ॐ नव व्याकृति पण्डिताय नमः
ॐ चतुर्भाहवे नमः
ॐ दीनबन्धवे नमः
ॐ महत्मने नमः
ॐ भक्त वत्सलाय नमः
ॐ सञ्जीवन नगा हर्त्रे नमः
ॐ शुचये नमः
ॐ वाग्मिने नमः
ॐ दृढव्रताय नमः
ॐ कालनेमि प्रमधनाय नमः
ॐ हरिमर्कट मर्कटायनमः
ॐ दान्ताय नमः
ॐ शान्ताय नमः
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
ॐ शतकण्ठ मदावहृतेनमः
ॐ योगिने नमः
ॐ रामकधालोलाय नमः
ॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः
ॐ वज्र नखाय नमः
ॐ रुद्रवीर्य समुद्भवाय नमः
ॐ इन्द्र जित्प्र्रहिता मोघब्रह्मस्त्र विनिवार काय नमः
ॐ पार्ध ध्वजाग्र संवासिने नमः
ॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः
ॐ दशबाहवे नमः
ॐ लोकपूज्याय नमः
ॐ जां वत्प्र ति वर्धनाय नमः
ॐ सीत सवेत श्रीरामपाद सेवा दुरन्धराय नम

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