Monday, July 13, 2020

भगवान कृष्ण के साथ राधा का सच / 13072020



राधास्वामी🙏🏻**

**राधास्वामी 13-07 -2020

आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-

 कल से आगे-( 48)

यह बात जगतप्रसिद्ध है कि राधा एक गोपी का नाम था जो कृष्णजी की प्रेमिन थी पर कुछ अनुसंधान करने वालों का मत है कि राधा नाम की कोई गोपी न थी।

ख्वाजा हसन निजामी साहब अपनी 'कृष्णबीती' नामक पुस्तक में लिखते हैं कि राधा नाम की किसी स्त्री का कृष्णजी से संबंध ना था। इसके अतिरिक्त बाबू धीरेंद्रनाथ पाल ने अपनी अंग्रेजी पुस्तक'Shri Krishna,His Life and Teachings'  के पृष्ठ 128 तथा 129  पर पूरी खोज के उपरांत सिद्ध किया है कि राधा नाम की स्त्री का उल्लेख न महाभारत में आया है, ना विष्णु पुराण में, न हरिवंश में, और ना ही श्रीमद्भागवत में।

हाँ, ब्रह्मवैवर्त पुराण के रचयिता ने पहले पहल राधा नाम की गोपी की कथा कल्पित की और पीछे से लोगों ने अपनी काव्योचित उत्प्रेक्षा की सहायता से राधा के प्रेम के संबंध में मनमानी बातें प्रचलित कीं।

 अनुसंधान करने वालों का मत है कि राधा शब्द का अर्थ "आराधना अर्थात पूजा तथा प्रेम करने वाली" है। इस अर्थ के अनुसार प्रत्येक गोपी तथा प्रत्येक कृष्णभक्त इस नाम का अधिकारी हो सकता है।

राधास्वामी मत की पुस्तकों में 'राधा' शब्द का प्रयोग आदिध्वनि ,आदि चैतन्य धार तथा आदिसुरत के लिए किया गया है और जैसा कि आरंभ की 3 कड़ियों से प्रकट है ,इसका न किसी स्त्री के नाम से संबंध है, न किसी कथा वार्ता से

 🙏🏻राधास्वामी🙏🏻

यथार्थ प्रकाश- भाग पहला-

 परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज!**



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