🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 10 जुलाई 2020*
⛅ *दिन - शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)*
⛅ *शक संवत - 1942*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - वर्षा*
⛅ *मास - श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार आषाढ़)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*
⛅ *तिथि - पंचमी सुबह 11:37 तक तत्पश्चात षष्ठी*
⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद 11 जुलाई प्रातः 05:33 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद*
⛅ *योग - सौभाग्य रात्रि 08:18 तक तत्पश्चात शोभन*
⛅ *राहुकाल - सुबह 10:52 से दोपहर 12:32 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:04*
⛅ *सूर्यास्त - 19:23*
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *घर में अन्न भंडार भरपूर रहे उस लिए* 🌷
👉🏻 *जिस दिन कोई भाई और बहने घर में अनाज खरीदकर लाने हो तो लाते लाते ॐ अनंताय नम : ..... ॐ अनंताय नम : ..... ॐ अनंताय नम: मन में जप करें | घर में कभी अन्न की कमी नहीं रहेगी | भंडार भरपूर रहे गुरु का , ईश्वर का |*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *लक्ष्मी के नाराज होने के कारण* 🌷
➡ *१] कमल-पुष्प, बिल्वपत्र को लाँघने अथवा पैरों से कुचलने पर लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती हैं |*
➡ *२] जो निर्वस्त्र होकर स्नान करता है, नदियों, तालाबों के जल में मल-मूत्र त्यागता है उसको लक्ष्मी अपने शत्रु कर्ज के हवाले कर देती हैं |*
➡ *३] जो भूमि या भवन की दीवारों पर अनावश्यक लिखता है, कुत्सित अन्न खाता है उस पर भी लक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं |*
➡ *४] जो पैर से पैर रगडकर धोता है, अतिथियों का सम्मान नहीं करता, याचकों को दुत्कारता है, पशु-पक्षियों को चारा, दाना आदि नहीं डालता है, गाय पर प्रहार करता है ऐसे व्यक्ति को लक्ष्मी तुरंत छोड़ देती हैं |*
➡ *५] जो संध्या के समय घर-प्रतिष्ठान में झाड़ू लगाता है, जो प्रात: एवं संध्याकाल में ईश्वर की आराधना नहीं करता, तुलसी के पौधे की उपेक्षा, अनादर करता है उसको लक्ष्मी उसके दुर्भाग्य के हाथों में सौंप देती हैं |*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *माल बिकता नहीं हो तो* 🌷
➡ *दुकान है माल पड़ा रहता है | बिकता भी नहीं , पड़ा रहता है तो जो माल पड़ा रहता है , उसे दुकान में उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच वायव्य कोण पड़ता है उधर रख दो | तो वायव्य दिशा यानी वायु भगवान् की दिशा है , तो माल वायु वेग से बिकेगा |*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
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