Wednesday, July 8, 2020

शुगर का पक्का इलाज / कृष्ण मेहता




: *किस पेड़ के पत्ते खाने से शुगर की बीमारी ठीक होती है?*


शुगर की बीमारी याने डायबिटीज दो प्रकार की होती है।

*१. टाइप १ या इंसुलिन डिपेंडेंट* (Insulin dependent) जिसमें अग्न्याशय (pancreas) इंसुलिन का निर्माण नहीं कर पाता जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ता है। इसमें बाहर से इंसुलिन देना आवश्यक होता है।

*२. टाइप २ या नॉन इंसुलिन डिपेंडेंट (Non -insulin dependent)* अग्न्याशय (pancreas) इंसुलिन का निर्माण तो करता है पर शरीर कोशिकाये इन्सुलिन को प्रतिसाद या रिस्पांस नहीं देती। इसमें शुरुवात में औषधि और खानपान में योग्य बदलाव से शुगर नियंत्रित हो सकती है।

*हालांकि, दोनों प्रकार की डायबिटीज जड़ से ठीक होना संभव नहीं है ।*

टाइप २ डायबिटीज में कई औषधीयों के उपयोग से रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

*१. आम*


आम की पत्तियों में इंसुलिन उत्पादन और ग्लूकोज के वितरण में सुधार करने की क्षमता होती है। वे रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद कर सकते हैं। आम के पत्ते पेक्टिन, विटामिन सी और फाइबर से भी भरे होते हैं। साथ में वे मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल दोनों के लिए फायदेमंद हैं।

*२. नीम*


नीम की पत्तियां फ्लेवोनोइड्स, ट्राइटरपेनॉयड, एंटी-वायरल यौगिकों और ग्लाइकोसाइड्स से भरी होती हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि रक्त शर्करा के स्तर में कोई अनियंत्रित वृद्धि ना हो।

*३. गुड़मार*


गुड़मार एक बेलनुमा औषधीय लता है जिसके पत्ते मधुमेह के उपचार में लाभकारी है। इसकी पत्ती में जिम्नेमिक एसिड होता है जिसके कारण इन पत्तियों को खाने पर मीठी चीज का स्वाद लगभग एक घंटे तक के लिए समाप्त हो जाता है। यह इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने और अग्न्याशय के आइलेट (pancreas islet cells) कोशिकाओं के पुनर्जनन में मदद करते है। इसके कारण रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद मिलती है।

*४. तुलसी*


तुलसी के पत्ते चबाने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है और डायबिटीज के कारण होनेवाली परेशानियों से भी राहत मिलती है। तुलसी, इंसुलिन के स्राव को बढ़ाती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते है।
[7/8, 07:47] Morni कृष्ण मेहता: आज हम  बिल्वपत्र  के औषधीय उपयोग के बारे में बात करेंगे l
 , जिस बिल्वपत्र को हम शंकर भगवान का प्रिय बोलकर ही जानते हैं,वह औषधीय के गुणों से भी भरपूर है l
1) मधुमेह  के लिए 7 8 बेलपत्र 5 -6  नीम पत्ता , 4-5 पत्ती तुलसी और 4-5 लोंग मिलाकर पीसकर एक कप काढ़ा बनाकर रोज पीने से मधुमेह बहुत जल्दी ठीक हो जाता है
2)ब्लड प्रेशर के लिए रोज 8 10 पत्तियों का रस निकालकर पीने से बहुत जल्दी प्रेशर कंट्रोल में आ जाता है और हर्ट भी मजबूत होता है
 3)बवासीर में पत्तों पीसकर या कच्चे फल के गुड्डे में सौंफ और सुखा अदरक है बराबर मात्रा में मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से बहुत जल्दी बवासीर ठीक हो जाता है
 4)अपेंडिसाइटिस बेल फल का रस  रोजपीने से अपेंडिसाइटिस धीरे धीरे ठीक हो जाती है और ऑपरेशन की जरूरत नहीं रहतीl
 5)पेट के कीड़े बेल पत्तों का रस  कुछ दिनों तक पीने से मर जाते हैं
6) कीड़ा काटने पर उस जगह बेल पत्तों का लेप लगाने से  जलन बहुत जल्दी ठीक होती है
7)कंजेक्टिवाइटिस आने पर इसका रस पत्तों का रस आंख में डालने से बहुत जल्दी ठीक होती है
8)दमा की बीमारी इसके पत्तों का रस पीने से दमा की बीमारी भी बहुत जल्दी ठीक होती है
9) घुटनों के दर्द में इसके पत्तों का गर्म करके घुटनों पर बांधने से बहुत आराम आता है
10) हम सभी जानते हैं बेल के शरबत पीने से पेट में ठंडक रहती है इसी तरह से पत्तों का भी  रस बनाकर पीने से हमारे पेट में ठंडक रहेगी और लू लगने से   भी आराम होगा
 सावन के महीने में हम सभी बेलपत्र शंकर भगवान को मंदिर में चढ़ाएंगे, मेरा आप सब से अनुरोध है भगवान को  बिल्वपत्र पत्र चढ़ानेके बाद उसे प्रसाद के रूप में आप घर पर लाकर औषधीय  प्रयोग करें , वैसे भी आपके चढ़ाने के बाद पंडित जी उसे कूड़ा  मैं ही तो डालेंगेl



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