प्रस्तुति - अरूण यादव
[05/03, 03:10] +91 94162 65214
: *राधास्वामी! 05-03-2020
आज सुबह के सतसंग में पढे गये शब्द-पाठ:-
(1) राधास्वामी नाम सुनाया राधास्वामी। राधास्वामी रुप दिखाया राधास्वामी।। (सारबचन-शब्द-तीसरा,पृ.सं.47) (2) सुरतिया अभय हुई। घट में गुरु दरशन पाय।। गुरु स्वरुप के दरशन कीने। माया काल रहे मुरझाय।।(प्रेमबानी-2,शब्द-81,पृ.सं.199)
🙏🏻राधास्वामी🙏🏻*
: *राधास्वामी!!
05- 03- 2020
आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन-
कल से आगे -(75 )
इंसान मोम या मिट्टी का पूरे कद का आदमी आसानी से तैयार कर सकता है लेकिन असली आदमी बच्चे ही की शक्ल में पैदा होता है और वह भी माता के सख्त तकलीफ उठाने के बाद । ऐसे ही जो जमाअते असली बच्चा पैदा करने का काम अपने जिम्में लेती है उन्हें सख्त तकलीफें उठानी पड़ती है और जो बच्चा वह तैयार करती है वह शुरू में निहायत नाजुक और पस्तकद होता है और बमुकाबले उन लोगों के जो मोम या मिट्टी का आदमी बनाते हैं वह एक अरसा तक घाटे में रहती हैं। लेकिन मोम या मिट्टी का आदमी किस काम का? वह सिवाय इसके कि अपने गिर्द तमाशा देखने वालों की एक भीड़ जमा कर ले और क्या कर सकता है। बर्खिलाफ इसके असली बच्चा हरचंद सख्त तकलीफ के बाद पैदा होता है और अरसे तक नुकसान देता है लेकिन जवान होने पर सैकड़ों काम करता है । चुनांचे सत्संग के जिम्में यही यानी असली बच्चा पैदा करने की सेवा सुपुर्द हुई है इसलिए सत्संग की तरक्की आहिस्ता आहिस्ता ही होगी और हमें अनेक तकलीफें उठानी पड़ेगी और मोम का आदमी तैयार करने वाली जमाअतों के मुकाबले हम एक अर्से तक हेच रहेंगे लेकिन हमारा काम जिंदा व असली होगा और उससे संसार का उपकार होगा । 🙏🏻राधास्वामी 🙏🏻(सत्संग के उपदेश- भाग तीसरा)*
[05/03, 15:09] +91 94162 65214
: *राधास्वामी!!
05-03-2020-
आज शाम के सतसंग में पढे गये पाठ:-
(1) कैसे चलूँ री अधर चढ सुन नगरी।।टेक।। (प्रेमबानी-3,शब्द-3,पृ.सं.-191) (2) सुनकर बिनय नवीन मेहर स्वामी को आई। जीवन के हित अर्थ। बचन यों बोल सुनाई।। बूझत बूझत बूझ पडे महिमा स़ंतन की। जाग उठे बढ भाग लाग चित चरनन की।।(प्रेमबिलास-शब्द-76,पृ.सं.108)
(3) सतसंग के उपदेश-भाग तीहरा।।।
🙏🏻राधास्वामी
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