प्रस्तुति - अरुण - अगम यादव
!! परम पिता पर भरोसा और विश्वास !!||*
एक हवाई जहाज आसमान की ऊंचाइयों पर उड़ रहा था कि अचानक अपना संतुलन खो कर इधर - उधर लहराने लगा,
सभी यात्री अपनी मृत्यु को नज़दीक जानकर डर के मारे चीखने चिल्लाने लगे, सिवाय एक छोटी बच्ची के जो मुस्कुराते हुए चुपचाप अपने खिलौने के साथ खेल रही थी,
कुछ देर बाद हवाई जहाज सकुशल व सुरक्षित ज़मीन पर उतर गया तब यात्रियों ने राहत की साँस ली, एक यात्री ने उत्सुकतावश उस बच्ची से पूछा -
*"बेटा हम सभी डर के मारे काँप रहे थे पर तुमको डर नहीं लग रहा था, ऐसा कयों" ?*
उस बच्ची ने जवाब दिया :
वो इसलिए क्यों की इस प्लेन के *पायलट* मेरे पापा हैं, और मैं जानती थी की मेरे पापा मुझे कुछ नहीं होने देंगें,
*इस बात का मुझे पूरा व पक्का विश्वास है।*
*ठीक इसी तरह का पूरा और पक्का विश्वास हमें अपने परम पिता हुज़ूर राधास्वामी दयाल और परम कृपालु, दयानिधान, दाता दयाल सन्त सतगुरु पर रखना चाहिए की "परिस्थितियाँ कैसी भी हो, चाहे कितनी भी विपरीत हो जाये, वह एक ना एक दिन सब ठीक हो जाएंगी",*
*हमारे सन्त सतगुरु, परम दयाल, कृपा-निधान वो दाताजी हम सभी सत्संगियों में से कभी भी, किसी को भी, कुछ भी नहीं होने देंगे"।*
*बस्स ! केवल*
👉 *भरोसा और विश्वास दृढ़ चाहिए, बाकी सब तरह की सम्हाल करने वाले वे समर्थ दाताजी स्वयँ है।* 🙏🙏
🙏🙏🙏 *राधास्वामी* 🙏🙏🙏
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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