**राधास्वामी!! 17-04 -2020- आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन- कल से आगे -(110 ) राधास्वामी मत में इस बात पर बहुत जोर दिया जाता है कि मनुष्य शरीर बड़ा दुर्लभ और बेशकीमती है और बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। वजह यह है कि इस शरीर की मार्फत अगर जीव चाहे तो नीचे से नीचे दर्जे में उतर कर सकता है और अगर चाहे तो ऊंचे से ऊंचे मुकाम पर पहुंच सकता है यानी उसके लिए मौका है कि चाहे पशु, पक्षी, वनस्पति वगैरह योनियों से हो कर जड़ खान में उतर जाए या देवता, हंस, परमहंस की गति प्राप्त करके सच्चे मालिक से मिलकर तदरूप हो जाए। ऐसा दुर्लभ और बेशकीमती शरीर पाकर अगर लोग उससे सिर्फ हैवानी ख्वाहिशे पूरी करने का काम ले तो यह ऐसा ही है जैसे कि कोई हीरे जवाहरात या पारस पत्थर से तेल तौलने का काम ले। हर मनुष्य को चाहिए कि अपने शरीर का मुनासिब इस्तेमाल करके ऊंची से ऊंची रूहानी गति हासिल करें । मनुष्य जन्म सफल करने का यही तरीका है।। 🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻 सत्संग के उपदेश- भाग तीसरा**
Friday, April 17, 2020
शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन
**राधास्वामी!! 17-04 -2020- आज शाम के सत्संग में पढ़ा गया बचन- कल से आगे -(110 ) राधास्वामी मत में इस बात पर बहुत जोर दिया जाता है कि मनुष्य शरीर बड़ा दुर्लभ और बेशकीमती है और बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। वजह यह है कि इस शरीर की मार्फत अगर जीव चाहे तो नीचे से नीचे दर्जे में उतर कर सकता है और अगर चाहे तो ऊंचे से ऊंचे मुकाम पर पहुंच सकता है यानी उसके लिए मौका है कि चाहे पशु, पक्षी, वनस्पति वगैरह योनियों से हो कर जड़ खान में उतर जाए या देवता, हंस, परमहंस की गति प्राप्त करके सच्चे मालिक से मिलकर तदरूप हो जाए। ऐसा दुर्लभ और बेशकीमती शरीर पाकर अगर लोग उससे सिर्फ हैवानी ख्वाहिशे पूरी करने का काम ले तो यह ऐसा ही है जैसे कि कोई हीरे जवाहरात या पारस पत्थर से तेल तौलने का काम ले। हर मनुष्य को चाहिए कि अपने शरीर का मुनासिब इस्तेमाल करके ऊंची से ऊंची रूहानी गति हासिल करें । मनुष्य जन्म सफल करने का यही तरीका है।। 🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻 सत्संग के उपदेश- भाग तीसरा**
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