**परम गुरु हुजूर साहबजी महाराज
-रोजाना वाकिआत- 26 नवंबर 1932- शनिवार-
कोटा के जिज्ञासु भाई के लिए सुबह कॉरेस्पोंडेंस में गीता के दो और श्लोकों के मानी बयान किये। बातचीत के बीच में ज्ञात हुआ कि महाराजा कोटा भी गीता के प्रेमी है और रियासत में बहुत से अहलकार गीता के उपदेशों में दिलचस्पी लेते हैं।
रूस ने अव्वल कृषि के मुतअल्लिक पंचवर्षीय प्रोग्राम बनाया और उसमें किसी कदर कामयाब होकर इंसान को परेशानी में डाला। उसके बाद उद्योग का पंचवर्षीय योजना प्रोग्राम शुरू किया और उसमें किसी कदर कामयाब होकर दुनिया को परेशान कर रहा है ।
अब खुदा वह मजहब के खिलाफ पंचवर्षीय प्रोग्राम बनाकर खुदा और मजहब को धमका रहा है। बकौल मॉर्निंग पोस्ट प्रोग्राम हस्ब जैल है- मई सन 1937 तक क्षेत्र रूसिया के अंदर कोई पूजा स्थल ना रहेगी हो न किसी के जेहन में खुदा का ख्याल बाकी रहेगा। क्योंकि इन दोनों ने गरीब मजदूरों पर मिडल एज्स मध्य युग के वक्त से अब तक बराबर जुल्म ही किया है ।
पहले साल के अंदर तमाम मजहबी विद्यालय बंद कर दी जाएगी और मजहबी तालीम देने वालों के हर किस्म के एलाउंस बंद कर दिए जाएंगे । न उन्हें खाना मिलेगा न दूसरी जीवन की आवश्यकता है।
और रूस के तमाम बड़े शहरों के गिरजाघर और हर मजहब के इबादत खाने मई सन 1934 तक बंद कर दिए जाएंगे। और आइंदा साल शहर शहर गांव गांव घर घर के अंदर खुदा के खिलाफ जेहाद उपस्थित किया जाएगा और जनसाधारण के दिलों में खुदा के मुतअल्लिक रीजनल अनबिलिफ माकूल और अविश्वास पैदा करने की कोशिश की जाएगी ।
और प्रोग्राम के बकिया सालों में गिरजाघरों और दुकानों व कल्बों, तस्वीरखानों वगैरह में तब्दील करके खुदा व मजहब का मुल्क के अंदर से नामो निशान मिटा दिया जायेगा।।
क्या हम बीसवीं सदी की बातें पढ़ रहे हैं यह कश्यप के जमाने के ख्वाब देख रहे हैं। मालूम होता है कि इसी बहाने से मालिक मजबूर होकर इंसानों पर गहरी दया पर फरमावेगा।.
🙏🏻 राधास्वामी🙏🏻**
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