*सबकुछ गुरु जी की इच्छा से ही होता है,सँसार में जो कुछ भी घटित हो रहा है सब उनकी लीला का अंश है,इसलिए तुम क्यों इतना सोचते हो,उनकी मर्जी के बिना एक पत्ता हिल नहीं सकता,एक पत्ता वृक्ष से अलग नहीं हो सकता, गुरु जी(मालिक)की रजा(हुकुम)में रहना सीख लो,तब तुम्हें दुःख नही सताएगा,उनके खेल निराले हैं,करने कराने वाला वोही सर्वशक्तिमान है,उसी के हाथ में जगत की डोरी है*
*जय गुरु जी👏*
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