Thursday, April 9, 2020

मेरे प्यारे राधास्वामी हैं रखवाले



क्यों सोच करे मन मेरे, प्यारे  राधास्वामी हैं रखवारे ।
चल सतगुरू के आधारे, बच जाय काल की धारें ।।टेर।।

क्या देही तेने सम्हाली, जब लटकी गर्भ की नाली ।
वहाँ किसने किया ख़्याली, जब कोई न था आधारे (1)

जब बाहर में तू  आया, माता  ने दूध पिलाया ।
स्तन के आधार जिलाया, तब कहो तुम्हें कौन सम्हारे (2)

तन बने पृथ्वी जल अग्नि,वायु आकाश में मंगनी ।
ये मिले हैं क्या तोहिं मेंगनी,
                            उस कर्ता को ले सम्हारे (3)

श्रुत चेतन सत्त की धारा, तू चलता उसके आधारा ।
तेरी देही हो जाय ख़्वारा, जो मिले न एक आधारे (4)

है राधास्वामी सत करतारा, दृढ़ निश्चय लेना धारा ।
अन्तर  कर  लेना  प्यारा, हो  जावे  बेड़ा पारे (5)

                     °राधास्वामी"                         
राधास्वामी प्रीति बानी 5-38

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