प्रस्तुति - सपन कुमार
*आपने जैसे ही सोच लिया कि आज से मैं 2:30 घंटे भजन-सिमरन करूँगा , तो काल भी उधर सतर्क हो जाता है। काल बहुत बड़ी जबरदस्त ताकत है , काल के घर में जैसे आग लग जाती है , वो दस तरह के जाल फेकेगा की ये रूह दयाल के पास ना जाये ।*
*पर सन्त कहते हैं कीर
आपको कुछ नहीं सोचना है , बस अपनी असली सेवा में बैठे रहना है , चाहे मन लगे लगे , ना लगे ना लगे , दयाल खुद ही निपटेगा उस शक्ति से हमारा काम है बैठना । ।*
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