प्रस्तुति - कृष्ण मेहता
*🍎प्रार्थना में शक्ति🍎*
*एक वृद्ध महिला एक सब्जी की दुकान पर जाती है, उसके पास सब्जी खरीदने के पैसे नहीं होते है।*
*वो दुकानदार से प्रार्थना करती है कि उसे सब्जी उधार दे दे पर दुकानदार मना कर देता है।*
*उसके बार-बार आग्रह करने पर दुकानदार खीज कर कहता है, तुम्हारे पास कुछ ऐसा है , जिसकी कोई कीमत हो , तो उसे इस तराजू पर रख दो, मैं उसके वज़न के बराबर सब्जी तुम्हे दे दूंगा।*
*वृद्ध महिला कुछ देर सोच में पड़ जाती है। क्योंकि, उसके पास ऐसा कुछ भी नहीं था।*
*कुछ देर सोचने के बाद वह, एक मुड़ा-तुड़ा कागज़ का टुकड़ा निकलती है और उस पर कुछ लिख कर तराजू पर रख देती है।*
*दुकानदार ये देख कर हंसने लगता है।*
*फिर भी वह थोड़ी सब्जी उठाकर तराजू पर रखता है।*
*आश्चर्य...!!!*
*कागज़ वाला पलड़ा नीचे रहता है और सब्जी वाला ऊपर उठ जाता है।*
*इस तरह वो और सब्जी रखता जाता है, पर कागज़ वाला पलड़ा नीचे नहीं होता।*
*तंग आकर दुकानदार उस कागज़ को उठा कर पढता है और हैरान रह जाता है ।*
*📝 कागज़ पर लिखा था...''हे श्री ईश्वर, तुम सर्वज्ञ हो, अब सब कुछ तुम्हारे हाथ में है''..👏🏻👏🏻*
*दुकानदार को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था।*
*वो उतनी सब्जी वृद्ध महिला को दे देता है।*
*पास खड़ा एक अन्य ग्राहक दुकानदार को समझाता है, कि भाई, आश्चर्य मत करो।*
*केवल ईश्वर ही जानते हैं की प्रार्थना का क्या मोल होता है?*
*वास्तव में प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है। चाहे वो एक घंटे की ही हो या एक मिनट की।*
*यदि सच्चे मन से की जाये, तो ईश्वर अवश्य सहायता करते हैं..❗❗*
*अक्सर लोगों के पास ये बहाना होता है, कि हमारे पास वक्त नहीं।*
*मगर सच तो यह है कि ईश्वर को याद करने का कोई समय नहीं होता...❗❗*
*🔹🔹प्रार्थना के द्वारा मन के विकार दूर हो जाते हैं, और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।*
*🔸🔸जीवन की कठिनाइयों का सामना करने का बल मिलता है।*
*🔹🔹ज़रूरी नहीं कि कुछ मांगने के लिए ही प्रार्थना की जाये।*
*🔸जो हमारे पास है, हमें उसका धन्यवाद करना चाहिए।*
*🔸इससे हमारे अन्दर का अहम् नष्ट होगा और कहीं अधिक समर्थ व्यक्तित्व का निर्माण होगा।*
*🔸प्रार्थना करते समय मन को ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध घृणा जैसे विकारों से मुक्त रखना चाहिए।*
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*जिंदगी* संभालती रही हमें
उम्र भर *दो पैरों* पर
*मौत* के *नख़रे* तो देखिए
आते ही *चार कंधे* मांगती है ।
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